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चौहटन। लब्धिनिधान पार्श्वनाथ तीर्थ भूमिपूजन के साथ नये अध्याय का आगाज

लब्धिनिधान पार्श्वनाथ तीर्थ भूमिपूजन के साथ नये अध्याय का आगाज। पर्वत मालाओं की श्रृंखलाओं के बीच विशाल भु भाग पर बनेगा भव्य तीर्थ गुर...

  • लब्धिनिधान पार्श्वनाथ तीर्थ भूमिपूजन के साथ नये अध्याय का आगाज।
  • पर्वत मालाओं की श्रृंखलाओं के बीच विशाल भु भाग पर बनेगा भव्य तीर्थ
  • गुरूकुल,वात्सलय घाम,गौशाला सहित कई प्रकल्पो का होगा निर्माण

@ विपिन भंसाली 

बाड़मेर/चौहटन। पर्वत मालाओं की श्रृंखलाओं के बीच चौहटन  नगर में जब लब्धिनिधान पाश्र्वनाथ-मणिधारी तीर्थ के भूमि शुद्धि, भूमि अधिग्रहण, भूमिपूजन के लिए मंत्रोच्चार का श्रीगणेश हुआ तो लगा मानो साक्षात प्रभु ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हो। खरतरगच्छाचार्य जिनपीयूषसागर सूरीश्वर म.सा. की प्रेरणा एवं निश्रा एवं विचक्षण स्नात्र मंडल चैहटन के तत्वावधान में 30 बीघा के विशाल भू-भाग पर लब्धिनिधान पाश्र्वनाथ का भव्य जिनालय के साथ साथ दादावाडी,म्यु जियम, गुरूकुल, गौशाला, वात्सलय धाम सहित विभिन्न जनापयोगी प्रकल्पो का निर्माण होगा। कार्यक्रम संयोजक मांगीलाल डोसी ने बताया कि चौहटन  नगर से विरात्रा जाने वाली रोड़ पर ढोक ग्राम में मन्दिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शुद्धी के कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें देशभर के कई प्रान्तो से आये भक्तो ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 


मंगल विधान का हुआ आयोजन
पांडवों की तपोभूमि चौहटन नगर में शुक्रवार की भोर एक स्वर्णिम सूर्य के साथ उदित हुई। सर्योदय के साथ ही खरतरगच्छाचार्य जिनपीयूषसागर सूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा में पाश्र्वनाथ भगवान की भव्य रथयात्रा निकाली गई जो गाजे-बाजे के साथ गुरू भगवंतों सहित सकल संघ के साथ चौहटन से महोत्सव स्थल ढ़ोक गांव तीर्थ भूमि पर पहुंची जहां पर सकल संघ का भव्य स्वागत किया गया विचक्षण स्नात्र मंडल अध्यक्ष भंवरलाल डोसी ने बताया कि 8.00 बजे स्नात्र पूजा, 8.36 बजे नवग्रह पूजा, दशदिग्पाल पूजन, अष्टमंगल पूजन, 9.45 बजे नाकोड़ा भैरव पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, 10.36 बजे विभिन्न तीर्थोें को जल से भूमि शुद्धि एवं भूमिपूजन तत्पश्चात् दोपहर 12.36 बजे साधर्मिक भक्ति के कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें हजारो लोगो ने शिरकत की। तीर्थ नामकरण के लाभार्थी कुष्टमल हरखचन्दोणी परिवार ने तीर्थ नामकरण की घोषणा की। आचार्य भगवंत ने अपने मुखारविन्द ने तीर्थ का नाम लब्धि पाश्र्वनाथ तीर्थ रखा गया। कार्यक्रम में मांगलिक विधि विधान सांचोर से पधारे प्रकाशभाई गुरूजी ने करवाया। भूमिपूजन करवाने का लाभ पुखराज नेमीचंद डोसी परिवार व खनन विधि का  लाभ बाबूलाल माणकमल धारीवाल परिवार ने लिया। तथा विभिन्न तीर्थों केे जल एवं पवित्र नदियों के जल से सम्पूर्ण तीर्थ के भूभाग की भूमि शुद्धिकरण किया गया। भूमि दानदाता मथरीदेवी आसूलाल डोसी परिवार एवं नाथूलाल हंजारोणी परिवार का लब्धिनिधान तीर्थ की ओर से अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र वाणीगोता एवं सोहनलाल डोसी ने किया।

भाग्यवर्धन पाश्र्वनाथ चल मन्दिर का शीघ्र होगा निर्माण

विरात्रा दर्शनार्थ आने वाले हजारों जैन श्रद्धालुओं की जिनेश्वर परमात्मा के प्रति असीम श्रद्धा को मध्यनजर रखते हुए शीघ्र ही इस भूभाग पर भाग्यवर्धन पाश्र्वनाथ भगवान के चल मन्दिर का निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा। जिसमें पाश्र्वनाथ परमात्मा की प्रतिमा भरवाने का लाभ मथरीदेवी आसूलाल डोसी परिवार, गौतमस्वामी की प्रतिमा भरवाने का लाभ ढेलीदेवी नेमीचंद पारख परिवार, जिनचन्द्रसूरीजी की प्रतिमा भरवाने का लाभ पारसमल आसूलाल धारीवाल परिवार ने लिया। 

आचार्यश्री का 32वां दीक्षा दिवस पर किया अभिनन्दन

इस भव्य आयोजन के साथ सुसयोग ये भी रहा कि खरतरगच्छाचार्य जिनपीयूषसागर सूरीश्वर म.सा. का 32वां दीक्षा दिवस भी था। इस अवसर पर आचार्यश्री का अभिनन्दन देशभर से आये श्रद्धालुओं ने किया। आचार्यश्री ने इस अवसर पर एक व्यसन छोडने का सकल्प अपने शिष्यो से मांगा इस पर दर्जनो लोगो ने नशा छोडने का सकल्प लिया। सकल्प के बाद आचार्य श्री ने कहा कि मेरा संयम जीवन भी तभी सफल होगा जब समाज के लोग अपने ईश्वर के प्रति श्रद्धा ओर नशे के प्रति विरोध रखेगे।

ये रहे कार्यक्रम के मेहमान
चीफ एडवाइजर ‘जीतो़’ ललित नाहटा दिल्ली, नाकोड़ा ट्रस्ट अध्यक्ष अमृतलाल जैन मय ट्रस्ट मंडल, खरतरगच्छ संघ जयपुर महामंत्री अनोप पारख जयपुर, गौतम पारख नयापारा राजीम, नमिऊण तीर्थ ट्रस्टी धीरज भूरा सिवनी, अभिषेक मालू सिवनी,  भगवानदास बोथरा सांचैर, वेदमल मालू जोधपुर, बाबूलाल आर. संखलेचा सूरत, समाजसेवी मांगीलाल वडेरा, डाॅ बंशीधर तातेड़, जेठमल जैन, जैनश्रीसंघ चौहटन अध्यक्ष हीरालाल धारीवाल, चौहटन  सरपंच कमलादेवी डोसी, रूपसिंह राठौड़, हिन्दूसिंह राठौड़, उप सरपंच मोहनलाल सोनी, ढोक सरपंच शैतानसिंह सहित देशभर के विभिन्न प्रान्तों के पधारे अतिथियों ने इस कार्यक्रम में अपना आतिथ्य प्रदान किया। विचक्ष्ण स्नात्र मंडल, श्री जिन आनन्द मंडल,  श्री जैन मित्र मंडल, श्री कुशल हेम युवा परिषद, श्री कुशल हेम महिला मंडल, श्री कुशल हेम बालिका मंडल का कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग रहा।  

चार्तुमास के लिए बाड़मेर संघ ने कि विनती
खरतरगच्छ जैन श्री संघ की ओर से आगामी चार्तुमास बाड़मेर करने की विनती की। संघ के सोहनलाल संखलेचा ने कहा कि चार्तुमास के साथ साथ जैन समाज के सबसे बडे महापर्व भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में निश्रा प्रदान करने की भी विनती की। इस पर आचार्य श्री ने कहा कि विहार जोग के आधार पर प्रयास रहेगा की वो श्री संघ के इस आग्रह पर चार्तुमास करने का निर्णय ले। 

प्रर्यटन के लिए आने वाला समय होगा स्वर्णिम
विशाल भूभाग पर होने वाले इस प्रकल्प के बाद प्रर्यटन के लिए आगे आना वाला समय स्वर्णिम होगा। इस अवसर पर आचार्य श्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जो प्रकल्प का निर्माण होगा वो आने वाले समय के हिसाब से होगा। उन्होने कहा कि गुरूकुल ओर वात्सल्य घाम बाड़मेर के इतिहास के नये अध्याय होंगे। उन्होने कहा कि इस कार्य को जल्द से जल्द निर्माण कार्य को प्रारम्भ कराते हुए इस प्रकल्पो को शुरू करना होगा। उन्होने बताया कि इन प्रकल्पो को लेकर जो परिकल्पना की गई है। उन्हे पूर्ण कराते हुए युवाओं को उस गुरूकुल से रूबरू कराना होगा जो छात्र केवल पुस्तको में पढ पा रहे है। 

साकार होगा भव्य तीर्थ का सपना
मंडल के सचिव सोहनलाल डोसी ने बताया कि इस विशाल भूभाग पर भव्य जिनालय एवं दादावाड़ी का निर्माण होगा। चारों ओर पहाड़ियों एवं रेतीले टीलों से घीरे इस स्थल पर बनने वाले विशाल एवं भव्य तीर्थ का प्रारूप बन कर तैयार हो गया है तथा नजदीक में ही विश्व प्रसिद्ध वांकल माता मन्दिर विरात्रा स्थित होने से इस मार्ग पर प्रतिवर्ष भारतभर से लाखों जैन यात्री कुलदेवी दर्शनार्थ आते है इस हिसाब से ये तीर्थ भविष्य में पर्यटन के लिए वरदान साबित होगा। 

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