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जालोर,कवराड़ा सरपंच चम्पालाल सेन पर जानलेवा हमला

रिपोर्ट @ पृथ्वीराज गोयल जालोर/आहोर। पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कवराड़ा के सरपंच चम्पालाल सेन पर रविवार की रात्रि में जानलेवा हमला हुआ है...

रिपोर्ट @ पृथ्वीराज गोयल
जालोर/आहोर। पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कवराड़ा के सरपंच चम्पालाल सेन पर रविवार की रात्रि में जानलेवा हमला हुआ है। असामाजिक तत्वों द्वारा हुए इस कुत्सित प्रयास में सरपंच सेन को काफी गहरी चोटें आई है। अभी सरपंच सेन की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात्रि में करीब आठ बजे सरपंच चम्पालाल सेन अपनी मोटरसाइकिल पर अपने घर की ओर लौट रहे थे। इस दौरान बीच गली में एक स्कार्पियों में पहले से घात लगाकर बैठे आठ-दस बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से सरपंच सेन मोटरसाइकिल सहित नीचे गिर गये। फिर हमलावरों ने ताबड़तोड़ हमले में उन्हें गहरा जख्मी कर दिया। सरपंच सेन लाठी व हथियारों से लैस आठ-दस असामाजिक तत्वों से लड़ते हुए किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल हो गये। सूत्रों ने बताया कि सरपंच ने गांव में ही किसी के घर में शरण ली तो हमलावर वहाँ भी पहुँच गये। बीच-बचाव करने आई एक वृद्ध माता को भी इस हमले का शिकार होकर अपनी एक फ्रैक्चर का दर्द भुगतना पड़ा। वहीं एक लकवाग्रस्त आदमी के भी चोटें आने की अपुष्ट खबर सामने आ रही है। रात्रि में करीब एक बजे के करीब परिजन एक गाड़ी में डालकर सरपंच सेन को तखतगढ़ लेकर गये। तखतगढ़ में मेडिकल व्यवसायी व समाजबंधु रमेश कुमार राठौड़ की मौजूदगी में प्राथमिक चिकित्सा के बाद सरपंच सेन को अहमदाबाद के लिए हायर सेंटर में रैफर कर दिया गया। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रात: समय में सरपंच का सीटी स्केन व अन्य जाँच हो गई है। प्रात: करीब दस बजे तक जाँचों का परिणाम आना बाकि था। सरपंच के हाथ व पैरों में करीब आठ से नौ फ्रैक्चर होने की आशंका जताई जा रही है। सभी की दुआ से सरपंच सेन की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
शुरू से ही विवादों से रहा नाता
कवराड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद पर निर्वाचित होने के बाद से सरपंच सेन का विवादों से गहरा नाता रहा है। असामाजिक तत्वों से उनकी नहीं पटती। लिहाजा सरपंच को परेशान करने के लिए कई बार नित नये हथकण्डे अपनाएं जाते रहे है। कभी महिला ग्रामसेवक द्वारा उनके विरूद्ध प्रताडऩा का मामला दर्ज करवाया जाता है तो कभी एक खास बिरादरी के लोगों द्वारा उनके विरोध में धरना प्रदर्शन किया जाता है। सरपंच सेन शुरू से ही तानाशाही के प्रखर विरोधी और सत्य के साथ रहे है।

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