Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

आठ किलोमीटर का रास्ता साठ किलोमीटर सा लगता हैं,सड़क पर जगह-जगह गहरे गड‌्ढे

रिपोर्टर @ गणेश जैन जैसलमेर/फलसूण्ड। क्षेत्र के नेतासर गांव जाने के लिए कई घंटों तक सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं विभाग द्वारा आठ किल...

रिपोर्टर @ गणेश जैन

जैसलमेर/फलसूण्ड। क्षेत्र के नेतासर गांव जाने के लिए कई घंटों तक सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं विभाग द्वारा आठ किलोमीटर तक डामर सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण वाहन चालकों सहित आमजन को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण मनोरसिंह जोधा ने बताया कि फलसूण्ड से नेतासर तक जाने वाली सड़क मार्ग पर जगह-जगह पर गहरे गड़्ढे होने के कारण वाहन चालकों सहित आमजन को सफर करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर छोटे बड़े वाहनों गुजरते रहते है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर गुजरने वाले लोगों को आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि फलसूण्ड में उप तहसील होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहनों का आना जाना होता है तथा इस मार्ग की मरम्मत नहीं होने के कारण वाहन चालकों को मिनटों का सफर घंटों में करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग की मरम्मत के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार सूचित किया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं देने के कारण आमजन को इस मार्ग का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।


हादसे को न्यौता देते गड्ढे
सार्वजनिक निर्माण विभाग की डामर सड़क जगह-जगह से टूटी है। सड़क के गड्डे हादसे को न्यौत रहे है। गड्डों व टूटी सड़क के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ आमजन को परेशानी हो रही है। इसी सड़क मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों बड़े वाहन बालोतरा, खोखसर, क्षेत्र में जाते है। इससे इन वाहन चालकों को परेशानी होती है।


कागजों में होती है मरम्मत
ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग अपनी टूटी सड़कों की मरम्मत पर हर वर्ष लाखों रूपए खर्च करता है, लेकिन यह खर्च सिर्फ कागजों में होता है। सड़क बनने के कुछ दिन बाद ही सड़के पुन: जगह-जगह से टूट जाती है। ठेकेदार सड़क मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतते है तथा घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करते है।

कोई टिप्पणी नहीं