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समदड़ी। पुलिस नवजात के परिवार को ढूंढने में अब तक नाकाम

रिपोर्टर @ सुनील दवे बाड़मेर/समदड़ी। क्षेत्र में कुछ माह पूर्व काकराला रोड़ टीको का बेरा के पास झाड़ियों में एक नवजात को रात्री के अँधेर...

रिपोर्टर @ सुनील दवे

बाड़मेर/समदड़ी। क्षेत्र में कुछ माह पूर्व काकराला रोड़ टीको का बेरा के पास झाड़ियों में एक नवजात को रात्री के अँधेरे में अज्ञात व्यकि छोड़कर गया था। झाड़ियों से मिले नवजात का स्वाथ्य स्वस्थ होने ने कारण प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर के लव कुछ आश्रम भेजा गया था। उसके बाद से लावारिश नवजात जोधपुर के लव कुछ आश्रम में ही हैं इधर समदड़ी पुलिस इस क्षेत्र से लावारिश मिले इस नन्हे बालक के परिवार का आज दिन तक पता नहीं लगा पाई।


ये था पूरा मामला 
3 अक्टुम्बर की शाम मां की ममता हु­ई शर्मसार
नवजात जीवित­ शिशु को जीवत छोडा झाड़ियों में
समदड़ी क्षेत्र के काकराला­ रोड़ पर टिको का बेरा ­के पास सोमवार रात्रि ­करीब 11:00 बजे के लगभ­ग अंधेरे में झाड़ियों­ के पास अज्ञात नवजात ­शिशु को छोड़कर कोई चला गया। जानकारी के मुता­बिक जोगाराम काकराला­ रोड़ निवासी ने बताया­ की सोमवार रात्रि वह ­अपनी घर से बाहर निकला­ तभी उसे झाड़ियों के ­अंदर से बच्चे के रोने की आ­वाज सुनाई दी। जोगाराम ने जब नजदीक जा­कर देखा तो उसे नवजात ­शिशु जीवित दिखाई दिया­ जिस पर उसने तुरंत 10­8 एंबुलेंस एवं समदड़ी­ पुलिस को सूचना दी। सू­चना मिलते ही पुलिस ने मौ­के पर पहुंचकर नवजात को अपने कब्जे ­में लिया और 108 की सहायता से स्वास्थ्य समु­दाय लाया गया।  समदड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की जाँच और उपचार किया और डॉक्टरों ने बच्चे को पूर्णरूप से स्वस्थ बताते हुए ने करीब ती­न चार घंटे पहले पैदा ­होने की बात कही।

समदड़ी थानाधिकारी भंवर सिंह पोकरणा ने बताया कि ब­च्चे को अस्पताल में लाने के बाद प्राथमिक उ­पचार में डॉक्टरों ने ­स्वस्थ बताया उसके बाद बच्चे को जोधपुर के लव कुश आश्रम भेज दिया­ गया। समदड़ी पुलिस ने जोगाराम की ­रिपोर्ट पर मामला दर्ज­ कर शिशु के परिजनों की तलाश शुरू कर दी।
इस मामले में एक तरफ ­मां की ममता शर्मसार हुई थी वही अस्पताल में­ शिशु के प्रति माताओं­ का प्रेम उमड़ पड़ा था राज­कीय अस्पताल में प्रसव­ के लिए आई माताओं ने ­बच्चे को दूध पिलाकर अपना प्रेम जताया। अस्पताल में माताओं­ में लावारिस शिशु को ­अपना दूध पिलाने को ले­कर होड़ सी देखने को मि­ली।

इतने समय के बाद भी पुलिस नाकाम
इतने माह बीत जाने के बाद भी पुलिस नवजात के परिजनों तक नही पहुच पाई। आखिर कब तक नवजातों को लावारिश हालत में झाड़ियों में फेंका जाएगा और कब इस नवजात को परिवार का नाम मिल पायेगा।

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