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फलसुण्ड। बिना रिप्लेक्टर दौड़ते वाहन,परिवहन विभाग अंजान

रिफ्लेक्टर लगाने को लेकर सख्त नहीं परिवहन विभाग  वर्ष 2008 में प्रावधान लागू होने के बाद भी नहीं हो रही पालना  जैसलमेर/फलसूण्ड। त...

रिफ्लेक्टर लगाने को लेकर सख्त नहीं परिवहन विभाग 
वर्ष 2008 में प्रावधान लागू होने के बाद भी नहीं हो रही पालना 

जैसलमेर/फलसूण्ड। तहसिल भणियाणा वर्ष 2008 में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगााने के लिए केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत रिफ्लेक्टर लगाने का प्रावधान किया गया था। तब इसको लेकर प्रादेशिक परिवहन के अधिकारीयों ने गभीरता दिखाई थी लेकिन वक्त गुजरता गया और रिफ्लेक्टर नहीं लगाने वाले वाहनों की संख्या में बढोतरी होती गई। बिना रिफ्लेक्टर के चल रहे वाहनों पर विभाग कि और से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा नही है कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारीयों को नहीं है जानकारी के बावजूद भी क्षेत्र में बिना रिफ्लेक्टर चल रहे वाहनों पर सख्ती नहीं दिखा रहे है। क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे को लेकर प्रादेशिक परिवहन विभाग की लचरता के चलते दिनों दिन सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है इसके बाद भी परिवहन विभाग दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रहा है।


कई बार जारी हो चूके आदेश 
केद्र सरकार ने 12 नवंबर 2008 को सभी परिवहन वाहनो में निर्धारित मानक व डिजाइन के रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया था विभाग ने 22 फरवरी 2011 को एक और आदेश जारी कर सभी परिवहन विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिए थे 15 जनवरी 2013 को एक और आदेश में संशोधन करते हुए वाहनों को विभिन्न श्रेणी में बांटतें हुए अलग अलग आकार की रिफ्लेक्टर टेप लगाने के आदेश दिए थे।


फिर क्यों नहीं होती कार्रवाई 
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जब केद्र सरकार ने रिफ्लेक्टर लगाने के आदेश परिवहन विभाग को दे दिए उसके बाद बिना रिफ्लेक्टर परिवहन हो रहे वाहनों पर प्रादेशिक परिवहन विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही हैं। जबकि हाइवे पर अधिकांश हादसे रिफ्लेक्टर के अभाव में ही हो रहे है।

इनका कहना हैं
हम एसे वाहनो के खिलाफ कार्यवाही अमुमन करते रहे हैं गश्त के समय ऐसे वाहनों कि जांच करते हैं। फिर भी फलसूण्ड क्षेत्र लम्बा होने के कारण हर समय जांच पुरी नही हो रही हैं । गिरघरसिंह राठोड़ थाना अधिकारी फलसूण्ड।

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