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बीएडीपी में स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देंःसुराणा

बाड़मेर, 08 फरवरी। सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम की कार्य योजना बनाते समय स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। ताकि योजना की मं...

बाड़मेर, 08 फरवरी। सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम की कार्य योजना बनाते समय स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। ताकि योजना की मंशा के अनुरूप विकास कार्य करवाए जा सके। परियोजना निदेशक अरूण सुराणा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेस हाल में प्रदेश के बाड़मेर समेत पांच जिलों के अधिकारियों को सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम संबंधित दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान यह बात कही।
इस दौरान सुराणा ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम में गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने, विद्युतीकरण, पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के कार्याें को प्राथमिकता से शामिल किया जाए। कार्य योजना को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला स्तर से राज्य सरकार को भिजवाए। इसके तहत पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किमी एवं उसके उपरांत 20 किमी के दायरे में आने वाले गांवों में विकास कार्य कराए जाने है। उन्होंने कहा कि बीएडीपी में वर्ष 2016-17 से केन्द्रांश एवं राज्यांश क्रमशः 60 तथा 40 फीसदी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत निर्मित किए गए भवनों एवं अन्य निर्माण कार्याें का नियमित संधारण एवं समुचित उपयोग किया जाए। मरम्मत के लिए योजना की मार्गदर्शिका में 15 फीसदी राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने संबंधित जिलों को सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के बकाया उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने बाड़मेर जिले में सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अब हुए विकास कार्याें एवं भविष्य की प्राथमिकता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसमें सीमा सुरक्षा बल के अलावा पुलिस विभाग की जरूरतों को भी कार्य योजना में शामिल किया जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने बाड़मेर जिले की पांच पंचायत समितियों धनाउ, गडरारोड़,रामसर, चौहटन एवं सेड़वा के विकास अधिकारियों को 15 फरवरी तक स्मार्ट विलेज में कराए जाने वाले कार्याें के प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पीओ एसएपी गितिका सारस्वत, पांच जिलों के तकनीकी अधिकारियों के अलावा विकास अधिकारी एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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