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आवारा कुत्तों के हमले से, हिरण प्रजाति पर संकट

धोरीमन्ना उपखंड क्षेत्र में तीन अलग अलग घटनाओं में एक हिरण ने इलाज के अभाव तोड़ा दम, घायलावस्था में दो हिरण को अमृतादेवी उद्यान धमाणा पहु...

  • धोरीमन्ना उपखंड क्षेत्र में तीन अलग अलग घटनाओं में एक हिरण ने इलाज के अभाव तोड़ा दम, घायलावस्था में दो हिरण को अमृतादेवी उद्यान धमाणा पहुंचाया

@ रिपोर्ट शंकर गोदारा छोटू

बाड़मेर/धोरीमन्ना। उपखण्ड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। क्षेत्र में प्रतिदिन आवारा कुत्ते राज्य पशु चिंकारा को अपना शिकार बना रहे हैं। इधर शनिवार को तीन अलग अलग जगह आवारा कुत्तों ने हिरणों पर हमला कर घायल कर दिया । जिसमें से एक ने इलाज के अभाव दम तोड़ दिया वहीं दो हिरणों को घायलावस्था में वन्यजीव प्रेमियों ने अमृतादेवी उद्यान धमाणा भेजा ।
जहाँ उनका उपचार चल रहा हैं। क्षेत्र में दर्जनों के झुंड में विचरण करने वाले चिंकारे अब एक दुक्के ही नजर आने लगे हैं । अगर यही हाल रहा तो चिंकारा प्रजाति  विलुप्त हो जायेगी। क्षेत्र में लगातार घट रही राज्य पशु चिंकारा की संख्या को लेकर वन विभाग बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं । वन विभाग के अधिकारी शिकारी  कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई करने से जी चुरा रहा है ।

केस - 1
उपखण्ड क्षेत्र के लुखू गांव में शनिवार सुबह आवारा कुत्तों ने हमला बोलकर हिरण को घायल कर दिया । जिसे रेस्क्यू सेंटर लाया गया लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हिरण ने दम तोड़ दिया ।
केस - 2
इसी तरह उपखंड क्षेत्र के भूणिया गांव के फगलू का तला में शनिवार सुबह को कुत्तो ने हमला करके एक मादा हिरणी को शिकार बनाया । रेस्क्यू सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद हिरणी को अमृतादेवी उद्यान धमाणा भेजा गया ।
केस - 3
उपखण्ड क्षेत्र के भूणिया गांव अंतर्गत हणुते का तला में भी शनिवार को कुत्तों ने हिरण पर हमला करके नोच दिया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद अमृतादेवी उद्यान धमाणा भेजा गया।
वन विभाग बना मूकदर्शक
क्षेत्र आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस कारण आवारा कुत्ते प्रतिदिन किसी न किसी हिरण पर हमले कर रहे है। क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों से अब तक करीब दर्जन हिरण मारे जा चुके है। ऐसे में यह स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। हालाकि गाँव के वन्य प्राणी प्रेमी और रक्षक प्रयास में जुटे है और घायल हिरणों को तुरत अस्पताल तक शहर पहुंचाते है और घायल हिरण का इलाज करवाते हैं  लेकिन कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हिरण की मौत हो जाती है। प्रतिदिन आवारा कुत्तों के हमले के शिकार होकर राज्य पशु चिंकारा मर रहे लेकिन इधर वन विभाग मूकदर्शक बन कर बैठा हुआ। वन विभाग की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए अभी तक कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा हैं।

इनका कहना हैं

क्षेत्र में प्रतिदिन आवारा कुत्तों के हमले से हिरणों शिकार हो रहा है। जिससे दिनोंदिन क्षेत्र में हिरणों की संख्या घटती जा रही है। वन विभाग को आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिये । -शंकर बिश्नोई छोटू, वन्यजीव प्रेमी।

क्षेत्र में लगातार हो रही हिरण की घटना में दर्जनों हिरण जान खो चुके है। हिरणों की घटती संख्या पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है। -भंवरलाल भादू, वन्यजीव प्रेमी।

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