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किसान की जेब खाली है और मुख्यमंत्री जी का दिमाग भी खाली है : पूनिया

किसान की जेब खाली है और मुख्यमंत्री जी का दिमाग भी खाली है : पूनिया भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे जै...

किसान की जेब खाली है और मुख्यमंत्री जी का दिमाग भी खाली है : पूनिया

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे जैसलमेर,
टिडडी प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे पुनिया,
पाक विस्थापितों की बस्ती में भी गए पुनिया,
सतीश पुनिया ने मुख्यमंत्री पर लगाए आरोप 
कहा मुख्यमंत्री जी को हो गया है फोबिया 
कहा मुख्यमंत्री जी की शार्ट टाइम मेमोरी हो जाती है लॉस 
कहा ग्रीनकारपेट बिछाने की अब आदत, जनता जल्द ही उनके लिए काला कार्पेट पर बिछा देगी 

जैसलमेर। (नवीन वाधवानी)भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया एक दिवसीय जैसलमेर दौरे पर रहे। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर बवाल जारी है। इन सबको देखते हुए बीजेपी ने साल 2020 की शुरुआत के साथ ही नागरिकता संशोधन कानून को लोगों तक पहुंचाने का बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। भाजपा जन जागरण अभियान के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसको लेकर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया जैसलमेर के पाक भील विस्थापित बस्ती पहुँचे। जहा पर  प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया का बस्ती वालो के जोरदार स्वागत किया। इस मोके पर प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने  देश के अन्य नागरिकों में में व्याप्त भ्रम को दूर करने के लिए कानून के बारे में जानकरी दी। कहा की नागरिक संसोधन कानून इज्जत और समान देने का कानून है। और यह नागरिकता लेने का नहीं देने का क़ानून है। पुनिया ने विस्थापित लोगो से दुःख दर्द और परेशानिया के बारे में जानकारी की। कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों को धर्म के नाम पर मजहब के नाम पर वोट बैंक के नाम पर गुमराह कर रही है इसलिए हमें जन जागरण की आवश्यकता लगी और इसमें किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। 

प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी को फोबिया हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा,का फोबिया हो गया है, और कई बार मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री जी एक गजनी फिल्म आई थी उसमें हीरो को शॉर्ट टाइम मेमोरी लॉस हो जाती है। वैसे ही मुक्यमंत्री जी की मेमोरी लॉस हो जाती है। बार-बार बाल भूल जाते हैं अफसोस होता है उनकी बातों को सुनकर। वही कोटा के अस्पताल के मामले पर लेकर प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मैं पहले दिन मौके पर पहुंचा लेकिन सरकार का कोई भी नुमांइदा नहीं गया। यह एक माननीय मुद्दा है और यह काम किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार का होता है। अब उनका क्या करेंगे जिनकी माँ की खोक उजड़ गई। और 20 दिन बाद वहां पर चिकित्सा मंत्री जाते हैं और उनका विरोध हुआ। सरकार के मुख्यमंत्री कॉलेज में फीता काट रहे थे और वहां पर एक अधिकारी को भेजा जो वहां पर लीपापोती करके वापस आ गया। ग्रीन कारपेट को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी आदत है कि ग्रीन पार्क कारपेट बिछाने की अब जनता जल्द ही उनके लिए काला कार्पेट पर बिछा देगी। 

वही टिड्डियों को लेकर कहा की किसानों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जी आएंगे और कुछ ना कुछ देकर जाएंगे और विशेष पैकेज देकर जाएंगे। मेने वीडियो देख रहा था कि वह खुद ही किसान की जेब टटोल रहे थे। किसान की जेब खाली है और मुख्यमंत्री जी का दिमाग भी खाली है, सरकार का खजाना भी खाली है। अब राज्य से किसानों की कोई उम्मीद नहीं है। जो काम उनसे नहीं हो पाते वह केंद्र सरकार पर आरोप लगा देते हैं ऐसे पीछा नहीं छूटने वाला राजस्थान का किसान ऐसे पीछा नहीं छोड़ता है।

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