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थार रेगिस्तान की रूमादेवी का अमेरिका तक जलवा हावर्ड में गूँजेगी।

थार रेगिस्तान की रूमादेवी का अमेरिका तक जलवा हावर्ड में गूँजेगी। बाड़मेर। थार के रेगिस्तान की नारी शक्ति रुमादेवी हावर्ड विश्ववि...

थार रेगिस्तान की रूमादेवी का अमेरिका तक जलवा हावर्ड में गूँजेगी।

बाड़मेर। थार के रेगिस्तान की नारी शक्ति रुमादेवी हावर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका की इंडिया कांफ्रेस में लेक्चर देगी।
भारतीय महिलाओं के लिए अब इससे अच्छी खबर क्या हो सकती है कि भारत के सीमांत रेगिस्तानी जिले बाड़मेर राजस्थान से ताल्लुक रखने वाली रूमादेवी को हावर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने यहां लेक्चर के लिए बुलाया हैं। 
हावर्ड विश्वविद्यालय विश्व के सर्वोत्तम विश्वविद्यालयों में शुमार होता हैं, इसके वार्षिकोत्सव के दौरान 15 व 16 फरवरी 2020 को कांफ्रेस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वक्ता के तौर पर रूमादेवी आंमत्रित हुई है। वहां रूमादेवी करीब एक हजार शिक्षाविद् छात्रों और युवा उद्यमियों से मुखातिब होगी। यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत से जुड़े समकालीन विषयों पर संवाद परिचर्चा और लोगों को जोड़ने के दुनिया के सबसे बड़ों मंचों में से एक हैं। इसमें दुनिया भर की हस्तियां भी हिस्सा लेती हैं। 
महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित रूमादेवी ने बताया कि अमेरिका मे इंडिया कांफ्रेस महिला सशक्तिकरण व हस्तशिल्प क्षेत्र में इनके द्वारा अपनाये जा रहे नवाचारों और प्रयासों को दुनिया भर के लोगों से साझा करने का उत्कृष्ट मंच उपलब्ध कराएगा। 
बता दें कि अमेरिका के हावर्ड कैनेडी और हावर्ड बिजनेस स्कुल में आयोजित इस कांफ्रेस के पिछले स्पीकर्स के तौर पर सचिन पायलट, एस.एस. राजमौली, एनडीटीवी के रविश कुमार, प्रंशात किशोर, तनुश्री दत्ता, ईशा फाउंडेशन के जग्गी वासुदेव, अरूणा राय जैसे वक्ता अपनी बात रख चुके हैं। 
अब जानते हावर्ड के बारे में - 
विश्व की टाॅप रैकिंग युनिवर्सिटी जहां 201 देशों के विद्धार्थी 4500 से अधिक र्कोसेज का अध्ययन करते हैं, रतन टाटा, बराक ओबामा, जाॅन एफ कैनेडी जैसी शख्सियतें यहीं पढ़ी हैं। यहां के 32 स्टूडेन्ट अलग अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष रह चुके हैं, तो 47 लोगों को नोबल और 48 पूर्व छात्रों में पुल्तिजर पुरूस्कार मिल चुके हैं। सन् 1636 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में दुनिया की सबसे बड़ी लाईब्रेरी भी हैं। 

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