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मासिक राशिफल: जनवरी 2017 अंग्रेजी नूतनवर्ष 2017 की आपको शुभकामनाये

आचार्य रणजीत स्वामी मेष  आर्थिक विषयों तथा पारिवारिक, दांपत्य जीवन तथा सार्वजनिक जीवन के धंधे से जुड़े विषयों में शुभ परिणाम ...


आचार्य रणजीत स्वामी

मेष 
आर्थिक विषयों तथा पारिवारिक, दांपत्य जीवन तथा सार्वजनिक जीवन के धंधे से जुड़े विषयों में शुभ परिणाम प्राप्त होगा। आर्थिक लाभ की संभावना रहेगी। आपकी शारीरिक तथा मानसिक स्थिति मजबूत रहेगी। पारिवारिक विषयों में शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। आपकी राशि से आठवें में भ्रमण करता हुआ वृश्चिक राशि का शनि ज्येष्ठा नक्षत्र में होने से आपके कामकाज तथा आर्थिक विषयों में व्यवधान उत्पन्न करेगा। आपके प्रफेशनल कार्यों में उत्तरोत्तर प्रगति देखने को मिलेगी। काम के अनुसार वेतन मिलेगा और खर्च पर नियंत्रण रहेगा। आपकी राशि से आठवें में भ्रमण करता हुआ वृश्चिक का शनि कामकाज तथा आर्थिक क्षेत्र में अवरोध उत्पन्न करेगा। वैवाहिक संबंधों से जुड़े निर्णय लेने के इच्छुक जातकों को जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ना चाहिए। भाग्यस्थान में आया हुआ शनि तारीख 26-1-2017 के बाद धीमी परंतु स्थिर प्रगति प्रदान करेगा। विशेषकर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलता रहेगा तथा सरकारी या कानूनी कार्य में भी आशा का किरण दिखाई देगी।

वृषभ 
महीने के प्रारंभ में आपका राशि अधिपति शुक्र नौवें भाव में अर्थात् आपके भाग्य स्थान में भ्रमण करेगा। यह आपको विचारों में स्थिरता और धर्म में रुचि प्रदान करेगा। आपकी माता की तबीयत बिगड़ेगी अथवा माता के साथ मनमुटाव होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। आपके आठवें स्थान में सूर्य-बुध का भ्रमण चल रहा होने से जमीन वाहन से संबंधित विवाद उत्पन्न होंगे। पांचवें स्थान में गुरु का पारगमन संतान से संबंधित परेशानियां देगा। प्रणय संबंध मध्यम रहेंगे। विद्यार्थीवर्ग का पढ़ाई में मन लगेगा। आपकी याददाश्त और बोधशक्ति में वृद्धि होगी। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य भाग्य स्थान में आएगा। उग्र प्रकृति का ग्रह मंगल तथा केतु दसवें स्थान में स्थित होने से प्रफेशनल मोर्चे पर मन बैचेन रहेगा। निरर्थक चिंता करेंगे और निर्णय क्षमता कम रहेगी। विशेष रूप से प्रफेशनल विषयों में फिलहाल संभव होय वहां तक महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। घर में मन नहीं लगेगा। परिवारजनों के साथ बहस में व्यर्थ उग्रता नहीं आ जाए, इसकी सावधानी रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। विचारों में खोए रहने के कारण वाहन चलाने में सावधानी रखें। गिरने-चोट लगने का योग बन रहा है। 17-19 तारीख के दौरान कोई नयी गतिविधि होगी, शेयर-बाजार अथवा लॉटरी से आर्थिक लाभ होगा। 26 जनवरी के दिन शनि महाराज आपकी राशि से आठवें में भ्रमण करेगा। इसके परिणामस्वरूप आपको शनि की ढैय्या शुरू होगी। यह लोहे का पाया है। आगामी ढाई वर्ष के दौरान आपको धंधे-नौकरी में परेशानी बढ़ेगी।

मिथुन 
महीने के प्रारंभ में आपकी राशि से सातवें में सूर्य और वक्री बुध तथा भाग्य भाव में से शुक्र-मंगल का परिभ्रमण आपके कामकाज में वृद्धि कराएगा। भाग्य का साथ मिलेगा, परंतु साथ-साथ कड़ी मेहनत की भी तैयारी रखनी पड़ेगी। गुरू चतुर्थ में होने से नये बिजनस में निवेश करेंगे। विस्तार पर खर्च करने की संभावना भी अधिक है। आपके घर में मेहमानों की आवाजाही भी अधिक रहेगी। दांपत्य संबंधों में फिलहाल थोड़ी नीरसता रहेगी तथा अहं के कारण भी तनाव आ सकता है। समाज में हो रहे शुभ कार्यों में आप उत्साह से भाग लेंगे। विवाह के इच्छुक जातकों की दूसरे सप्ताह के प्रारंभ में किसी योग्य व्यक्ति के साथ मुलाकात हो सकती है। महीने के मध्य का समय कोर्ट-कचहरी और सरकारी विषयों में थोड़ा चिंताजनक रहेगा। वाणी के प्रभाव से दूसरों को बढ़िया तरीके से प्रभावित कर सकने की योग्यता पुरजोर होने के कारण यह समय सेल्स और मार्केटिंग, शिक्षण, कांउसिलिंग आदि से जुड़े जातकों के लिए बेहतर रहेगा। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य राशि बदलकर अष्टम स्थान में आएगा, जबकि बुध अभी मार्गी हो गया है। भाग्य स्थान में केतु के साथ मंगल और शुक्र की युति है। भाग्य का साथ अपेक्षाकृत कम मिलेगा। किसी धार्मिक कार्य में जाना होगा। सरकारी अथवा कोर्ट संबंधी कार्यों में खर्च आ सकता है। बुजुर्गों का स्वास्थ्य चिंता कराएगा। तारीख 20 के दिन मंगल के आपकी राशि से दसवें भाव में आने से मकान-वाहन संबंधित विवादों का समाधान हो सकता है। विद्यार्थी जातकों को इस समय सफलता की संभावना है।

कर्क 
महीने के प्रारंभ में आठवें स्थान में शुक्र, मंगल और केतु होने से आर्थिक मामलों में थोड़ा ध्यान से काम करना पड़ेगा। इसके अलावा धन स्थान में राहु होने से आर्थिक लेनदेन में जाने-अनजाने में मनमुटाव की संभावना अधिक होने से किसी भी आर्थिक सौदे का लिखित हिसाब रखें। पराक्रम भाव में गुरु के होने से लंबी अवधि की कोई योजना बनने के आसार हैं। कार्यक्षेत्र के विषय में आपको लंबी यात्रा करने की भी तैयारी रखनी पड़ेगी। यदि आप किसी बिजनस से जुड़े हो तो आपको बढ़िया ऑर्डर मिलेंगे अथवा खूब बड़ा करार होने की संभावना रहेगी। महीना के मध्य में सूर्य राशि बदलकर सप्तम भाव में आएगा, जिससे जीवनसाथी के साथ अहं का टकराव होने की संभावना अधिक होगी। भागीदारी के कार्य में भी ध्यान रखें। हालांकि, समय के साथ मंगल अष्टम स्थान छोड़कर भाग्य स्थान में आएगा, जिससे बीमारी संबंधी समस्याओं में राहत मिलेगी। फिर भी स्नायुओं और जोड़ों की समस्याओं में सावधानी रखनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोग उनकी बौद्धिक प्रतिभा से आगे बढ़ सकेंगे। अंतरंग जीवन और प्रफेशनल जीवन के बीच संतुलन साधने में फिलहाल आपकी परीक्षा होगी।

सिंह 
महीने की शुरुआत में धंधेदारी के लिए उत्तम समय रहेगा, उनको इस समय में अधिक आय होगी। धन प्राप्ति होगी। हालांकि, नौकरीपेशा वर्ग के लिए यह समय शुभ प्रतीत नहीं होता है। तरीख 2-3 के दौरान समय शुभ व्यतीत होगा। विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। गलत व्यक्तियों से मैत्री होने की आशंका है। नई पहचान से अधिक काम मिलेगा। सरकारी काम से लाभ होगा। कार्य सफल होता महसूस होगा। यदि कोर्ट- कचहरी में कोई केस चल रहा हो तो उसका परिणाम आपके पक्ष में रहेगा। पैतृक संपत्ति से संबंधित विवादों का समाधान आने से फायदा होगा। दूसरे पखवाड़े में दांपत्य जीवन में किसी तीसरे कारण से मनमुटाव अथवा तकरार हो सकती है। पत्नी के साथ विवाद होगा। रोग-शत्रुओं से इस समय राहत मिलेगी। यदि कोई बीमारी हो तो उसमें से बाहर आएंगे। भाई-बंधुओं का सहयोग रहेगा। आंखो में गर्मी के कारण तकलीफ होगी। आपका मन अधिक प्रफुल्लित रहेगा। मित्र मंडली और परिवारजनों से लाभ होगा। महीने के अंतिम दिनों के दौरान विद्यार्थी वर्ग को अध्ययन में अड़चनें आएंगी। अध्ययन में रुचि जागृत होगी व एकाग्रता बनी रहेगी।

कन्या 
आपकी राशि में से गुरू, शनि तृतीय स्थान में से और सूर्य-बुध चौथे स्थान में से भ्रमण कर रहा है। शुक्र-मंगल-केतु छठे में स्थान में से और राहु का बारहवें में से भ्रमण हो रहा है। ग्रहों की यह स्थिति, पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अध्ययन के मामले में समय उत्तम दर्शा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी बढ़िया ढंग से कर सकेंगे। प्रेम-प्रसंग के लिए भी समय उत्तम दर्शा रहा है। स्वास्थ्य की संभाल रखनी पड़ेगी। तरीख 8 और 9 तारीख आपके लिए लाभकारी रहेगी। कम्युनिकेशन के आधुनिक गैजट्स द्वारा आप प्रिय व्यक्ति के साथ लगातार संपर्क में रह सकेंगे। विवाह के इच्छुक जातकों के लिए भी आशाभरा समय है। महीने के मध्य में सूर्य राशि बदलकर आपके पंचम स्थान में आएगा जो कामकाज के स्थल पर, शेयर बाजार और सट्टे संबंधी कार्य में सोच समझकर निवेश करने से लाभ मिलने का संकेत दे रहा है। प्रेम संबंधों में अहं का टकराव नहीं हो इसका ख्याल रखना पड़ेगा।

तुला 
तुला जातकों के लिए महीने के प्रारंभ में शुक्र पंचमभाव में मंगल और केतु के साथ है। जो लोग पहले से ही प्रेम संबंध में हैं उन्हें भी अपने उग्र स्वभाव पर नियंत्रण रखना पड़ेगा। संतान को लेकर चिंता रहेगी। द्वितीय भाव में स्थित शनि के कारण धन की आमदनी धीमी परंतु एकसमान रहेगी। आप लंबी अवधि का निवेश कर सकेंगे। शुरुआती समय में जीवनसाथी के कारण आर्थिक लाभ की संभावना रहेगी। विद्यार्थी जातकों में उत्तम सृजनात्मकता रहेगी। महीने के मध्य में सामाजिक और दांपत्य जीवन में अच्छी भावनाओं का आदान-प्रदान बढ़ेगा। छोटी-मोटी यात्रा होने की संभावना है। किसी धार्मिक कार्य में जाना होगा अथवा घर पर किसी धार्मिक प्रसंग का आयोजन हो सकता है। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य आपके चतुर्थ भाव में आएगा। परिवार का सदस्यों के साथ व्यवहार में आपको थोड़ा संयम रखना पड़ेगा। आपको मानसिक और शारीरिक कष्ट का अनुभव होगा। परिवार में क्लेश से मानसिक परिताप बढ़ेगा। जमीन-जायदाद से संबंधित अनेक विवाद उत्पन्न होंगे। भौतिक सुखों में न्यूनता आएगी। यात्रा-प्रवास में मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।

वृश्चिक 
महीने के प्रारंभ में आपकी राशि में ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो, शनि प्रथम भाव में, सूर्य और बुध दूसरे भाव में, शुक्र-केतु और मंगल चौथे भाव में, राहु कर्मस्थान में और गुरु लाभ स्थान में है। प्रारंभिक पखवाड़ा आपके लिए लाभ कराने वाला रहेगा, परंतु उससे आर्थिक लाभ सीमित मात्रा में ही रहेगा। व्यवसायिक प्रयोजन से फिलहाल खर्च की संभावना अधिक रहेगी। पारिवारिक खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। आपकी वाणी में मिठास बढ़ेगी। मंगल और शुक्र दोनों आपकी राशि से चतुर्थ में भ्रमण करेंगे जिसके कारण आपके दिल में भावनाओं का सैलाब आ जाएगा। परिवार की खुशी के लिए आपके वाहन अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजट्स की खरीदी पर खर्च करने की संभावना रहेगी। हालांकि, विवाह स्थान में स्थित शनि के कारण आपको कोई भी कार्य पूरा करने में अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। यदाकदा कामकाज में विलंब की संभावना भी रहेगी। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य राशि बदलकर आपके पराक्रम स्थान में आएगा, जबकि अंतिम सप्ताह में मंगल राशि बदलकर पंचम स्थान में आएगा। इस समय लंबी अवधि के निवेश के लिए आप गंभीरता से विचार करेंगे। 
धनु
महीने के प्रारंभ में आपके विवाह स्थान में सूर्य व वक्री बुध, पराक्रम स्थान में शुक्र, मंगल व केतु, भाग्य स्थान में राहु, कर्मस्थान में गुरु जबकि बारहवें स्थान में शनि है। धन तथा आय का स्रोत बहुत उत्तम रहेगा तथा इससे वृद्धि होती महसूस होगी। हालांकि, भाई-बहन के साथ का संबंध खाट्टे-मीठे बने रहेंगे। परिवार में तथा माता-पिता और सास-ससुर के साथ का संबंध अत्यधिक मीठे और सम्मानपूर्ण बने रहेंगे। प्रेम और अध्ययन के लिए एकाद तकलीफ के साथ कुल मिलाकर शांति और उत्साहपूर्ण माहौल रहेगा। नौकरी तथा धंधे, व्यवसाय में काम का बोझ अधिक रहेगा। आप काम के अनुसार फल प्राप्त करेंगे, परंतु साथ ही साथ प्रफेशनल खर्च अथवा निवेश भी करेंगे। भाग्य एक कदम आगे चलता महसूस करेंगे। विदेश में बसे लोगों, स्वजनों के साथ का संबंधों में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य आपके धन स्थान में आएगा, जबकि अंतिम सप्ताह में मंगल चतुर्थ स्थान में आएगा। जन्मभूमि से दूर नौकरी में स्थानांतरण चाहने वाले जातक फिलहाल प्रयास कर सकते हैं। अपनी बुद्धि तथा प्रतिभा से आप दूसरों पर अच्छा प्रभाव डाल सकेंगे, परंतु आपकी भाषा थोड़ी कठोर रहेगी। आपके चौथे स्थान में मंगल का भ्रमण वाहन तथा जमीन, मकान और प्रॉपर्टी के लिए अनुकूल बना रहेगा।

मकर 
महीने की शुरुआत में मानसिक अशांति, बैचेनी, अनिद्रा की तकलीफ रहेगी। इस समय आपकी घर के सदस्यों के साथ अनबन होगी। 3 तारीख से विद्यार्थियों के लिए मानसिक चिंता वाला समय रहेगा। इस समय जातकों को सिरदर्द, बुखार, चर्म रोग, पथरी, स्नायुओं के रोगों की तकलीफ हो सकती है। किसी भी प्रकार के रोग में विशेष सतर्कता रखें। 12वें भाव में व धनु राशि में अष्टमेश व षष्ठेश की युति हो रही है। थोड़ी-सी लापरवाही से रोग बड़ा रूप धारण कर सकता है। धन क्षेत्र में केतु के होने से पैसे का लेनदेन नहीं करें। लग्न में सूर्य होने से आपके गुस्से में वृद्धि होगी। घर के सदस्यों के साथ अथवा मित्रों के साथ व्यवहार में झगड़ा अथवा प्रेम कम हो जाएगा। छोटे भाई बहन के साथ अनबन रहने की भी संभावना रहेगी। नौकरीपेशा वर्ग को विशेष ध्यान रखना होगा। यह सप्ताह नौकरीपेशा वर्ग के लिए चिंताजनक साबित हो सकता है। स्त्री जातकों या पानी वाली जगह से लाभ होगा। 21 तारीख को मंगल का परिवर्तन मीन राशि में होगा। माता के स्वास्थ्य में तकलीफ होगी। महीने के अंतिम चरण में परिवार में मानसिक अशांति रहेगी। परिवार के कारण वैवाहिक जीवन में तकलीफ हो सकती है। जातकों को आंतों का रोग जैसे कि एसिडिटी होने की संभावना है। पढ़ाई में विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के अनुसार फल मिलेगा।

कुंभ 
महीने के प्रारंभ में कुंभ राशि में केतु-मंगल-शुक्र, धनु राशि में सूर्य-बुध, वृश्चिक राशि में शनि, कन्या राशि में गुरू और सिंह राशि में राहु महाराज विराजमान हैं। शुरुआत में मन थोड़ा उदासीन और आवेशयुक्त रहेगा। प्रेम संबंधों का भी प्रसंग बन सकता है। हालांकि, दांपत्यजीवन में जीवनसाथी से असंतोष रहेगा। विदेशजाने के इच्छुक व्यक्तियों का विदेश गमन होगा। आपमें आध्यात्मिकता की मात्रा अधिक रहेगी। सूर्य के आपके ग्यारहवें स्थान में होने से बुजुर्गों, वरिष्ठ अधिकारियों, पिता अथवा पितातुल्य व्यक्तियों से लाभ मिलेगा। सार्वजनिक जीवन में सम्मान मिलेगा। महीने के मध्य में आपको स्वास्थ्य के लिए फिक्रमंद रहना होगा। इस समय घर के लिए किसी नई वस्तु की खरीदी होगी जिससे खर्च बढ़ेगा। महीने के उत्तरार्ध में 12वें स्थान में सूर्य आ रहा है, इसलिए मानसिक परिताप रहेगा। आंखों से संबंधित बीमारी होने की आशंका है। कोर्ट-कचहरी तथा मानहानि का प्रसंग बनेगा। महीने के अंतिम चरण में अध्ययन के प्रयोजन से विदेश जाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अनुकूल समय शुरू होगा। आपकी वाणी में शिष्टता अधिक रहेगी। आप व्यवसायिक मोर्चे पर कम्युनिकेशन पर अधिक बल देंगे और इसका अच्छा फल भी प्राप्त कर सकेंगे। इस समय विशेष रूप से जन्मभूमि से दूर स्थान में हो रहे कामकाज से आप बढ़िया आय प्राप्त कर सकेंगे। ब्लड प्रेशर, हृदय से संबंधित समस्या अथवा माईग्रेन की समस्या हो, उन्हें फिलहाल स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

मीन 
महीने के प्रारंभ में शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में आप को शुभ व अशुभ दोनों प्रकार के फल प्रदान करेगा। शुक्र आपको आर्थिक लाभ देगा। किसी गलत व्यक्ति, विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के प्रति आकर्षण या विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के साथ संबंध बंध सकते हैं। सूर्य और बुध की युति आपके कर्म स्थान में होने से आपको उच्च अधिकारी, सरकारी अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ मुलाकात के प्रसंग बनेंगे। गुरु सातवें में होने से विदेशगमन की संभावना बन रही है। हालांकि, फिलहाल बारहवें भाव में मंगल होने से गुस्सा, आवेश, मानसिक असंतोष, आंख में तकलीफ या रोग भी रहेंगे। महीने के मध्य में सूर्य राशि बदलकर मकर राशि में आ जाने से लाभ स्थान में आ गया है जो कि लाभदायी रहेगा। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। महीने के अंतिम सप्ताह में मंगल के आपकी राशि में प्रवेश करने से बुखार, चोट, रक्तविकार की तकलीफ रहेगी। आग, इलेक्ट्रिक शॉक, जहर तथा हथियारों से चोट लगने की संभावना बन रही है। महीने के अंतिम चरण में बौद्धिक क्षेत्रों में व्यवसायिक रूप से जुड़े जातक अच्छी प्रगति कर सकेंगे, जिसमें विशेष रूप से कम्युनिकेशन, शिक्षण, बैंकिंग आदि में आप उत्तम परफॉरमेंस देंगे। इस समय आप सार्वजनिक जीवन में अधिक सक्रिय रहेंगे और समाज के लिए कोई जवाबदारी उठाने की भी संभावना रहेगी।

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