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भारतीय मजदूर संघ 18 नवंबर को महारैली का आयोजन करेगा

बाड़मेर। भारतीय मजदूर संघ की 18 नवंबर की महारैली के रूप में राजस्थान सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष विजय सिंह चौहान ए...

बाड़मेर। भारतीय मजदूर संघ की 18 नवंबर की महारैली के रूप में राजस्थान सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष विजय सिंह चौहान एवं महामंत्री दीनानाथ रूंथला के नेतृत्व में सभी जिलों से आये हुए श्रमिक रामनिवास बाग जयपुर में एकत्रित होकर रैली के रूप में प्रातः 11:30 बजे एम आई रोड से सरदार पटेल मार्ग होते हुए चोमू हाउस चौराहे से सिविल लाइन फाटक पहुंचकर विशाल धरना प्रदर्शन करेगी जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री भारतीय मजदूर संघ माननीय बृजेश उपाध्याय रैली को संबोधित करेंगे।

महामंत्री दीनानाथ रूंथला ने बताया कि प्रदेश की राजनीति और राजनेता बदल गए जनकल्याणकारी शासन अब स्व कल्याण में जुटा हुआ हैं प्रदेश में शासन अधिकार एवं शक्ति एक व्यक्ति केंद्रित हो गई है सेवा का व्यवसाीकरण हो रहा है। शिक्षा चिकित्सा सहित परिवहन, विद्युत, जलदाय, खनन, आदि सभी विभागों में निजीकरण की लहर चल रही है पूरे प्रदेश में विभिन्न माफिया समुह सक्रिय हैं के लिए हैं। निजी क्षेत्र के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र में भी श्रमिक शोषण ज्यादा बढ़ रहे हैं स्कीम वर्कर्स आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहयोगिनी, आशा कर्मी, ग्राम साथिन एवं मिल डे मिल वर्कर्स के मानदेय में आङ में सरकार ने न्यूनतम वेतन देने से बच रही है स्कीम वर्कर्स को श्रमिक मानने न्यूनतम वेतन भुगतान करने  सामाजिक सुरक्षा pF,esiएवं ग्रेच्युटी का अधिक लाभ देने में प्रदेशों के उच्च न्यायालयों के आदेश की पालना नहीं की जा रही है। श्रम मे कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधन पारित होने से श्रमिकों के लिए बंधुआ मजदूर जैसी स्थिति पैदा हो रही। राजस्थान प्रदेश में वर्तमान सरकार की सभी नीतियां प्रारंभ से ही श्रमिक विरोधी हैं, वर्तमान राज्य सरकार से सबसे पहले श्रम कानूनों में संशोधन कर श्रमिक अधिकार में कटौती तथा उद्योगपतियों को सभी दायित्वों से मुक्त करने की कार्रवाई की है परिवहन विभाग, विद्युत विभाग  जलदाय विभाग जैसे बड़े विभागों में भी निजीकरण का दौर चालू है। रोडवेज बस अड्डा से बाहर तो सरकार ने पहले से ही निजी अवैध वाहनों का संचालन की छूट दे रखी है सरकार निजी वाहनों को रोडवेज बस अड्डों के अंदर से संचालित करने पर अड़ी हैं रिफार्म एजेंडा के नाम पर रोडवेज का प्रत्येक निर्णय सरकार के हाथ में है परंतु घाटे के लिए सरकार रोडवेज को दोषी बताती हैं। विद्युत में घाटे का प्रमुख कारण विद्युत की चोरी को प्रभावी रोकथाम ना होना सरकार अपने वोट बैंक के खातिर विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही से बचती हैं। जलदाय विभाग में तो पहले से ही अधिकतर कार्य ठेकेदारों के माध्यम से होता था अब जल वितरण भी निजी हाथों में देने की योजना है। राज्य सरकार शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, जलदाय विभाग, पर्यटन एवं खनन जैसे सभी विभाग निजी क्षेत्र को देने के लिए सरकार आमदा है स्कीम वर्कर्स जो आंगनवाड़ी, ग्राम साथिन, सहयोगिनी आशाकर्मी, एव मीड डे मील वर्करों को न्यूनतम वेतन देना तो दूर, राज्य सरकार ने पिछले 3 वर्ष से मानदेय में भी कोई वृद्धि नहीं की है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिक पूरी तरह से उपेक्षित है, सामाजिक सुरक्षा जैसी कोई व्यवस्था प्रदेश में लागू नहीं है, निर्माण श्रमिक कल्याण कोष में जमा राशि ब्याज के बराबर की राशि में भी कल्याणकारी योजनाओं में व्यय नहीं हो रही है राज्य सरकार ने प्रतिवर्ष 15 लाख नए रोजगार के अवसर सर्जन करने का चुनावी वादा किया था, जब की अब तक मात्र दो लाख रोजगार का सृजन किया हुआ है  इससे अधिक तो सेवानिवृत्त हुए लोगों की संख्याहै। सार्वजनिक बैंकों का बैड डेट्स जो लाखों करोड़ों का है वह निजी क्षेत्र का ही है, सरकार जनता को यह बताइए कि देश में अब तक कितना एफडीआई आया तथा इसके एवज में कितना धन देश से बाहर गया 
भारतीय मजदूर संघ में वर्तमान प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के विरोध में 18 नवंबर 2016 शुक्रवार को जयपुर में महारैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पहले सभी जिलों में श्रमिक सम्मेलन आयोजित होंगे भारतीय मजदूर संघ से संबंधित सभी यूनियनों के कार्यकर्ताओं से यह अपील है कि इन सभी जिला सम्मेलनों में भाग लेकर राज्य सरकार की गलत नीतियों के विषय को ठीक से समझें तथा पूरे प्रदेश में श्रमिक वर्ग व जनता को इस से परिचित कराना है। 
भारतीय मजदूर संघ ने अपील की है कि 18 नवंबर 2016 के विरोध प्रदर्शन में एक लाख श्रमिकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को आज से कमर कसनी होगी, हमारी बड़ी संख्या बल के प्रदर्शन से ही प्रदेश की सरकार अपनी कार्यशैली को बदलने के लिए बाध्य होगी, कुल मतदाताओं में से 80 प्रतिशत मतदाता श्रमिक क्षेत्र से हैं।
राज्य सरकार को उद्योग पतियों के चंगुल से निकलकर जनकल्याणकारी बनाने की शक्ति केवल मजदूर में है। विरोध प्रदर्शन में निर्णायक शक्ति को दिखाएं, 18 नवंबर 2016 को महारैली में पधारकर इस रैली को सफल बनाएं।

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