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दांतराई। कांजी हाउस को बना दिया सार्वजनिक शोचालय,आवारा पशुओं से परेशान ग्रामीण

@ प्रवीण राजपुरोहित सिरोही/दांतराई। कस्बे में इन दिनों आवारा पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। गाँव में पंचायत की अनदेखी के ...

@ प्रवीण राजपुरोहित

सिरोही/दांतराई। कस्बे में इन दिनों आवारा पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। गाँव में पंचायत की अनदेखी के कारण कांजी हाउस के अभाव में आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। हालात ये हो गए हैं कि गांव से पर्यटन स्थल सुन्धामाता के लिए निकले रही सडक भी इससे अछूते नहीं हैं और आए दिन हादसों में गायों सहित अन्य मवेशी अकाल मौत का ग्रास बनते जा रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र में विचरण करने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउसों में बंद किया जाता था और इसके बाद जुर्माना वसूलकर पशुओं को उनके मालिकों को सौंप दिया जाता था। इसके चलते  क्षेत्र में विचरण करने वाले आवारा पशुओं की संख्या पर अंकुश लगता रहता था, लेकिन पिछले करीब आठरह  सालों से कांजी हाउस बंद हो गए।  कांजी हाउसों के अभाव में क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।


गायें खा रही कचरा व पॉलीथिन
कस्बे में घूम रही आवारा गायें गंदगी के ढेर से कचरा व पॉलीथिन खा रही हैं। इससे आए दिन गायें सड़कों पर बीमार मिलती है। वहीं उनकी इलाज के अभाव में मौत तक हो जाती है। भूख लगने पर ये गायें दिन भर या तो बाजारों में इधर-उधर मुंह मारती है। जहां इनका सामना लाठियों से होता है या फिर नालियों का गंदा पानी पीने और पॉलिथिन में लिपटी खाद्य सामग्री को पॉलिथिन सहित खाने को मजबूर रहती हैं। खाद्य सामग्री को एक दूसरे से छीनने के चक्कर में गायें भिड़ जाती हैं और बाजार में अफरा-तफरी मच जाती है। कई बार राहगीर घायल भी हो जाते हैं। 


कांजी हाऊस बना सार्वजनिक शोचालय
गाँव की पुरानी पंचायत में करीब पच्चीस सालों पहले पंचायत परीसर में आवारा पशुओ की रोकथाम के लिए कांजी हाऊस का निर्माण करवाया गया था ओर उसमें आवारा पशुओं को रखा भी जाता था। लेकिन वर्तमान में कांजी हाउस का उपयोग शोचालय के रूप में किया जा रहा हैं। जबकि पुरानी पंचायत में सार्वजनिक शोचालय का निर्माण भी दो साल पहले करवा दिया हैं लेकिन चालू नही होने के कारण कांजी हाउस का उपयोग किया जा रहा हैं। गाँव के होली चोक पर भी कांजी हाउस था लेकिन वो भी वर्तमान में नजर नही आ रहा हैं। सरकार द्वारा कई प्रकार कि योजना बनाये जा रहे वह सिर्फ दिखावा करने के सिवाय और कुछ नही है गौ रक्षा करो, गौ वंश बचाओं यह कहने में तो कितना अच्छा लगता है मगर हकीकत में कुछ नही ? कांजी हाउस का उपयोग नही होने के कारण  कितने पशु कांजी हाउस के अभाव में कैसे सड़को पर घुमते नजर आते हैं।


 इनका कहना हैं

गाँव में आवारा पशुओं की संख्या ज्यादा बढ गई हे जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा हे लेकिन पंचायत व प्रशासन कोई ध्यान नही दे रहा हैं।

-भेराराम पुरोहित, किसान दांतराई।

मेने बीडीओ को जांच के लिए निर्देशित कर दिया हैं।

-आशाराम डुडी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिरोही।

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