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बाड़मेर, ब्रह्मसर तीर्थ पर 687वां कुशलगुरू मेला 23 व 24 को आयोजित होगा।

बाड़मेर, ब्रह्मसर तीर्थ पर 687वां कुशलगुरू मेला 23 व 24 को आयोजित होगा। आचार्य मनोज्ञसागर के निश्रा में होगा फाल्गुन मेला। बाड़...

बाड़मेर, ब्रह्मसर तीर्थ पर 687वां कुशलगुरू मेला 23 व 24 को आयोजित होगा।

आचार्य मनोज्ञसागर के निश्रा में होगा फाल्गुन मेला।
बाड़मेर से बसें 22 को रवाना होगी।
बाड़मेर। ब्रह्मसर तीर्थ पर दादा जिन कुशल सूरिश्वर की 687वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष में दो दिवसीय भव्य मेला 23 व 24 फरवरी को आयोजित होगा, जिसमें बाडमेर से 22 फरवरी को बसें रवाना होगी। दो दिवसीय चलने वाले इस मेले का भव्य आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी वसी मालाणी रत्न शिरोमणी ब्रह्मसर तीर्थोद्वारक आचार्य भगवन्त मनोज्ञसूरीश्वर की पावन निश्रा व दादा जिन कुशल सूरि ट्रस्ट के तत्वावधान में मनाया जायेगा।
कुशल भक्ति मण्डल के अध्यक्ष पुखराज लूणिया ने बताया कि ब्रह्मसर मेले मे जाने के लिए कुशल भक्ति मण्डल के तत्वाधान में बाड़मेर से ब्रह्मसर जाने के लिए बसें 22 फरवरी शनिवार को रात्रि 9 बजे आराधना भवन से रवाना होगी। ब्रह्मसर जाने के लिए टिकट बांकीदास मालू जैन न्याति नोहरे के पास, पुखराज लूणिया पीपली चौक व केवलचन्द धारीवाल लीलरिया धोरे पर अपना नाम लिखावे।

ब्रह्मसर ट्रस्ट के अध्यक्ष दानमल डूंगरवाल व सहमंत्री ज्ञानीराम मालू ने बताया कि ब्रहमसर का यह प्राचीन तीर्थ दादा कुशलगुरू के स्वतः उत्कीर्ण चरण पादुका से चमत्कारी जल कुण्ड होने होने से पूरे विश्व में सुप्रसिद्ध है। मालू ने बताया कि इस तीर्थ का जीर्णाेद्वार वसी मालाणी रत्न शिरोमणी ब्रह्मसर तीर्थोद्वारक आचार्य भगवन्त मनोज्ञसूरीश्वर की पावन प्रेरणा और सदुपदेश से हुआ। मेले के इस आयोजन में 23 फरवरी को प्रातः 10 बजे वरघोड़े के साथ ध्वजारोहण किया जायेगा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर दीप प्रज्जवलित व गुणानुवाद सभा तथा अतिथियों का स्वागत किया जावेगा। दोपहर में दादा कुशलगुरू का महापूजन कराया जायेगा और शाम को महाआरती का आयोजन किया जायेगा। रात्रि में बाहर से सुप्रसिद्व संगीतकार द्वारा व अन्य बाहर से आने वाले भजन मण्डली द्वारा रात्रि जागरण होगा, रात्रि 9 बजे कार्यालय में दादा श्री जिनकुशसूरि ट्रस्ट मण्डल की साधारण सभा का आयोजन होगा।
ब्रह्मसर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष राणामल संखलेचा व ट्रस्टी बाबूलाल टी बोथरा ने बताया कि मेला व्यवस्था के लिये मेला समिति का गठन कर संयोजकों की एक समिति बनाई गई। 24 फरवरी को जिनालय व दादावाडी का वार्षिक ध्वजारोहण सत्तरभेदी पूजन, देवदर्शन तथा अन्य धार्मिक आयोजनों के साथ मेले का विधि - विधान सहित समापन होगा । ब्रह्मसर मेले में बाडमेर - जैसलमेर सहित पुरे भारतभर से गुरूभक्त शिरकत करेगे।

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