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बायतु। गोगाजी व आईदान बाबा की प्राणप्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न

@घमण्डाराम परिहार बाड़मेर/बायतु। क्षेत्र के खरंटिया ग्राम स्थित नाथाणियों सारणो की ढाणी में मंगलवार को गोगाजी व आईदान बाबा की प्राणप...

@घमण्डाराम परिहार

बाड़मेर/बायतु। क्षेत्र के खरंटिया ग्राम स्थित नाथाणियों सारणो की ढाणी में मंगलवार को गोगाजी व आईदान बाबा की प्राणप्रतिष्ठा मूर्तिस्थापन समारोह सम्पन्न हुआ। यहाँ पर सात दिवसीय भागवत कथा का भी वाचन हो रहा था,जो सोमवार को सम्पन हुआ। मन्दिर में सोमवार को रात्रि जागरण का भी आयोजन हुआ।मंगलवार को हवन, पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। धर्मात्मा लोगो द्वारा बढ़ चढ़कर बोलिया लगवाई गयी। आईदान बाबा की मूर्ति की बोली वगताराम सारण की तरफ से 18000रु,अखण्ड ज्योत की बोली खेताराम डंडाली 56000रु,प्रसादी की बोली नारणाराम की तरफ से20000रु की बोलियाँ बोली गयी।इसके बाद में सन्तों के सानिध्य में, रेखाराम सारण द्वारा आईदान बाबा की मूर्ति स्थापन की गयी। इस कार्यक्रम के दौरान बाड़मेर यूआईटी चेयरमैन प्रियंका चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मंचाचीन रही। प्रियंका चौधरी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बिना जोग-सन्जोग के और बिना उपरवाले की मर्जी के एक कदम भी नही चल सकते।अपन के परिवार में हमेशा मिलनसार जरूरी है।आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है।आज के समय में प्रेम,संस्कार आदि को रखना चाहिए।इस जिंदगी में सोचते सोचते और इस जिन्दगी में एक ही दौड़ रहती है कि पैसे कैसे कमाने है। पैसो के खातिर लोग आपसी रिश्ता, भाईचारा, समाज के कर्तव्य भूल जाते है।छोटी-छोटी सोच छोड़कर बड़ी सोच रखे।बेटी शिक्षा को आगे बढ़ाने की बात कही।इस दौरान जिला परिषद सदस्य नरसिंगराम कड़वासरा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्कारो की कमी नही होनी चाहिए।जिनमे संस्कारों व आचरण की कमी होती है वो लोग आगे नही बढ़ पाते है।इस अवसर पर बायतु विधायक व् किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि ये संस्कृति, धर्म यदि जिन्दा है तो अपने हिन्दुस्थान में है।जिस तरह हम भाईचारा,प्रेम के साथ रहते है, ऐसा विश्व में भाईचारा ,प्रेम किसी देश में नही है ।यह इस संस्कृति में कण कण में भगवान को माना है, हर इंसान को भगवान का रूप दिया है, ऐसी हमारी भारतीय संस्कृति है। हमारी संस्कृति में दूसरो को पहले खिलाये,बाद में दूसरो को खिलाये।इस देवभूमि पर हमारा जन्म हुआ है, अपने पिछले जन्म में अच्छे कार्य किये, तब यह मनुष्य जन्म नसीब हुआ। जो सन्त महात्मा,गुरु है उनसे कुछ सीखना होता है।गुरु शब्द का मतलब है कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाये अज्ञान से ज्ञान की और ले जाए।

ये हुए शरीक
बायतु विधायक व किसान  मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी, यूआईटी बाड़मेर चेयरमैन प्रियंका चौधरी, जिला परिषद सदस्य नरसिंगाराम कड़वासरा, नैनाराम पार्षद, रेखाराम सारण, वगताराम, रूपाराम, नरसिंगाराम देदड़, भोमाराम गोदारा, कानाराम नाई, खरंटिया सरपंच किरताराम, खेताराम सारण, लुम्भाराम सारण, भगाराम मुंढण सहित अनेक ग्रामीण, श्रदालु मौजूद रहे।

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