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अंबेडकर के आदर्शाें का अंगीकार करने की जरूरत:मेघवाल

जिला स्तरीय  समारोह हुआ आयोजित 300 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान अंबेडकर जंयती पर निकाली जन जागरण रैली, हुआ प्रतिभाओं का सम्मान डा.भीमरा...

जिला स्तरीय  समारोह हुआ आयोजित
300 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
अंबेडकर जंयती पर निकाली जन जागरण रैली, हुआ प्रतिभाओं का सम्मान
डा.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शुक्रवार को जिले भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। भगवान महावीर टाउन हाल में आयोजित मुख्य समारोह में प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर के आदर्शाें पर प्रकाश डालते हुए इनको आत्मसात करने की जरूरत जताई।
बाड़मेर। आज के परिवेश में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को अंगीकार करने की विशेष जरूरत है। बाबा साहब ने देश में छूआछूत एव उत्पीड़न के दौर में सामाजिक समरसता का वातावरण तैयार करने का कार्य किया। जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका मेघवाल ने शुक्रवार को भगवान महावीर टाउन हाल में अंबेडकर जयंती के मुख्य समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। इस अवसर पर जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका मेघवाल ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं एवं श्रमिकों को अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने भारत को ऐसा संविधान दिया, जिसे 67 साल बाद भी आज हमारे देश में धर्म ग्रंथ की तरह हम सब मानते हैं। जिला प्रमुख ने कहा कि बालिका शिक्षा मौजूदा समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बालिका पढे़गी तो दो परिवारों का भविष्य सुधरेगा।
इस अवसर अध्यक्षीय उदबोधन में बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि डा.अंबेडकर ने संविधान की रचना करके सबको समानता का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि हमें प्रण लेना होगा कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने के साथ नशा मुक्त समाज का निर्माण करेंगे।
यूआईटी चैयरमैन डा.प्रियंका चौधरी ने कहा कि बाबा साहब संघर्ष का पर्याय थे। उन्होंने अपने समाज के उत्थान का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जयंती समारोह मनाने के साथ यह सोचने की जरूरत है कि हम अपने समाज के लिए क्या कर रहे है। उन्होंने बाबा साहेब को एक दायरे में नहीं बांधने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहर में नियम विरूद्व शराब का ठेका लगाने की स्थिति में वे भी विरोधस्वरूप अनशन पर बैठेगी। इस अवसर पर मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल मेघवाल ने कहा कि देश में कई ऐसे महापुरुष हुए हैं जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव के कल्याण के लिए लगा दिया। ऐसे ही महापुरुष थे डा. भीम राव अंबेडकर। उन्हें अमेरिका में ज्ञान का प्रतीक माना गया है।
उनके जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डा. अंबेडकर अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने 32 डिग्रियां प्राप्त की थी। वह भी ऐसे समय में जब विरले लोग ही पढ़ पाते थे। उन्होंने कहा कि युवाओं का आह्वान किया कि वे नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि अपने उद्योग स्थापित करने के बारे में सोचें। इससे वह दूसरों को रोजगार भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि डा. अंबेडकर का जन्म ऐसी परिस्थिति में हुआ था, जब देश में सामंतवादी ताकतों का बोलबाला था, लेकिन इसके बीच भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई और संविधान निर्माता हुए।
ऐसा केवल ज्ञान के बल पर ही संभव हो पाया। नगर परिषद के सभापति लूणकरण बोथरा ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े संविधान की सौगात देकर अंबेडकर ने भारत को विश्व पटल पर गौरवांवित किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इस दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने कहा कि भीमराव अंबेडकर हमारे देश के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने जात-पात और छुआछूत की भावना को जड़ से मिटाने का कार्य करने के साथ-साथ हमारे देश को एक ऐसा संविधान दिया, जिसमें सभी जाति-धर्मों एवं वर्गों के अधिकारों का समन्वय करके समानता का परिचय दिया गया। जो पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय लोकतंत्र की मिसाल है। उन्होंने गरीब दलित परिवार में जन्म लेकर सिद्ध किया कि दृढ़संकल्प, मेहनत और साहस से मनुष्य कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उनका जीवन संघर्ष से भरा हुआ था। विशिष्ट अतिथि पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल मेघवाल ने कहा कि वे अपने उच्च मनोबल से जीवन की हर बाधा को पार करते हुए देश को सामाजिक, राजनीतिक आर्थिक आजादी की समरसता में पिरोने में कामयाब हुए। उन्होंने कहा कि महापुरुष का व्यक्तित्व हर वर्ग को प्रभावित करता है। चाहे वह किसी भी वर्ग विशेष से संबंधित हो। इस बात का परिचय बीआर अंबेडकर ने अपनी विद्वता के बल पर हर हिन्दुस्तानी को देश के संविधान में समान अधिकार देकर बखूबी दिया। धोरीमन्ना के उप प्रधान जयराम कुलदीप ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, के रास्ते पर चलते हुए सब मिलकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि केयर्न इंडिया के डा.यू.वी.द्विवेदी उपस्थित रहे। अंबेडकर जयंती समारोह के संयोजक सुरेश जाटोल ने स्वागत भाषण के साथ-साथ पांच दिवसीय जयंती समारोह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से अंबेडकर के आदर्शाें के प्रचार के साथ समाज को नई दिशा मिलेगी। साथ ही प्रतिभाओं का उत्साह वर्धन होगा। जिला स्तरीय समारोह के दौरान पूर्व संयोजक छगनलाल जाटोल, केवलचंद बृजवाल, भैरूसिंह फुलवारिया, श्रवण चंदेल, अधिशाषी अभियन्ता हजारीराम बालवा, तिलाराम मेघवाल ने भी संबोधित कर बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन हरीश जांगिड़ ने किया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी भीखाराम बृजवाल ने सबका आभार जताया। समारोह के दौरान शैक्षणिक परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं का डा. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह एवं अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी की ओर से सम्मान किया गया। वहीं कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब तस्वीर के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इस दौरान अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। जिला स्तरीय समारोह के दौरान कोषाध्यक्ष ईश्वर चन्द नवल, श्रवणकुमार लहुआ, वरिष्ठ एडवोकेट धनराज जोशी, रघुवीरसिंह तामलोर, गौतम पन्नू, प्र्रेम परिहार, तोगाराम मेघवाल, अनोपाराम विशाला, भूराराम भील, नेनाराम, हरखाराम, पूर्व पार्षद मोहन सोलंकी, बाबूलाल गर्ग, खेतेश कोचरा, गिरधारीराम सेजू, नरपतराज मूंढ़, सद्दाम हुसैन, मोहनलाल बोस, आटी सरपंच रणजीत मेघवाल, उप प्रधान कुटलाराम, डा.प्रदीप धनदे, भंवरलाल खोरवाल, जितेन्द्र जाटोल, जगदीश सिंहटा, अचलाराम बायतू, गोपाराम मेघवाल सहित कई सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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