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दादा गुरूदेव की बडी पूजा मे झूमे गुरूभक्त

बाडमेर 12 अप्रेल। कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाडमेर व कुशल युवा मण्डल जैसलमेर की ओर सेे चैत्र पूनम के दिन 1 दिवसीय बाड़मेर-जेसलमेर से लौद्रवप...

बाडमेर 12 अप्रेल। कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाडमेर व कुशल युवा मण्डल जैसलमेर की ओर सेे चैत्र पूनम के दिन 1 दिवसीय बाड़मेर-जेसलमेर से लौद्रवपुर-ब्रह्मसर दादा गुरूदेव दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। कुशल दर्शन मित्र मण्डल के राजू वडेरा व कपिल मालू ने बताया कि चैत्र पूनम के उपलक्ष में बाड़मेर, लौद्रवपुर, ब्रह्मसर तीर्थ की यात्रा करायी गयी।
मालू ने बताया कि यात्रा संघ 2 बसो के साथ स्थानीय आराधना भवन बाड़मेर से रवाना होकर प्रातः 10 बजे लौद्रवपुर तीर्थ पहुंचा जहां पाश्र्वनाथ दादा के दर्शन कर पूजा अर्चना की गई और मनोकामना पूर्ण करने वाला कल्पवृक्ष,अधिष्ठायक नागदेवता,प्राचीन रथ सहित अधिष्ठायक घंटाकर्ण महावीर देव व दादा गुरूदेव के दर्शन वंदन का लाभ लिया। इस अवसर पर शान्ती स्नात्र महापूजन का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय कलाकारो ने पूजन में पाश्र्वनाथ दादा के भजनो की प्रस्तुतियां देकर झुमने पर मजबुर कर दिया। पूजन के पश्चात संघ लौद्रवपुर से ब्रह्मसर की ओर प्रस्थान कर गया।
कुशल दर्शन मित्र मण्डल के रमेश कानासर ने बताया कि ब्रह्मसर दादावाडी प्रांगण में दादा जिन कुशलसूरी गुरूदेव के चरण पादुकाओं के आगेें महापूजन का आयोजन किया गया।पूजन के दौरान कानासर नेे बताया कि प्रकाश पारख एण्ड पार्टी द्वारा भजनो की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। बाडमेंर से पधारे भजन गायाक अमित बरडिया व  अशोक बोथरा द्वारा प्रस्तुत भजन ’‘मेरे सिर पर रख दो दादा अपने ये दानो हाथ‘‘ एवं ‘‘पूनम का है दिन दादा आज थाने आणो है‘‘ ’ भजन पर भक्त जमकर झुमे।कानासर ने बताया कि  महापूजन के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। विमलनाथ भगवान की आरती आदमल भगवानदास छाजेड व विमलनाथ भगवान के मंगल दीपक का लाभ आसूलाल लक्ष्मणदास लूणिया  एवं दादा गुरूदेव की आरती का लाभ पुखराज मोतीलाल लूणिया व  दादा गुरूदेव के मंगल दिपक का लाभ पारसमल वीरचन्द छाजेड सियाणी वाले एवं नाकोडा भैरव देव की आरती  का लाभ भगवानदास राणामल छाजेड गुडा वालो  ने लिया। सुबह के नाश्ते व सुबह की नवकारसी का लाभ कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाडमेर व शाम की नवकारसी कुशल युवा मण्डल जैसलमेर व बडी पूजा  का लाभ कुशल युवा मण्डल जैसलमेर व शंकरलाल केशरीमल बोथरा की ओर से लिया गया।शाम को तीर्थकर विमलनाथ भगवान और दादा जिनकुशल गुरूदेव की आंगी रचाई गई तथा गुरूदेव का सामुहिक इक्कतीसा का पाठ का आयोजन हुआ।

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