Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

चेन्नई में हुआ गौ संकीर्तन कथा एवं प्रवचन का आयोजन।

चेन्नई में हुआ गौ संकीर्तन कथा एवं प्रवचन का आयोजन। चेन्नई से बगसिंह बागरा कि रिपोर्ट चेन्नई। महानगर के साहुकारपेट क्षेत्र के अम्...

चेन्नई में हुआ गौ संकीर्तन कथा एवं प्रवचन का आयोजन।
चेन्नई से बगसिंह बागरा कि रिपोर्ट
चेन्नई। महानगर के साहुकारपेट क्षेत्र के अम्मन कोइल स्ट्रीट स्थित खेतेश्वर भवन मे रविवार को राजपुरोहित समाज ट्रस्ट चेन्नई के तत्वावधान में गौ कथा संकीर्तन एवम प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर गुजरात से आये गौ कथाकार शंकरसिह राजपुरोहित पातावा ने गौ माता का महिमा मंडन किया। कथा के माध्यम से बताया कि इस ब्रह्मांड कि सबसे बड़ी शक्ति गौ माता में हैं चारो युगो में गाय कि शक्ति है। गाय से ही समस्त सृष्टि का श्रृंगार होता है, उन्होने अपने प्रवचन के माध्यम से बताया कि मानव जीवन का कल्याण सिर्फ गौ माता ही कर सकती है। 
जो उसकी सेवा करता है उनका कल्याण होता है। गौ माता के शरीर पर 33 करोड़ रोम है और उस रोम - रोम में 33 करोड़ देवी - देवताओ का वास है। गौ माता में दया का भाव है जो गाय से जुड़ गया वो ब्रह्मांड से जुड़ गया। गाय के सींग व पुंछ का सीधा संबंध सुर्य एवम ब्रह्मांड से है, उन्होने बताया कि मनुष्य गौ उत्पादित पंचगव्यो का सेवन करे, ताकि स्वास्थ्य अच्छा रहे, अपनी संतानो को गौ सेवा करने के लिए प्रेरित करे, बच्चो को धर्म के बारे मे बताये, सुरभी रुपी गौ माता ही सम्पूर्ण ब्रह्मांड को चलाती है, जिस कुल मे गौ माता कि सेवा नही होती, वहां नास्तिक संतान पैदा होती है एवम जहां गाय कि सेवा होती हो वहा आस्तिक, गाय अगर जीवन में नहीं मानव जीवन का कल्याण संभव नहीं है।
कथा के पश्चात आरती हुई तथा कथाकार शंकरसिह राजपुरोहित का राजपुरोहित समाज ट्रस्ट कि तरफ से ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष शिवसिंह बड़ी सवाई ने शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। इस अवसर पर राजपुरोहित समाज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष शिवसिंह बड़ीसवाई, सहकोषाध्यक्ष डाॅक्टर केसरसिंह गादाणा, सह सचिव मदनसिंह वरकाणा, नारायणसिंह ठाकुरला, कानसिंह चाड़वास, सुरेन्द्रसिंह बड़ी सवाई, सोहनसिंह मालपुरिया, श्री राजपुरोहित ट्रस्ट समुद्र मुदली के ट्ष्टी प्रभुराम नरसाणा, राजपुरोहित बाल संस्कार शाला के पदाधिकारी बगसिंह बागरा, शंकरलाल रायपुरिया, अर्जुनकुमार भादरड़ा सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं