Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

बाड़मेर। जिला कलक्टर के प्रयास रंग लाए, दो दिव्यांगों को मिली रोशनी

अहमदाबाद में आंखों के आपरेशन के बाद बाड़मेर लौटे दिव्यांग, आंखों में रोशनी लौटने से बेहद खुश बाड़मेर, 12 अप्रैल। सत्य साई अंध एवं मूक ब...

अहमदाबाद में आंखों के आपरेशन के बाद बाड़मेर लौटे दिव्यांग, आंखों में रोशनी लौटने से बेहद खुश
बाड़मेर, 12 अप्रैल। सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय में अध्ययनरत मूलाराम एवं भभूताराम अब आम लोगों की तरह देख सकते है। बाहरी दुनिया देखने की आस छोड़ चुके इन दिव्यांगों के लिए बाड़मेर जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के प्रयास एवं केयर्न इंडिया की सामाजिक सरोकार की पहल खुशियों की सौगात लाई। अब वे अपने साथ पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के साथ बाहरी दुनिया को आसानी से देख पा रहे हैं।
जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के विशेष प्रयास एवं केयर्न इंडिया के सहयोग से सवाउ पदमसिंह निवासी मूलाराम (15) पुत्र भोमाराम एवं भभूताराम (12) पुत्र गोरधनराम निवासी पायलाकला का अहमदाबाद के एक अस्पताल में आंखों का आपरेशन कराया गया। जहां आपरेशन सफल होने के बाद बुधवार को यह बच्चे वापिस सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय पहुंचे। अब यह आसानी से बाहरी दुनिया देख पा रहे है। जिला कलक्टर सुधीर शर्मा, केयर्न इंडिया के सीएसआर हेड मनोज अग्रवाल, मैनेजर सीएसआर सुंदरराज नायडू सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय पहुंचे। उन्होंने मूलाराम एवं भभूताराम से मिलकर उनकी आंखों की रोशनी लौटने पर उनकी प्रतिक्रिया जानी। आंखों की रोशनी मिलने के बाद मूलाराम एवं भभूताराम बेहद खुश है। उन्होंने बताया कि वे अपने साथियों, अपने विद्यालय,पहाड़ के साथ आसपास होने वाली समस्त गतिविधियों को देख पा रहे है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वो बाहरी दुनिया देख पाएंगे। उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने 2 अक्टूबर 2016 को जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान इनकी रामधुन एवं अन्य भजनों की प्रस्तुति देखी थी। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को इनका चिकित्सकीय परीक्षण करने के निर्देश दिए थे। स्थानीय स्तर पर हुई जांच के दौरान कुछ बच्चों को आपरेशन अथवा अन्य उपचार के जरिए उनके जीवनशैली में सुधार होने की उम्मीद दिखाई दी। इस पर अंधजन मंडल अहमदाबाद के नेत्ररोग विशेषज्ञ डा.सुमन मित्रा से दुबारा इनका चिकित्सकीय परीक्षण कराने पर मूलाराम एवं भभूताराम की आपरेशन के उपरांत रोशनी लौटने का भरोसा दिलाया गया। वहीं 16 अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों को लो विजन, रिडिंग स्टेंड, माइक्रो लैंस, पावर लैंस सरीखे उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। केयर्न इंडिया के सहयोग से मुकेश कुमार, अब्बास खान, ललित खान, दानाराम, सांगाराम, भभूताराम, मूलाराम, जसराज, देवीलाल, ममता कुमारी, राधा कुमारी, नारणाराम, बालाराम, इशाक खान, वहिया खान, सायब खान, वासुदेव, धापू को सहायक उपकरण वितरण किए जाएंगे, जो उनके शिक्षण में काफी मददगार साबित होंगे। सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय में 100 बच्चे अध्ययनरत है। इसमें 35 बच्चे दृष्टिबाधित एवं 40 मानसिक रूप से विमंदित है। इनको ब्रेल लिपि से अध्ययन कराया जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं