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सुख व दुःख व्यक्ति के कर्मो से मिलते हैं : सन्त कृपाराम

सुख व दुःख व्यक्ति के कर्मो से मिलते हैं : सन्त कृपाराम बाड़मेर। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नवातला बाखासर में 15 फरवरी से 21 फरवर...

सुख व दुःख व्यक्ति के कर्मो से मिलते हैं : सन्त कृपाराम

बाड़मेर। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नवातला बाखासर में 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्व. टेकचंद ठक्कर  व स्व. उमलादेवी की स्मृति में राजाराम महाराज के सानिध्य में सन्त कृपाराम महाराज के मुखारबिन्द से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन सन्त कृपाराम महाराज ने ध्रुव की कथा व मानव के कर्मो व गुरु महिमा के बारे में विस्तार से बताया। 

कहा कि जीवन मे सुख व दुःख व्यक्ति के अपने कर्मो से मिलते है, इसलिए सुखी रहने के लिए व्यक्ति को हमेशा भगवान की भक्ति करनी चाहिए, कथा वाचक सन्त कृपाराम महाराज ने बताया कि ईश्वर का मार्ग केवल गुरु ही बता सकता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है उसे ही गुरु कहते है, व्यक्ति को जीवन मे अहम यानी घमण्ड नही करना चाहिए धन, पद व स्वरूप को पाकर कभी खुश नही होना चाहिए क्योंकि घमण्ड तो राजा रावण का भी नही रहा, केवल राम नाम ही है जो जीवन के सारे अवगुणों से मुक्ति दिला सकता है। साथ ही हिरण्यकश्यप का अंत व श्री कृष्ण का जन्म होने का चित्रण समझाया व झांकी के माध्यम से चित्रण किया गया। 

कार्यक्रम का संचालन अध्यापक दमाराम व मोहनलाल हुडडा ने किया। कथा के लाभार्थी  किशनलाल, रामचन्द, सुखदेव पुत्र स्व टेकचंद व प्रशांत किशनलाल रहे, व आयोजक स्थल हेतु भूमि के भामाशाह इब्राहिम खान नवातला रहे।

कार्यकम में सुखराम दास महाराज, संत निर्मलानन्द महाराज रामा बाई आश्रम धानेरा, बांके बिहारी, धनश्याम, जगदीश, पूर्व विधायक तरूणराय कागा, कम्पनी कमांडर बीएसएफ चतराराम, बरनार पोस्ट कमांडर रणवीर सिंह, देविला बेन डीसा, दौलत शर्मा, डूंगर राठी, गीता बेन धानेरा, खेताराम महाराज, तुलसा राम सेंवर, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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