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राजस्व मंत्री ने केंद्रीय वित मंत्री से वाहन मालिकों को किश्तो मे राहत देने की मांग की।

राजस्व मंत्री ने केंद्रीय वित मंत्री से वाहन मालिकों को किश्तो मे राहत देने की मांग की। बाड़मेर। राजस्व, उपनिवेशन, कृषि सिचिंत क...

राजस्व मंत्री ने केंद्रीय वित मंत्री से वाहन मालिकों को किश्तो मे राहत देने की मांग की।

बाड़मेर। राजस्व, उपनिवेशन, कृषि सिचिंत क्षेत्रीय विकास एंव जल उपयोगिता मंत्री हरीश चौधरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर अपील की है कि निम्न एंव मध्यम आयवर्गीय भारी व हल्के वाहन मालिक अथवा वाहन चालक द्वारा बैंकों अथवा फाइनेंस कम्पनियों के माध्यम से लिये गए वाहनों पर ब्याज राशि मे तीन माह की छूट प्रदान करवाई जाने का आग्रह किया। 

मंत्री हरीश चौधरी ने पत्र में बताया कि संसदीय क्षेत्र बाड़मेर जहां से मैं वर्ष 2009-2014 में लोकसभा सदस्य था, यहां तेल, खनिज, गैस खोज एवं उत्पादन इकाइयां कार्यरत है। इनमें हजारों लोगों के भारी वाहन (ट्रक, ट्रेलर, टैंकर, जेसीबी व बस आदि) व हल्के वाहन (इनोवा, स्कार्पियो, केम्पर आदि) मासिक किराये पर लगे हुए है। इसके अलावा भी ये वाहन परिवहन एवं कई अन्य सेवाओं में उपयोग किसान एवं मजदूर वर्ग द्वारा ट्रैक्टर का उपयोग लिया जा रहा है ये वाहन बैंक अथवा फाइनेंस कंपनियों से आधार पर दिए हुए हैं, जिनकी मासिक किश्त ब्याज समेत जमा नही किये जाने पर वाहन मालिको से पेनल्टी भी ली जाती है। कोराना के मध्यनजर करीब एक मार्च 2020 से देश के अलग - अलग हिस्सों में लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है। वही प्रधानमंत्री ने 25 मार्च से पूरे देश मे 21 दिनों के लिए लॉक डाउन लागू किया, ऐसे में वाहन मालिको के लिए संकट की स्थिति बन गई है। इनका रोजगार वाहन पर ही निर्भर है जिससे यह एक भारी वाहन से दो से तीन परिवारों का भरण पोषण करते है। बैंक अथवा फाइनेंस कम्पनियों को ऋण एवं राशि व ब्याज का भुगतान करते है, लेकिन वर्तमान स्थिति में सब काम बंद पड़े है। कोराना के साथ ही आर्थिक व मानसिक चिंता हो गई है। बाड़मेर ही नही पूरे देश के लाखों वाहन मालिकों के सामने यह विपदा आई हुई है। सरकार द्वारा कोराना से उतपन्न विकट परिस्थितियों में कई अहम कदम उठाए जा रहे है।

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