Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

धौलपुर का जवान राघवेंद्र सिंह जम्मू में हुआ शहीद

रिपोर्टर @ रोहित शर्मा धौलपुर। जिले के उपखंड राजाखेड़ा के गढीजाफर गॉव का जवान राघवेन्द्र सिहं जम्मू कश्मीर के नगरोटा क्षेत्र से लगती ए...

रिपोर्टर @ रोहित शर्मा

धौलपुर। जिले के उपखंड राजाखेड़ा के गढीजाफर गॉव का जवान राघवेन्द्र सिहं जम्मू कश्मीर के नगरोटा क्षेत्र से लगती एल.ओ.सी पर आर्मी केम्प पर तैनात था। मंगलवार को आतंकियों द्वारा नगरोटा आर्मी कैंप पर किये गये हमले में सेना के सात जवान शहीद हो गये। इस आंतकी हमले में धोलपुर जिले के गढीजाफर निवासी राघवेन्द्र सिंह परिहार शहीद हो गए शहीद राघवेंद्र सिंह 13 राष्ट्रीय राईफल्स में तैनात थे । राधवेन्द्र के घर इस आंतकी हमले मे शहीद होने की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया एंव सारे गॉव मे शोक की लहर छा गई।
शहीद राघवेंद्र सिंह परिहार  अपने पुत्र के साथ 

सोमवार रात ही हुई थी बात-
शहीद की मां इंद्र कुमारी ने बताया कि सोमवार रात को ही उनके पुत्र से मोबाइल पर बात हुई थी उसने बताया था कि माहौल ज्यादा खराब है पर वह छुट्टी मिलते ही कुछ दिन के लिए घर आएगा। लेकिन फोन पर उसकी वीरगति की सूचना आ गई सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी जगह पर तिरंगे में लिपटा उसका शव ही लौट कर आएगा।


बेटे को बनाऊंगा फौज का अधिकारी-
राघवेंद्र के पांच माह पूर्व ही पुत्र ने जन्म लिया है। तभी उसने कहा था कि मैं तो फौज का छोटा सा सिपाही हूं पर बेटे को सेना में अधिकारी बनाने के लिए जी जान लगा दूंगा। उसने अपने पिता से भी कहा था कि बेटे की शिक्षा दीक्षा में कसर मत आने देना पर उसका सपना उसके जीवित रहते पूर्ण ना हो सका। विलाप करते बूढ़े रामगोपाल को बेटे की यही इच्छा याद आ रही थी।


बड़ा भाई भी फौज में-
राघवेंद्र के सबसे बड़े भाई बृजेश गांव में किसान हैं और उनसे मझला भाई प्रवेंद्र भी सेना की 43 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात है।  वह भी 3 दिन पूर्व ही छुट्टी पर आया है। सबसे छोटा नरेश अभी बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत है। 

नहीं जले घरों में चूल्हे
राघवेंद्र की शहादत की सूचना गांव में 10 बजे पहुंचने के बाद से ही गमगीन माहौल है। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। युवाओं में घटना के प्रति आक्रोश हैं।  

एक महीने में राजस्थान के चार जवानों ने प्राणों की आहुति
ग्राम पंचायत के सरपंच राधेश्याम ने राज्य सरकार से मांग की है शहीद के परिवार को 50 लाख का मुआवजा राज्य सरकार की ओर से और उसकी पत्नी को राजकीय सेवा में नियुक्ति दी जाये। राजस्थान में पिछले 1 महिनें में चौथे जांबाज ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

कोई टिप्पणी नहीं