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एक राजस्थानी जागरुक युवा की व्यथा

लोक प्रशासन विषय के साथ मैने सिविल सेवा दिया अंतत: असफल रहा , वर्तमान में खुद का व्यवसाय देख रहा हुँ । राजस्थान के शासन -प्रशासन को पिछले 1...

लोक प्रशासन विषय के साथ मैने सिविल सेवा दिया अंतत: असफल रहा , वर्तमान में खुद का व्यवसाय देख रहा हुँ ।
राजस्थान के शासन -प्रशासन को पिछले 10 वर्षों से बहुत बारीकी से देख रहा हुँ। लोक प्रशासन विषय होने के कारण भी इसकी बारिकियाँ एंव मापदंड , ज़मीनी हक़ीक़त समझने का प्रयास किया । पर जो ज़मीनी हक़ीक़त राजस्थान  की शासन -प्रशासन की देखता हुँ तो यह हमेशा विचार मन में आया कि यदि सिविल में चयन होता है तो किसी एेसे प्रदेश में जाने की सोचता जहाँ पक्षपात नही हो। लोक प्रशासन में डीएम , एस.पी के कार्य प्रणाली एक टापिक है ।
मैं रहने वाला सीकर का हुँ मेने पता किया तो पाया की -

१. एस.पी सीकर अखिलेश जी उत्तर प्रदेश कैडर के आई.पी.एस है इनका कार्य औसत से भी ख़राब है पर ये यहाँ एस.पी है । क्या राजस्थान में अच्छे आई.पी.एस नही है । जहाँ तक मेरी जानकारी है पंकज चौधरी को सरकार ने पिछले दो वर्षों से गलत ढंग से जिले से बाहर रखा है । इस अधिकारी की क़ाबिलियत को पुरा देश जानता है पर यहां की व्यवस्था
कुछ अलग है ?

२. आज राजस्थान के सभी जिलो को देखे तो से पायेंगे आधे से अधिक पर प्रमोटी अधिकारियो का क़ब्ज़ा है । नीति के अंतर्गत ३३ प्रतिशत प्रमोटी का कोटा होता है पर यहाँ की व्यवस्था अलग है ?

३. अधिकतर भ्रष्ट , जुगाड़ में माहिर अधिकारी फ़ील्ड में है । लोक प्रशासन में एेसे महापुरुषों पर विस्तार से वर्णन है ।पर यहाँ की व्यवस्था अलग है ?

४. जनता का भला चाहने वाले अधिकारियों को प्रायः मुख्य धारा ले अलग रखा जाता है एंव कमाऊ पुतों को मनचाही जगह लगाया जाता है ताकि वे जनता का खुन चुस कर अपने मसीहाओं को दे सके और अपनी कुर्सी सुरक्षित रख सकें ।
५. यदि मैं सफल हो जाता और राजस्थान की इस दरबारी चाटुकारिता , चापलुसी के मध्य कार्य करता तो निश्चित तौर पर लोक प्रशासन के अंतर्गत डीएम , एस.पी के इस व्यवहारिक धरातल आधार पर आँसु बहाने के सिवाय कुछ नही करता और भविष्य के लेखकों से लोक प्रशासन विषय को आज के डीएम , एसपी  के द्वारा मन मारकर , ज़मीर मारकर , स्वाभिमान बेचकर , बेशर्मी से जनता की सेवा करने का कुप्रशासन एंव कुप्रयास पर लिखने को बोलता और कुछ किताबें मैं भी लिख देता ।

एक जागरुक राजस्थानी 
जय जय राजस्थान 

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