Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

फलसुण्ड। क्षेत्र में जलदाय विभाग के अधिकांश जीएलआर खुले,ग्रामीण दूषित पानी पिने को मजबूर

रिपोर्टर @ गणेश जैन जैसलमेर/फलसूण्ड। क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से निर्मित जीएलआर की समय पर सफाई नहीं होने के कारण ग्रामीण दुषित ...

रिपोर्टर @ गणेश जैन

जैसलमेर/फलसूण्ड। क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से निर्मित जीएलआर की समय पर सफाई नहीं होने के कारण ग्रामीण दुषित पानी पीने को मजबूर है। जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग की ओर से गांव व ढाणियों में ग्रामीणो को मीठा व स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने के लिए जीएलआर का निर्माण करवाया था लेकिन कई वर्षो से सफाई नहीं होने के कारण जीएलआर के अंदर कचरा जमा हो गया है तथा कही तो जीएलआर की छत अंदर गिर जाने के कारण ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर है। जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते ग्रामीणो को  दुषित पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। कुछ गांवो व ढाणियों मे जीएलआर के ढक्कन नहीं होने के कारण आंधी के दिनो में धूल व कचरा अंदर चला जाता है जो जीएलआर के पैंदा में जमा होकर पानी को दुषित कर रहा है।
वर्ष में एक बार होनी थी सफाई-क्षेत्र में गांव व ढाणियों में बनी जीएलआर की सफाई एक वर्ष में एक बार होनी जरूरी है लेकिन यहां तो दो वर्ष हो गए है जीएलआर की सफाई तो दूर सार संभाल करने वाला कोई नहीं है ऐसे में जीएलआर में आने वाला पानी दुषित हो रहा है।ग्रामीणो को स्वच्छ पानी उपलबध करवाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से जीएलआर में ब्लीचिंग पाउडर डालना चाहिए लेकिन ब्लीचिंग पाउडर कही  डी-फलोराइडेशन यंत्र भी खराब-क्षेत्र के गांव व ढाणियों में ग्रामीणो को फलोराईड रहित पानी उपलब्ध करवाने के लिए जीएलआर के पास डी फलोराइडेशन यंत्र बनाए थे जो आज अंधिकांश खराब है या इनका उपयोग भी नहीं हो रहा है। इस ग्रामीण क्षेत्र में फलोराइड युक्त पानी पीने से घुटनो,कमर में दर्द के रोगियो की बढोतरी हुई है तथा दांतो में पीलापन के रोगियो में बढोतरी हुई है।

कोई टिप्पणी नहीं