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फलसुण्ड। क्षेत्र में विद्यालय के अभाव में पिछड़ रही बालिका शिक्षा

@ गणेश जैन जैसलमेर/फलसूण्ड। तहसिल भणियाणा क्षेत्र में सरकार भले ही अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन का ढ...

@ गणेश जैन

जैसलमेर/फलसूण्ड। तहसिल भणियाणा क्षेत्र में सरकार भले ही अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन का ढिंढोरा पीट रही हैं लेकिन ग्रामिण क्षेत्र में दर्जनों ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आज भी बालिका विद्यालय नहीं हैं ऐसे में ग्रामिण क्षेत्र की अधिकांश बालिकाए उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं गांव से मात्र 20-30 किलोमिटर दुर स्थित ग्रावों में जाना रहा हैं ग्रॅाव में आठवी तक बालिका स्कुल हैं इसी कारण कई लड़किया आठवीं से आगे नहीं पड़ पा रहीं हैं इसका खास कारण यह हैं कि ग्रावों से करीब 60 से 70 किमी की दुरी तक बालिका विद्यालय ही नहीं हैं आठवीं के बाद आगे छात्रा पढाई करना चाहती हैं तो उसे कम से कम 70 से 80 किमी दुर जाना पढ़ता हैं।
इतनी दुरी तक भेजकर बालिका को पढाना ज्यादातर अभिभावक उचित नहीं समझते। ऐसे में आठवीं पास करने के बाद छात्रा को मजबुरन घर क चुल्हा चैका संभालना पड़ता हैं जानकारी के अनुसार क्षेत्र के राजकिय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय फलसुण्ड़ में बालिकाओं की संख्या अधिक हैं आस-पास बालिका विद्यालय नहीं होने से व सुविधाओं का आभाव होने के कारण क्षेत्र की बालिकाएं आठवीं के बाद स्कुल छोड़ देती हैं। साथ ही अभिभावक अधिकतर दुर होने के कारण बालिकाओं को अन्यत्र भेजने से कतराते हैं कस्बे की लड़कियों ने बताया कि कस्बे सहित आसपास के ग्रांवो में आठवी के बाद बालिका विद्यालय नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई अधुरी छोड़नी पड़ रहीं हैं इनकी तरह ओर कई बालिका ऐसी हें जो इस वजह से नहीं पढ़ पा रही हैं।


कई बार कर चुके हैं मांग
क्षेत्र के फलसुण्ड, नेतासर, भीखोडाई, भणियाणा, राजमथाई, मानासर, केसुम्बला, कजोई, रतेउ, उजला सहित कई ग्रावों में बालिका माध्यमिक विद्यालय नहीं हैं इसके लिए कस्बे सहीत आसपास के ग्रावों में ग्रामिण ने कई बार जन प्रतिनिधियों से मांग की लेकिन आज दिन तक बालिका विद्यालय नहीं खुल पाया हैं इस कारण बालिका शिक्षा को बढावा नहीं मिल पा रहा हैं।


पिछडा महिला शिक्षा का ग्राफ
महिला शिक्षा के लिहाज से जैसलमेंर जिले में पिछडा हुआ हैं। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार जहा प्रदेश में 43.90 प्रतिशत महिला साक्षरता दर थी वही जैसलमेर में साक्षरता दर 27.80 इसी तरह वर्ष 2011 के अनुसार प्रदेश में 52.66 प्रतिशत महिला साक्षरता दर थी जबकि जिले की 38.73 प्रतिशत के आकडे पर पहुची हैं इसको लेकर वर्तमान में जिले में महिला साक्षरता दर में काफी सुधार की जरुरत महसुस की जा रहीं हैं। 

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