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परिवार की ख़राब हालत के चलते,8 सालों से बेड़ियों में जकड़ा भगवान

रिपोर्टर @ गणेश जैन जैसलमेर /फलसूण्ड। ग्राम पंचायत मानासर के राजस्व गांव नेतासर गांव मे कहिरा कुमावत की ढाणी में 8 सालो से एक किशोर सर्दी...

रिपोर्टर @ गणेश जैन
जैसलमेर /फलसूण्ड। ग्राम पंचायत मानासर के राजस्व गांव नेतासर गांव मे कहिरा कुमावत की ढाणी में 8 सालो से एक किशोर सर्दी हो या गर्मी बरसात हर मौसम में घर के बाहर पेड़ से बंधा हुआ रहता है। मानसिक रूप से पीड़ीत इस युवक के इलाज के लिये पिता ने जितना अपने से हुआ इतना खर्च करके इलाज करवाया लेकिन रूपये खत्म हो गये और पुत्र का इलाज नही हो पाया। अधेड़ पिता को मजबूर होकर अपने पुत्र को पेड़ से बांधकर रखना पड़ता है। एक ओर सरकार के द्वारा लाखो करोड़ों रूपये खर्च करके दिव्यागों के लिये योजनाऐ चलाई जा रही हैं तो दूसरी तरफ एक गरीब किसान अपने जवान बेटे को अपने परिवार की आर्थिक हालत के चलते पेड़ से बांधने को मजबूर है।
मानसिक पीड़ित अपने बेटे को देखती मां

बुजुर्ग पिता की आँखों के सामने जवान बेटा जंजीरों में
जैसलमेर के भणियाणा तहसिल के ग्राम पंचायत मानासर के राजस्व गांव नेतासर के निवासी अमानाराम प्रजापत कहिरा कुमावत की ढाणी का रहने वाले 45 वर्षीय अधेड़ की आँखों के मात्र तारे किशोर अवस्था में अपने पुत्र भगवानाराम को अपने घर के आगे बंधा हुआ देख के आँखे आँसुओं से भर आती है। 


ताकि कोई आगे आए

अमानाराम की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से जुकाम बुखार के इलाज के लिए रूपये जुटाना भी टेढी खीर हो चुकी हैं ऐसे में अपने पुत्र के मानसिक रोग को ठीक करवाने के लिये हजारो रूपये जुटाना असंभव है। दो कदम गांव की और न्यूज़ की टीम को सोमवार को जब इस मामले की जानकारी मिली तो समाचार के माध्यम से इस मामले को आमजन के सामने की लाने की कोशिश की है। इस समाचार से प्रशासन या कोई दानदाता या संस्था इस मानसिक रूप से पीड़ीत के  इलाज के लिये आगे आकर पेड़ से इस बंधन को मुक्ति दिला सके । किशोर अवस्था का हो चूका भगवानाराम पिछले  8 साल से अपने घर के आगे पेड़ से बंधा हुआ है। कुछ साल पहले पिता भगवानाराम को जोधपुर के मथूरादा माथुर अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गये थे लेकिन रूपये खत्म होने पर अपने पुत्र को घर लेकर आ गये। पिता अपने पुत्र को छोड़ करके कही बाहर भी नही जा सकता है। रस्सी से आजाद करके पुत्र को खुला भी नही छोड़ सकता है।

इनका कहना
मेरी अब ऐसी ऐसी हालत नही हैं कि में अपने पुत्र का इलाज करवा सकू। इसलिये थक हारके अपने दिल पर पत्थर रख करके पुत्र को पेड़ से बाध करके रखा है। खुला नही रख सकते है क्योकि इसकी मानसिक स्थिति सही नही है।
अमानाराम,पीड़ीत भगवानाराम के पिता उपखंड पोकरण ग्राम पंचायत मानासर के राजस्व गांव नेतासर गांव मे घर की चारदीवारी मे बंधा हुआ मानसिक रूप से विक्षिप्त किशोर भगवानाराम आज 25 साल का है।

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