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बाड़मेर, पूर्णिमा पर ब्रह्मसर तीर्थ पर हुआ बड़ी पूजा का आयोजन।

पूर्णिमा को दादा गुरूदेव की बड़ी पूजा में झूमे गुरुभक्त,सेकड़ो भक्तो ने गुरू की चरण पादुकाओं का किया पूजन बाड़मेर 12 दि...


पूर्णिमा को दादा गुरूदेव की बड़ी पूजा में झूमे गुरुभक्त,सेकड़ो भक्तो ने गुरू की चरण पादुकाओं का किया पूजन
बाड़मेर 12 दिसम्बर । स्वर्ण नगरी जैसलमेर से 15 किलोमीटर दूर दादा गुरुदेव के नाम से विख्यात कुशल धाम ब्रह्मसर तीर्थ उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म.सा. की प्रेरणा से तेरह वर्ष पूर्व शुरू हुई यात्रा आज गुरुवार को करीब 151 वी यात्रा मिगसर सुदी पूर्णिमा के अवसर पर कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाड़मेर व जिनकुशल युवा मंडल जैसलमेर व बाड़मेर जैन समाज जोधपुर यात्रा संघ  की ओर से गुरूदर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। कुशल दर्शन मित्र मण्डल के पुखराज म्याजलार व राजू वडेरा ने बताया कि ब्रह्मसर तीर्थ पर  400 साल पूराने गुरूदेव के चरण पादुकाओं के साथ-साथ उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर म.सा  की ही पावन प्रेरणा से 13 साल पहले ये यात्रा मात्र 10 भक्तो से शुरू की गई थी जो आज 3 बसों के साथ ब्रह्मसर पहुचे। म्याजलार ने बताया कि यात्रा संघ सैकड़ो गुरुभक्तों  के साथ सैकड़ो यात्री स्थानीय आराधना भवन  से  बसो से बाड़मेर,जोधपुर,जैसलमेर  से रवाना होकर प्रातः10 बजे लौद्रवपुर तीर्थ पहुंचा, जहां पाश्र्वनाथ दादा के दर्शन कर पूजा अर्चना की गई और मनोकामना पूर्ण करने वाला कल्पवृक्ष, अधिष्ठायक नागदेवता, प्राचीन रथ सहित अधिष्ठायक घंटाकर्ण महावीर देव व दादा गुरूदेव के दर्शन वंदन का लाभ लिया। 
इस अवसर पर पार्श्वनाथ दादा की केशर पूजा का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय कलाकारो ने पूजन में पाश्र्वनाथ दादा के भजनो की प्रस्तुतियां दी। पूजन के पश्चात संघ लौद्रवपुर से ब्रह्मसर की ओर प्रस्थान कर गया। कुशल दर्शन मित्र  मण्डल के   पारसमल गोठी व सुनील बोथरा ने बताया कि ब्रह्मसर दादावाडी प्रांगण में दादा जिन कुशलसूरी गुरूदेव के चरण पादुकाओं के आगेें गुरुवार को पूर्णिमा दिन गुरु के नव अंगों की केशर से पूजा की गई व दोपहर में गुरु के चरणों मे अष्ट प्रकारी महापूजन का आयोजन किया गया। गोठी नेे बताया कि प्रकाश पारख एण्ड पार्टी द्वारा भजनो की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। स्थानीय कलाकार गुरुभक्त अशोक बोथरा द्वारा प्रस्तुत भजन सिवाना में जन्म लियो वो कुशल गुरुदेव कठे एवं पूनम का है दिन दादा आज थाने आणो है, ओ गुरूसा थोरो भक्त बनू में  भजन पर गुरुभक्त भक्त जमकर झुमे। बोथरा ने बताया कि महापूजन के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। विमलनाथ भगवान की आरती व भगवान का मंगल दीपक सम्पतराज, हेमराज, आदमल संखलेचा अरटी वाले व दादा गुरुदेव की आरती आसुलाल लक्ष्मणदास लूणिया व मंगल दीपक भूरचंद मांगीलाल बरडिया ब्रह्मसर  व भेरू जी की आरती का लाभ प्रकाशचंद भगवानदास मालू आरंग वालो ने लिया। 
पूनम के दिन बड़ी पूजा का लाभ पुखराज मोहनलाल संखलेचा परिवार बाड़मेर  की ओर से लिया गया। शाम को तीर्थकर विमलनाथ भगवान और शाम की नवकारसी का लाभ कुशल दर्शन मित्र ब्रह्मसर ग्रुप बाड़मेर द्वारा लिया गया। दादा जिनकुशल गुरूदेव की आंगी रचाई गई तथा गुरूदेव का सामुहिक इक्कतीसा का पाठ का आयोजन हुआ। इसके पश्चात बस में संघ पूजन सरूपचन्द आदमल तगोनी संखलेचा परिवार की ओर से किया गया। इसी कड़ी में मिगसर सुदी पूर्णिमा पर बाड़मेर जैन समाज जोधपुर यात्रा संघ के अध्यक्ष हस्तीमल छाजेड़ व मानव सेवा संस्थान जोधपुर के अध्यक्ष रमेश छाजेड़ रामसर के नेतृत्व में बाड़मेर जैन समाज जोधपुर यात्रा संघ से दो दिवसीय यात्रा संघ ओसिया, रामदेवरा, ब्रह्मसर व लोद्रवा, जैसलमेर व अमरसागर यात्रा संघ का श्री गणेश के साथ तीसरी यात्रा की गई जो गुरुवार को  पूर्णिमा के दिन जोधपुर से ब्रह्मसर दर्शन को बस द्वारा पहुचें। रात्रि में जैसलमेर पंच तीर्थी के बाद वापस जोधपुर पहुचे।

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