Page Nav

SHOW

Breaking News:

latest

नानी बाई रो मायरो कथा समापन, भजनों पर झूमें श्रद्धालु, भगवान ने भरा 56 करोड़ का मायरा।

नानी बाई रो मायरो कथा समापन, भजनों पर झूमें श्रद्धालु, भगवान ने भरा 56 करोड़ का मायरा। 🖌जोगाराम चौधरी  बाड़मेर/चोहटन। नव सृ...

नानी बाई रो मायरो कथा समापन, भजनों पर झूमें श्रद्धालु, भगवान ने भरा 56 करोड़ का मायरा।

🖌जोगाराम चौधरी 
बाड़मेर/चोहटन। नव सृजित ग्राम पंचायत मुकने का तला के भीलासर नाडी़ में जगदम्बा मन्दिर परिसर में चल रहे तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा शुक्रवार को समापन हुआ। मदन सोनी द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे मायरो कथा को सुनने के लिए परिसर में हजारो की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जो मायरो कथा को सुनकर  कृष्ण की जयघोष करते रहे।

कथावाचक मदन सोनी ने कहा कि भगवान को अगर सच्चे मन से हम याद करते है तो भगवान स्वयं हमारे पास चले आते है। नानी बाई रो मायरो की कथा भी भक्त और भगवान के आपसी प्रेम व भक्ति का प्रतीक है। इस कथा में भक्त नरसी ने अपनी भक्ति से भगवान श्रीकृष्ण को पा लिया। मायरा की कथा केवल कथा नहीं बल्कि भारतीय जीवन दर्शन का एक जीता जागता ग्रन्थ है। जिसमें सभी को प्रेम सौहाद्र्ध और भक्ति से जीने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि नरसीजी जब नानी बाई के घर गए तो उनके पास देने के कुछ नहीं था। ऐसे में भक्त नरसीजी ने भगवान को याद किया। उनकी पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण राधा रूकमणी को साथ लेकर आए और 56 करोड़ का मायरा भरा। उन्होंने कहा कि नरसी भक्त के पास भगवान के भजन एवं भगवान के प्रति अगाध श्रद्धा का ही परिणाम रहा कि भगवान स्वयं राधा रूकमण सहित आए और मायरा भरा। यह दर्शाता है कि सच्चे मन से भगवान को पुकारने पर भगवान स्वयं दौड़े चले आते है। मनुष्य पैसों से बड़ा नहीं बन सकता है। बल्कि उसके भाव एवं कर्म अच्छे हैं तो भगवान उसकी सहायता करते है। इस दौरान रुपाराम प्रजापत, भागीरथ रावल ने भजनो की प्रस्तुतियॉ देकर लोगो का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रभुराम मुढण, पुरखाराम सियोल, किसनाराम मुढण, हरिश, जगदीश मुढण, गोसाईराम मुढण, गोगाराम, सहित सैकण्डो लोग मौजुद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं