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व्यंग्य आलेख। अब ATM को छोड़ो Paytm करो

व्यंगकार @ चंद्रमौलि पचरंगिया अरे भाईसाब इधर किधर जा रहे है। एटीएम की और ही न, तब तो रहने ही दीजिये। या तो आपको एटीएम बंद मिलेगा या तो...

व्यंगकार @ चंद्रमौलि पचरंगिया
अरे भाईसाब इधर किधर जा रहे है। एटीएम की और ही न, तब तो रहने ही दीजिये। या तो आपको एटीएम बंद मिलेगा या तो फिर खुला बंद मिला तो समझ लीजिये एटीएम में कैश नहीं है। और अगर भगवान की दया से खुला मिल भी जाए तो भी अगर भीड़ नहीं है तो समझ लीजिये सेम वो ही हाल यहाँ का भी है। यानि कैश नहीं है। अब अगर खुदा की मैहर से आपको किसी एटीएम में पैसे मिल भी जाए तो भी आप उन तक पहुंचने के लिए तरसोगे। जी हाँ वहां आपके जैसे और भाइयों की लंबी लाइन जो लगी मिलेंगी। सबके सब बस लक्ष्मीजी की प्राप्ति के लिए कतार में बेसब्री से आतुर भाव के साथ अपनी बारी का इन्तजार करते मिलेंगे।

अब ऐसे में आपको एक अच्छा आप्शन मिल रहा है। कुछ खरीदना है या फिर खाना बस एटीएम को छोड़ो आप तो paytm करो। है ना मजेदार।
 जी हां अब ज़माने के साथ ऐसा ही बदलाव कुछ ही दिनों के अंदर देखने को मिला कि बस कुछ भी चाहिए भूल जाओ रुपयों की टेंशन बस paytm करो। कल सुबह की ही तो बात है। भूख लगी थी तो सोचा कुछ खा लेता हूँ। बस फिर क्या था पास ही एक हलवाई की दुकान पर पहुँच गया। समोसा खाया तो पेट को बड़ा आराम मिला। पानी पीया और अब बारी आई भुगतान की। मैंने अपना पर्स टटोला पर्स में खुले रूपये नहीं थे। 4 दिन पहले ही atm की लंबी लाइन में लगकर हासिल किये नोट में से एक 100 का नोट हाथ में आ गया। अब 3 नोट और थे, लेकिन सारे ही सौ के ही थे। मैंने हलवाई की तरफ बढ़ा दिया। हलवाई ने दोनों हाथ जोड़ लिए और बड़े ही प्रेम से बोला, भाईसाब ये नहीं ले पाउँगा। मै आश्चर्य में पड़ गया और फिर दिमाग में विचार आने लगा कि कहीं मोदीजी ने 100 का नोट भी तो..... मैंने कहा यार नया सौ का नोट दे रहा हूँ कड़क नोट फिर भी नहीं ले रहे...क्या बात है कल रात को फिर मोदीजी ने नया एलान किया है क्या?... तो हलवाई बोला भाईसाब ऐसा कुछ नहीं है। मोदीजी ने तो बड़ों को ही निपटाया है। और इन बड़े नोटों की माया ने कई लोगों की नींद हराम कर रखी है। लक्ष्मीजी जो अब इनके खजाने से रवाना हो रही है और अब तो खजाना ऐसे भ्रष्टाचारियों का बिलकुल ही खाली हो जाएगा। और भाईसाब कई तो देखना थोड़े दिनों में जेल में नजर आएंगे। हास्य विनोद के माहौल में विनम्र भाव से हलवाई बोला कि भाईसाब आपके एटीएम(पर्स) में छुट्टे नहीं है तो आप paytm कर दो। इतना सुनते ही माथा ठनका। मुंह से बरबस ये ही शब्द निकले paytm 12 रूपये के समोसे के लिए भी। हलवाई मुस्कुराते हुए बोला क्या करे भाईसाब इतने छुट्टे पैसे भी कहाँ से लाये। अब atm काम का नहीं रहा तो लोग paytm ही काम में लेंगे न। हमको भी खुल्ले के झंझट से मुक्ति और आपको भी आराम। चाहे कुछ भी कहो साहब मोदीजी के कदम से इस मंदी के दौर में भी paytm की तो बल्ले बल्ले हो रही है। चलिए कल की ही एक और paytm कथा सुनाता हूँ। रात को खाना खाने के लिए एक होटल पर गया। खाना खा लिया हाथ धो कर जब जेब पर हाथ डाला तो जेब खाली थी। अब पेमेंट कैसे करें। रेस्टोरेंट वाले से जान पहचान हो गयी थी। ऐसे में मैंने कहा भाईसाब मैं अपना पर्स घर पर भूल आया हूँ। कल आपको पेमेंट कर दूंगा। इतने में रेस्टोरेंट का मालिक बोला भाईसाब मोबाइल तो है न। मैंने कहा है क्यों? इसपर वह तपाक से बोल पड़ा, तो फिर देर कहे की paytm कर दो। गजब ही हो गया। मैं आश्चर्य में पड़ गया। फिर क्या था paytm कोड स्कैन किये और अमाउंट डाला। प्रोसेस के बाद पेमेंट हो गया। क्या जमाना आ गया है। बस paytm करो।
 
फिर थोड़ी की दुरी पर एक पान की दूकान नजर आई। दिमाग में ना जाने क्या सूझी पहुँच गया दुकान पर। सीधे एक ही सवाल पान खाना है, खुल्ले रूपये नहीं है, क्या paytm हो जाएगा। दूकानदार हँसने लगा। और आसपास खड़े लोग भी हँसने लगे। बाद में दुकानदार बोलै आप सही जगह आये है। बिलकुल paytm हो जाएगा।  फिर आश्चर्य। हर दुकान पर कैशलेस सुविधा।

इधर मंदिरों में भी अब नजारा विशेष ही है। यहाँ भी दिव्य paytm की उपस्थिति हो चुकी है। जी हां मंदिरों में भी जगह जगह बोर्ड लग गए हैं कि अगर किसी भक्त को दान करना है तो paytm कर सकते है। है न मजेदार बात।
भाई जमाना कैशलेस जिंदगी जीने का आ गया है। एटीएम को छोड़ो paytm है ना। 
ये atm का नहीं ये paytm का ज़माना है।

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