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धोरीमन्ना फॉरेस्ट रेंज को मात्र आदेश में मिला रेस्क्यू वाहन

बाड़मेर रेंज से धोरीमन्ना भेजना था रेस्क्यू वाहन , आदेश हुए बीते पन्द्रह दिन @भागीरथ विश्नोई धोरीमन्ना ।जिले का वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्...



बाड़मेर रेंज से धोरीमन्ना भेजना था रेस्क्यू वाहन , आदेश हुए बीते पन्द्रह दिन
@भागीरथ विश्नोई
धोरीमन्ना ।जिले का वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र धोरीमन्ना रेंज में रेस्क्यू वाहन तैनात करने को आदेश को एक पखवाड़ा बीत जाने के बावजूद भी अभी तक रेंज में रेस्क्यू वाहन नहीं भेजा गया है। धोरीमन्ना में तुलनात्मक दॄष्टि से प्रतिदिन हिरण शिकार की घटनाएं अधिक होती है। धोरीमन्ना  वन विभाग टीम के पास रेस्क्यू वाहन न होने के कारण समय पर घायल वन्यजीवों को समय पर रेस्क्यू नहीं मिला पाता । जिसके चलते घायल वन्यजीव जीव तड़प तड़प कर जान गंवा देते है। वहीं कई बार किराये के वाहन से रेस्क्यू करवाया जाता है। किराये के वाहन का समय पर प्रबंध न होने व उसमें पर्याप्त संसाधन न होने के हिरण अकाल मौत के शिकार हो जाते है।

पहले भी कई बार उठी मांग धोरीमन्ना वन रेंज में रेस्क्यू वाहन को लेकर स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों ने पहले की कई बार मांग रखी थी। गत महीनों कातरला हिरण शिकार प्रकरण के बाद भी वन्यजीव प्रेमियों ने पुरजोर तरीके से रेस्क्यू वाहन दिलाने की मांग की थी । क्षेत्र में तुलनात्मक दृष्टि से हिरण शिकार की घटनाएं अधिक देखते हुए लक्ष्मण लाल उप वन संरक्षक बाड़मेर ने गत 25 मई को बाड़मेर रेंज में तैनात वाहन को धोरीमन्ना में भेजने के आदेश किये । वहीं बाड़मेर में किराए के वाहन से रेस्क्यू कराने के आदेश दिये। लेकिन आदेश को एक पखवाड़ा बीत जाने के बावजूद आज तक रेस्क्यू वाहन नहीं मिला है।

आवारा कुत्तों का आतंक धोरीमना क्षेत्र के आसपास के गांवों में हर दिन आवारा कुत्तों द्वारा हिरणों को नोच लिया जाता है और शिकार भी बना लिया जाता है जो इस हिरण प्रजाति को विलुप्त करने के कगार पर है क्षेत्र के मीठड़ा, उड़ासर, नेडीनाडी, सोनड़ी, मांगता, भैरूड़ी, बारासण, बांड, छोटू, भीमथल सहित कई गांवों में आवारा कुत्तों का आतंक है जहां पर हर दिन 10 से 12 हिरणों को कुत्तों द्वारा नोच लिया जाता है ।

     इनका कहना है

" वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र धोरीमन्ना में प्रतिदिन आवारा श्वानों के हमले से दर्जनों हिरण घायल हो जाते है। रेंज में रेस्क्यू वाहन न होने के कारण उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता जिसके अभाव में हिरण दम तोड़ देते है। रेंज में रेस्क्यू वाहन तैनात करने आदेश होने के बाद भी रेस्क्यू वाहन नहीं भेजा गया है।
    शंकर गोदारा छोटू , वन्यजीव प्रेमी

" धोरीमन्ना रेंज में बाड़मेर से रेस्क्यू वाहन भेजने के आदेश हुए थे। बाड़मेर रेंज में एक ही वाहन होने के कारण नहीं भेज पा रहे है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से बात कर हल निकाला जायेगा ।

यू . आर. सियोल , सहायक उपवन संरक्षक

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