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फलसुण्ड।चार दिन से बैंक व एटीएम में पैसा नहीं,ग्रामीण हो रहे परेशान

रिपोर्टर @ गणेश जैन -आज मंगलवार को भी बैंक मे पुरे दिन केश कम मिलने के कारण ग्रामीण हुए परेशान बैंक के आगे कतारों में लगे ग्रामीण ...

रिपोर्टर @ गणेश जैन

-आज मंगलवार को भी बैंक मे पुरे दिन केश कम मिलने के कारण ग्रामीण हुए परेशान

बैंक के आगे कतारों में लगे ग्रामीण
जैसलमेर/फलसुण्ड। कस्बे में पिछले एक सप्ताह से कैश की कमी के कारण हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन लोगों ने जैसे तैसे करके सप्ताह भर तो यह समझकर निकाल लिया की सोमवार या मंगलवार तक पैसे मिल जायेंगे लेकिन सोमवार को भी खाली हाथ रहे लोगों को आज मंगलवार के दिन भी परेशान होकर बिना नकदी के घर लौटना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फलसूण्ड सहित आस पास के एक दर्जनो गांवों के ग्रामीण लोगों को नोट बंदी के बाद से लगातार पैसे की किल्लत का सामना करना पड़ रहा हैं।


बैंक के बाहर लग़ी ग्रामीण महिलाओं की कतार
आज नहीं तो कल मिलेगा
सोमवार को खाली हाथ लौटे लोगों ने कहा कि आज नहीं मिला तो क्या कल मिलेगा। लोगों ने आज मंगलवार को सुबह आठ से शाम पांच बजे तक एस बी बी जे बैंक व एटीएम के बाहर लम्बी लम्बी कतारों में नगदी के लिए अपनी बारी का इंतज़ार किया। मगर कई लोगों के चहरे पर खुशी नजर आ रही थी तो कईयों के चेहरें पर मायूसी साफ झलक रही थी। कस्बे की बैंक के आगे महिलाओं की भी लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई है नजर आ रही थी। लोगों का कहना हैं कि आवश्यकता के अनुरूप केश नही मिल रहा है।


फलसुण्ड एटीएम के बाहर लग़ी भारी भीड़
दो दिन की छुट्टी भी पड़ी भारी
शनिवार व रविवार को दो दिन बैंको कि छुट्टी के कारण लोगों ने सोमवार को बैंक खुलने से पहले ही लाइने लगानी शुरू कर दी मगर सोमवार के दिन भी आमजन को परेशानी से जुझना पड़ा था। आज मंगलवार को बैंक खुलने के बावजूद हजारों लोगों को केश कि कमी के कारण परेशान होकर बिना नकदी के घर लौटना पड़ा।


मौके का फायदा उठाते हैं कई लोग
इस समय पैसों की किल्लत में कई लोग मौके का फायदा उठाते नज़र आ रहे हैं। फलसुण्ड ग्राम पंचायत सहित भिखोड़ाई, राजमथाई, धोलासर, लोंगासर, सुभाषनगर, हरियासर, नेतासर,भणियाना सहित ऐसे कई गांव हैं जहाँ किराणा व रोजमर्रा के सामान बैचने वाले दुकानदार लोगो से फायदा उठाते दिख रहे हैं। कई लोग बताते हैं कि एक हजार रूपये का नोट आठ सौ व पांच सौ रुपये का नोट चार सौ में देकर रोजमर्रा कि सामग्री खरीदनी पड़ रही हैं।


कम पैसों में ले रहे हैं पुराने नोट
नोट बंदी के बावजूद फलसूण्ड गांव के आसपास ढाणियो में पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट दुकानदार धड़ल्ले से ले रहे है। वही अपने कई वर्षो से बकाया पड़ा भुगतान भी पुराने नोटों से ही ले रहे है।


पुराने नोट तो लेते हैं मगर दस का सिक्का नहीं लेते
कई दुकानदार पुराने नोट तो ले रहे है मगर दस रुपये के सिक्के नही ले रहे है। इन दस के सिक्कों के कारण कई बार दुकानदारो व आम लोगो के बिच विवाद भी हो जाता है।


दुगनी किमत वसूलने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं
किराणा व रोजमर्रा का सामान भी दुगुनी कीमत पर कई दुकानदार बेचते नज़र आ रहे हैं। अगर जिला प्रशासन ने समय रहते ऐसे लोगों पर कार्यवाही नही कि तो आमजन नोट बंदी के कारण लुटता व परेशान होता रहेगा। इस समय लाइन में लगे और बूढ़े बीमार लोगो की बैंको मे पैसे नही मिलने के कारण हालत दिन ब दिन खराब होती जा रही है।

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