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बाड़मेर में अमृता हाट का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल।

बाड़मेर में अमृता हाट का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल। -विभिन्न उत्पादों की स्टाल्स का जिला कलक्टर अंशदीप ने किया अवलोकन। ...

बाड़मेर में अमृता हाट का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल।
-विभिन्न उत्पादों की स्टाल्स का जिला कलक्टर अंशदीप ने किया अवलोकन।
बाड़मेर, 28 दिसंबर। जिला मुख्यालय पर राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय स्टेशन रोड़ में शनिवार को जिला कलक्टर अंशदीप ने अमृता हाट का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। जिला प्रशासन, महिला अधिकारिता विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अमृता हाट मेला 31 दिसंबर तक चलेगा।
इस दौरान जिला कलक्टर अंशदीप ने अमृता हाट महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री होने से उनको प्रोत्साहन मिलने के साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से अमृता हाट के आयोजन एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान जिला कलक्टर अंशदीप, श्रीमती अंशदीप एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने अमृता हाट में लगी विभिन्न स्टाल्स पर पर पहुंचकर उत्पादों, उनके निर्माण एवं अब तक की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक श्रीमती सती चौधरी ने अमृता हाट के आयोजन एवं स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों एवं उत्पादों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन राजकीय एमबीसी महिला महाविद्यालय बाड़मेर के प्रोफेसर मुकेश पचैरी ने किया। इससे पहले शुरूआत में अतिथियों ने सरस्वती माता की तस्वीर के आगे दीप प्रज्जवलन किया।

हस्तशिल्प उत्पादों के बारे में विस्तार से जाना। 
जिला कलक्टर अंशदीप एवं श्रीमती अंशदीप ने अमृता हाट मेले में प्रत्येक स्टाल्स पर पहुंचकर उसमें सजाए उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान भीलवाड़ा, टोंक समेत अन्य जिलो से आए स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने अपनी गतिविधियों के बारे में बताया कि असहाय एवं विधवा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रहे है। जिला कलक्टर ने कपड़े से निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों, मिटटी के विभिन्न बर्तनों, बकरी के दूध से बने साबून, बाड़मेर जिले में खजूर उत्पादन, धारा संस्थान की ओर से चाइल्ड लाइन 1098 के संचालन एवं आत्महत्याओं के रोकथाम के लिए प्रकाशित किए गए साहित्य का अवलोकन किया। उन्होंने बकरी के दूध एवं खजूर का स्वाद चखते हुए एक ही स्थान पर विभिन्न उत्पादों को उपलब्ध कराने के लिए अमृता हाट के आयोजन की सराहना की।
अमृता हाट में सजी विभिन्न उत्पादों की स्टाल्सः अमृता हाट में स्वयं सहायता समूहों के महिला सदस्यों के हस्तनिर्मित विभिन्न उत्पाद मिट्टी के बर्तन, मूंग पापड़, आम पापड़, दलिया, नमकीन, हींग, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, रेडिमेड गारमेंट, श्रृंगार का सामान, आचार, मुरब्बा, घर का साज-सज्जा का सामान, टेरीकोटा, मीनाकारी, नेट की साड़िया, सूट, मनिहारी, पूजा थाली, मार्बल की मूर्तिया, बकरी के दूध से बने उत्पाद, बाड़मेर में उत्पादित अनार एवं खजूर, जूट का सामान, कशीदे का सामान, जीरा, केर, सांगरी, कुमठिया समेत विभिन्न उत्पादों की स्टाल्स सजाई गई है। 





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