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ममतामयी के साथ -साथ त्यागमयी भी होती हैं बेटियां:रोहित सैनी 

बीएमडी क्लब के सहयोग से कन्या सामूहिक जन्मोत्सव पर  हुआ नानगवास में ''अपनेपन का एहसास'' कार्यक्रम का आयोजन। बेटियों के...

बीएमडी क्लब के सहयोग से कन्या सामूहिक जन्मोत्सव पर  हुआ नानगवास में ''अपनेपन का एहसास'' कार्यक्रम का आयोजन।
बेटियों के जन्मदिन को बनाए एक सामाजिक परम्परा:वीरेन्द्र कुण्ड 

अलवर/नीमराना/नानगवास। समाज को बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाने का सकारात्मक सन्देश देते हुए ग्राम पंचायत नानगवास द्वारा महिला बाल विकास विभाग एवं बीएमडी क्लब के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नानगवास में 21 बेटियों का सामूहिक जन्मोत्सव अभियान के तहत अपनेपन का एहसास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचायत समिति नीमराना  चेयरपर्सन सविता यादव एवं एलआईसी नारनौल के विकास अधिकारी रोहिताश्व सैनी थे। इस कार्यक्रम में सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि एवं एलआईसी एडवाइजर वीरेंद्र कुण्ड एवं नीमराना पंचायत समिति प्रधान पति मनोज यादव थे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता रतन सिंह ग्राम सरपंच नानगवास ने की।
मुयख्य अतिथि सविता यादव एवं रोहित सैनी  ने उपस्थित लोगों से बेटियो को बचाने की अपील करते हुए कहा की आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। पुरुषों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर देश और समाज की प्रगति में अपना हिस्सा डाल रही है । विद्यमान आधुनिक भारतीय समाज में स्थितियों एवं परिस्थितियाँ परिवर्तित हो चुकी हैं । आज हम सभी नारी को समय की मुख्यधारा से जोडने की जरुरत हैं। हमारे जीवन में बेटियों को महत्व देना चाहिए। बेटियां ममतामयी के साथ-साथ त्यागमयी भी होती हैं। हमें बेटियों के जन्मोत्सव को एक जुट होकर मनाना चाहिए ताकि हमारी बेटियों को भी अपनेपन का भी एहसास  हैं। बेटी बचाओ अभियान एक सामाजिक जागरुकता का मुद्दा है जिसे गम्भीरता से लेने की जरुरत है। समाज के नागरिकों को बेटियों को बचाना और सम्मान करना चाहिए क्योंकि वो पूरे संसार का निर्माण करने की शक्ति रखती है उक्त शब्द सामाजिक संस्था बीएमडी युवा क्लब के सचिव इंदरजीत शर्मा ने कहे I
विशिष्ठ अतिथि बीएमडी क्लब के प्रतिनिधि वीरेंद्र कुण्ड ने भी उपस्थित लोगों से बेटियों को बचाने का आह्यवान करते हुए कहा की लिंगानुपात को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक परिवर्तन लाने की आवश्यकता हैं उसके लिए जागरूक महिलाएँ ही  महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में सफल साबित हो सकती हैं। जब तक हम सब कन्या भूर्ण हत्या जैसी बुराई के खिलाफ खड़े नही होंगे इससे मुक्ति नहीं मिल सकती। इसके लिए सभी सामाजिक संस्थाओं एवं  लोगो को भी व्यक्तिगत प्रयास करने चाहिए। हमें बेटियों के जन्मदिन को एक सामाजिक परम्परा बनाने की आवश्यकता हैं जिससे समाज की सोच में परिवर्तन आएगा। 
इस अवसर पर ज्योति सैनी सरपंच मांढण, सरपंच राजेन्द्र काठवास, महेन्द्र सिंह यादव प्राचार्य, धर्मपाल दानसिंह, सरपंच राजपाल खोशियास, महिला एवं बाल विकास से मधु शर्मा, पंच मंजू देवी, भगवती देवी, राजेन्द्र, धर्मपाल यादव, सुनीता  देवी, रामचंद्र, विजयपाल, सुमन  देवी, राजबाला  देवी, स्वंयसेविका मोनिका देवी, ओमप्रकाश, धर्मवीर, संजय नानगवास सहित सभी बेटियों के माता-पिता सहित  अन्य ग्रामीणों एवं महिलाओं ने बेटियों को अपना शुभ आशीर्वाद  शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।

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