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छःरी पालित पैदल संघ की संघमाल महोत्सव में उमड़ा श्रद्वा का सैलाब 

छःरी पालित संघ का ब्रह्मसर तीर्थ पर हुआ संघ का समापन बाडमेर/जैसलमेर 3 जनवरी।  बाडमेर से ब्रह्मसर छःरी पालित पैदल यात्रा संघ का शनिवार को...

छःरी पालित संघ का ब्रह्मसर तीर्थ पर हुआ संघ का समापन
बाडमेर/जैसलमेर 3 जनवरी। बाडमेर से ब्रह्मसर छःरी पालित पैदल यात्रा संघ का शनिवार को ब्रह्मसर तीर्थ में भव्य संघ प्रवेश व रविवार को भव्य माल महोत्सव के साथ छःरी पालित पैदल संघ का समापन हुआ। 
छःरी पालित पैदल यात्रा संघ संमिति के संयोजक पारसमल धारीवाल व प्रचार-प्रसार संयोजक केवलचन्द छाजेड ने बताया कि प.पू.वसी मालाणी रत्नशिरोमणी ब्रह्मसर तीर्थोद्वारक उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर जी म.सा. प्रेरणा व प्रवर्तिनी महोदया साध्वी शशिप्रभा श्रीजी म.सा.आदि ठाणा 21 की निश्रा में व कुशल दर्शन मित्र मण्डल ब्रह्मसर ग्रुप के तत्वाधान में बाडमेर से ब्रह्मसर 16 दिवसीय भव्य पैदल यात्रा संघ की संघ माला 2 जनवरी सोमवार को हजारो श्रद्वालुओ की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। संघ माल का कार्यक्रम प्रातः 9 बजे उपाध्याय प्रवर द्वारा प्रारम्भ किया गया। संघ माला संघपतियो को विधि-विधान पूर्वक संघ माल की क्रिया करवाई गई।
सर्वप्रथम संघपतियो के माला की पहनाने का चढावा बोला गया जिसका लाभ शंकरलाल राणामल धारीवाल परिवार ने लिया पैदल यात्रा संघ में 101 संघपतियो को धारीवाल परिवार द्वारा माला पहनाने का  लाभ लिया, उपाध्याय प्रवर ने चर्तुविध संघ को तीर्थ की महिमा के बराबर बताया । उन्होने भरत चक्रवर्ती के प्रथम संघ का उदाहरण देते हुए कहा कि आप भी भाग्यशाली है कि लगभग 600 यात्रियो के साथ स्वर्ण नगरी जैसलमेर की पंचतीर्थी अमरसागर तीर्थ, लौद्रवा पाश्र्वनाथ तीर्थ, ब्रह्मसर तीर्थ आदि तीर्थो की यात्रा का लाभ आपको मिला।उपाध्याय प्रवर ने कुशल दर्शन मित्र मण्डल ब्रह्मसर ग्रुप बाडमेर की अनुमोदना करते हुए बधाई दी कि अपने जिस भागीरथी संघ का कार्य को अपने हाथ में लिया वो इतिहास में लिखा गया व हर्षोल्लास के साथं सम्पन हुआ। उन्होने कहा कि आगे भी आप जिनशासन के कार्य करते रहे ऐसी हमारी मंगल भावना आपके साथ हैं।
संघ माल मे ये रहे उपस्थित
पैदल यात्रा संघ समिति के प्रचार-प्रसार सहसंयोजक कपिल मालू ने बताया कि संघ माला के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पाली के पूर्व सांसद बद्रीप्रसाद जाखड़, बाडमेर विधायक मेवाराम जैन, नगर परिषद सभापति लूणकरण बोथरा, कुशल वाटिका ट्रस्ट के अध्यक्ष भंवरलाल छाजेड, ब्रह्मसर ट्रस्ट के अध्यक्ष दानमल डूंगरवाल, खरतरगच्छ चातुर्मास समिति के अध्यक्ष रतनलाल संखलेचा, चौहटन जैन श्री संघ के अध्यक्ष हीरालाल धारीवाल, धोरीमन्ना जैन श्री संघ के अध्यक्ष बाबूलाल लालण, सहित जोधपुर, बाडमेर, बीकानेर, बाडमेर, पाली, सुरत, मालेगाव, अहमदाबाद, जैसलमेर, आदि राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली सहित कई प्रान्तो से संघ व गुरूभक्त पधारे।

उपाध्याय प्रवर को विभिन संघो ने की विनती
पैदल यात्रा संघ के माल महोत्सव के दौरान चौहटन व धोरीमन्ना जैन श्री संघ द्वारा उपाध्याय प्रवर गुरूदेव मनोज्ञ सागर जी को आगामी 2017 के चातुर्मास की विनती की गई। बाडमेर जैन श्री संघ नवसारी द्वारा मुमुक्षु दिक्षार्थी बहन वैशाखी गोलेच्छा की दीक्षा मुहुर्त प्रदान करने की विनती की गई जिस विनती को उपाध्याय प्रवर ने स्वीकार करते हुए 21 अप्रेल 2017 को दीक्षा का मुहुर्त प्रदान किया व नवसारी जैन श्री संघ द्वारा सभी संघ को दीक्षा में आने का आमंत्रण किया।

पैदल संघ में 16 दिन ये रहे आकर्षण का केन्द्र
पैदल संघ में प्रतिदिन हर गांव में भव्य शोभायात्रा के साथ होता था संघ प्रवेश। पैदल यात्रा संघ समिति के रमेश कानासर ने बताया कि पैदल संघ हर नगर प्रवेश में भव्य शोभायात्रा के साथ  हवा में लहराता पंचरंगी जैन ध्वज, स्वर लहरियां बिखेरती बैण्ड पार्टी, गज सवारी, घुड़सवार, साधु-साध्वी भगवन्त, पैदल यात्री, संघ के लाभार्थी परिवार, श्रावक-श्राविकाएं, शहनाई वादक, स्वर्णिम आभा लिए तीर्थकर भगवान का रथ, साध्वी मण्डल, रंगोली सजाई गई, संघ जिस नगर से गुजरा वहा पर हर नगर के जैन श्री संघ द्वारा सामैला के साथ संघ का भव्य स्वागत किया गया।

इन क्षेत्रोे से गूजरा पैदल संघ 
बाडमेर से ब्रह्मसर छःरी पालित पैदल संघ 17 दिसम्बर को रवाना होकर जालिपा, भादरेश, विशाला, सुरा, दूदाबेरी, बालेवा, हरसाणी, झणकली, रणधा, जिझनीयाली, जोगीदास धाम, देवडा, चेलक, तेमडेराय माता जी का मन्दिर, जैसलमेर, अमरसागर, लौद्रवा होते हुए ब्रह्मसर नूतन वर्ष 1 जनवरी को संघ का भव्य वरघोड़े के साथ दादा श्री जिन कुशल सूरि टस्ट द्वारा सामैये के साथ संघ का स्वागत किया गया। जहा पर दिन में बड़ी पूजा का आयोजन हुआ व रात्रि में भक्ति भावना का कार्यक्रम हुआ।

कुशल दर्शन मित्र मण्डल ब्रह्मसर ग्रुप द्वारा सभी अतिथियो व संघपति परिवारो का अभिनन्दन किया गया। इसी कार्यक्रम के तहत उपाध्याय प्रवर व प्रवर्तिनी महोदया को मण्डल द्वारा काम्बली ओढाई गई। ब्रह्मसर तीर्थ को दुधिया रोशनी व रंगोलियो से सजाया गया। उपाध्याय प्रवर मनोज्ञ सागर जी म.सा. व प्रवर्तिनी शशिप्रभा श्री जी म.सा. के साथ सकल संघ द्वारा सामुहिक दर्शन-वंदन कर संघ समापन की घोषणा की गई।

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