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भारतीय संस्कृति को अपनाए : सन्त कृपाराम

भारतीय संस्कृति को अपनाए : सन्त कृपाराम बाड़मेर। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नवातला बाखासर में 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्व. टेकचंद...

भारतीय संस्कृति को अपनाए : सन्त कृपाराम

बाड़मेर। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नवातला बाखासर में 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्व. टेकचंद ठक्कर  व स्व. उमलादेवी की स्मृति में राजाराम महाराज के सानिध्य में  सन्त कृपाराम महाराज के मुखारबिन्द से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवे दिन सन्त कृपाराम महाराज ने कृष्ण की बाल कथा व भारतीय संस्कृति व गुरु महिमा के बारे में विस्तार से बताया।

कहा की पाशतय संस्कृति को न अपना कर भारतीय संस्कृति को अपनाने से आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बनेगी, कथा वाचक सन्त कृपाराम महाराज ने बताया कि ईश्वर का मार्ग केवल गुरु ही बता सकता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है उसे ही गुरु कहते है, व्यक्ति को जीवन मे अहम यानी घमण्ड नही करना चाहिए धन, पद व स्वरूप को पाकर कभी खुश नही होना चाहिए क्योंकि घमण्ड तो राजा रावण का भी नही रहा, केवल राम नाम ही है जो जीवन के सारे अवगुणों से मुक्ति दिला सकता है, हरण्य कश्यप के अंत का चित्रण किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अध्यापक दमाराम व मोहनलाल हुडडा ने किया। कथा के लाभार्थी किशनलाल, सुखदेव पुत्र स्व. टेकचंद व प्रशांत किशनलाल रहे व आयोजक स्थल हेतु भूमि के भामाशाह इब्राहिम खान नवातला रहे।

कार्यकम में पूर्व सांसद बाड़मेर जैसलमेर कर्नल सोनाराम चौधरी, निर्मल दास महाराज धानेरा आश्रम से, मेहराराम देवासी बाड़मेर, कम्पनी कमांडर बीएसएफ चतराराम, बरनार पोस्ट कमांडर रणवीर सिंह, देविला बेन डीस, गीता बेन धानेरा, हरदानराम बैंक मैनेजर धनाऊ, कानाराम जाखड़, चुनाराम हुडडा, खेताराम भाम्भू सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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