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दांतराई। बारह साल से बन्द पड़ा हैं सचिव आवास भवन, पुराना पंचायत भवन भी बना शराबियों का अड्डा

@ प्रवीण राजपुरोहित सिरोही/दांतराई।  कस्बे में सन् 1996-97 में भूतपूर्व सरपंच स्वः नथमल जेन के कार्यकाल में आर्थिक प्रयासों से लाखों र...

@ प्रवीण राजपुरोहित

सिरोही/दांतराई। कस्बे में सन् 1996-97 में भूतपूर्व सरपंच स्वः नथमल जेन के कार्यकाल में आर्थिक प्रयासों से लाखों रूपये की लागत से दांतराई पंचायत के पास मेन रोड पर एक पंचायत के सचिव के रहने हेतू सचिव भवन का निर्माण करवाया गया था उस सचिव भवन में सचिव के कार्य करने हेतू सुविधाजनक भवन का निर्माण करवाया गया था।
करीब छ: साल तक इस भवन का उपयोग किया गया लेकिन 2005 से जो करीब बारह साल से इस भवन को उपयोग में नही लिया जा रहा हे। भवन में पंचायत के पुराने दस्तावेज, आलमारीया व सन्दूक रखे जाते थे। सन् 2013 में राजीव गांधी भवन बनने के बाद पंचायत भवन से राजीव गांधी अटल सेवा केन्द्र में ले जाया गया। सचिव आवास केंद्र भवन उपयोग नहीं होने से जर्जर हो चुका है। 12 पहले बने इस भवन की मरम्मत को लेकर  कभी जहमत नहीं उठाई गई। विभागीय लापरवाही के चलते लाखों की लागत से बने उक्त भवन जर्जर अवस्था में पडा हुआ हे। जानकारी के अनुसार दांतराई गांव के मुख्य बस स्टेशन पर 19  सालों पहले सरकारी योजना के तहत लाखों रुपए की लागत से सचिव आवास भवन का निर्माण करवाया गया है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही के चलते अब यह भवन असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

किराए के भवन में रहते हैं सचिव
सचिव भवन के हालात खराब होने के कारण  यहां आने वाले सचिव किराए के आवास में रहना पडता हे। हालत यह है कि इस भवन के दरवाजे, खिड़कियां सड़ चुके हे ओर फर्स भी टूटकर बिखरने लगा है। यदि मरम्मत व उपयोग नहीं हुआ तो यह भवन खंडहर में तब्दील हो जाएगा। विभागीय लापरवारी के चलते जहां भवन नाकारा होने से सरकारी धन बेकार हुआ, वहीं भवन होते हुए भी सचिव को किराए के निवास पर ही रहना पड़ रहा है। जिसका किराया भी सचिव को ही चुकाना पड़ता है।


लाखों की लागत से बना भवन झाड़ियों से घिरा
उपयोगिता विहीन भवनों को बनाकर सरकारी पैसों की लूट का नमूना यदि कहीं देखना हो तो आप दांतराई गांव में उन्नीस वर्ष पूर्व एक सचिव भवन जो लगभग लाखो की लागत से बनाया गया,जिसमे कई जगह दरार पड़ गई है और उसे चारों तरफ से कंटोली झाड़ियों ने जकड़ लिया है,लगता है कि विभाग को उसे हस्तगत भी नहीं किया गया हो। आज वहां की स्थिति ऐसी है की उस भवन का दरवाजा भी जाम हो गया है। कुल मिलाकर सरकारी रुपयों का भवन बनाने के नाम पर लूट की जा रही है,जबकि उन भवनों की कोई उपयोगिता अभी तक नहीं दिख रही है।

पुराना पंचायत भवन बना शराब का अड्डा
ग्राम पंचायत कार्यालय का पुराना भवन जर्जर अवस्था में होने के कारण अब समाजकंटकों की शरण स्थली बनता जा रहा है। बस स्टेण्ड स्थित इस पुराने भवन में शाम ढलने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो जाती है। नशे के शौकिन लोग इस भवन में डेरा जमाए रहते हैं। कई बार तो हालत यह होती है कि आस पास से गुजरने वालों के पैरों की ठोकरों में शराब की खाली बोतले टकरा जाती हैं। देखभाल न होने से परिसर में गंदगी का ढेर लगता जा रहा है। मरम्मत न होने से भवन परिसर खंडहर सा नजर आने लगा है। पंचायत कार्यालय को नवीन अटल सेवा केन्द्र मे स्थानान्तरण करने के बाद से पुराने पंचायत भवन को उसके हाल पर छोड़ दिया गया हैं।

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