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इस डंक का नहीं कोई इलाज, प्रशासन की नाक तले जारी है डोडा-पोस्त का अवैध कारोबार

रिपोर्टर @ गणेश जैन जैसलमेर/फलसूण्ड। सरकारी कागजों में तो राज्य में डोडा-पोस्त की बिक्री बंद हो चुकी है, इसके बावजूद हर जगह यह जहर उपलब्ध ह...

रिपोर्टर @ गणेश जैन
जैसलमेर/फलसूण्ड। सरकारी कागजों में तो राज्य में डोडा-पोस्त की बिक्री बंद हो चुकी है, इसके बावजूद हर जगह यह जहर उपलब्ध हो जाएगा। बशर्ते आपकी जेब 500 की जगह 3500 रुपए देने के लिए तैयार हो। जो डोडा पोस्त एक साल पहले तक सरकारी खरीद केन्द्रों पर 500 से 700 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वही अब कालाबाजार में 3000 से 4000 रुपए प्रति किलो मिल रहा है।

इस नशे के अवैध कारोबार को लेकर पेश है एक रिपोर्ट
जब हमने पूछा कि यह सब कहां से लाते हो, तो कहने लगे, आप तो पीओ। ज्यादा जरूरत है, तो पाव भर का 1000 रुपए दे दो। । इसके अलावा गांव  में कई जगहों पर डोडा अवैध रूप से खरीदा व बेचा जा रहा है।
आबकारी  पुलिस विभाग  नहीं करता कार्रवाई

डोडा पोस्त की बिक्री बंद हो चुकी है। इसके बावजूद गांव  में आसानी से डोडा पोस्त या उसका घोल मिल जाता है। वह भी फोन पर। डोडा पोस्त पर रोक के बावजूद इसका खुलेआम बिकना और सेवन कई सवाल खड़े करता है। आज तक ऐसे घोल की बिक्री और सेवन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

गांव  में पुलिस की अनदेखी के कारण  डोडा पोस्त की अवैध बिक्री की जा रही है। इसके चलते युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में फंसता चला जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से मादक पदार्थों की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है।

यहां लेते हैं सबसे ज्यादा
राज्य सरकार को डोडा पोस्त से 98 करोड़ रुपए की सालाना आय हो रही थी, जबकि यह कारोबार 1000 करोड़ रुपए से अधिक का है। प्रदेश में डोडा पोस्त की बिक्री वित्त वर्ष 2014-15 में ही बंद होनी थी, लेकिन राज्य सरकार के आग्रह पर केन्द्र ने एक साल अवधि बढ़ा दी थी। यह 2016 में 31 मार्च को पूरी हो गई।

हालांकि डोडा पोस्त की लत छुड़ाने के लिए चिकित्सा विभाग आबकारी विभाग के सहयोग से नया सवेरा कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इसमें शिविर लगाकर डोडापोस्त के शौकीनों की लत छुड़ाने की दवा दी जा रही है। इन शिविरों में लाइसेंसधारी शौकीन गिनती के ही पहुंचे।

आबकारी व पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक राज्य के जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमैर  सहित जिलों में मुख्य रूप से पीने वाले हैं। वैसे तो थोड़ा बहुत कारोबार प्रदेश के सभी जिलों में हो रहा था। इन जिलों में अब डोडा पोस्त को लेकर मारामारी होगी।

'सवाल - क्या गावं  में डोडा-पोस्त के तस्कर सक्रिय हैं?  

जवाब - हां एेसी सूचना है, हमने मुखबिर का जाल बिछा रखा है।

सवाल - डोडा व अफीम तस्करी भी जोरों पर है, हर जगह बिक रहा है?

जवाब - हां तस्करी तो हो रही है, वैसे डोडा व अफीम बेचने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है।

सवाल-आबकारी का भी तो काम है, इन पर कार्रवाई करना?

जवाब - हां आबकारी की भी जिम्मेदारी तो है, लेकिन हमारे महकमे का ध्यान शराब पर ज्यादा रहता है, फिर भी हम कार्रवाई करवाएंगे।

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