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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से निपटने के लिए जनता को किया संबोधित।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से निपटने के लिए जनता को किया संबोधित। नई दिल्‍ली। देश और दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़...

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से निपटने के लिए जनता को किया संबोधित।

नई दिल्‍ली। देश और दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। आपको बता दें कि देश में इस वायरस की चपेट में आने वालों का आंकड़ा अब 178 तक जा पहुंचा है। पूरे देश में इसकी वजह से 4 मौत अब तक हो चुकी हैं।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, देश संकट के बड़े दौर से गुजर रहा है। प्राकृतिक संकट कुछ देशों और जगहों पर रहता है। लेकिन इस बार के संकट ने पूरी मानव जाति को खतरे में डाल दिया है। पहले और दूसरे विश्‍व युद्ध से ज्‍यादा लोग इस कोरोना वायरस से पीड़ित है। बीते दो माह से 130 करोड़ भारतीयों ने इसका डटकर मुकाबला किया है और बचाव का भरसक प्रयास किया है। ऐसा लग रहा है कि सब ठीक है। लेकिन ये सोच सही नहीं है। हर किसी का सजग रहना बेहद जरूरी है। आपसे जब भी जो मांगा वो आपने मुझे दिया है। इसकी बदौलत हमारे प्रयास भी सफल हुए हैं। आज भी आपसे कुछ मांगना है। आपसे आने वाला कुछ समय चाहिए। विज्ञान कोरोना महामारी से बचने के लिए कोई उपाय नहीं सुझा सका है न ही कोई दवा है। ऐसे में चिंता बढ़नी स्‍वाभाविक है। जहां इसका प्रभाव ज्‍यादा देखा गया है वहां पर एक बात ये भी सामने आई है वहां पर शुरुआत में कमी के बाद अचानक कुछ समय बाद इससे संक्रमित मरीजों की संख्‍या तेजी से बढ़ी है। भारत सरकार इस पर नजर रखे हुए है। हालांकि कुछ ऐसे भी देश हैं जिन्‍होंने जरूरी निर्णय भी किए हैं और अपने यहां के लोगों को अलग कर हालात को संभाला है। इसमें नागरिकों की भी अहम भूमिका रही है। भारत के लिए कोरोना का संकट मामूली नहीं है। इसका कोई प्रभाव हमारे पर न होना ये सोचना भी गलत है। लिहाजा दो बातों का ध्‍यान रखें पहला संकल्‍प और दूसरा संयंम। संकल्‍प मजबूत करना होगा की एक नागरिक के नाते अपने कर्तव्‍यों का पालन करें और सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करें। खुद इस वायरस की चपेट में आने से बचेंगे और दूसरों को भी बचाएंगे। हम स्‍वस्‍थ तो जग स्‍वस्‍थ का मंत्र ही ऐसे हालात में काम आएगा। लिहाजा खुद को स्‍वस्‍थ बनाए रखें। संयंम रखें और भीड़ - भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। ये कारगर भी है। यही हमें बचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यदि आपको लगता है कि खुलेआम घूमने में कोई दिक्‍कत नहीं है तो आप गलत सोच रहे हैं। ऐसा करके आप अपने परिजनों को भी खतरे में डालेंगे। जितना संभव हो घर से ही काम करें। सरकारी सेवाओं वाले अस्‍पताल से जुड़े मीडियाकर्मियों की सर्कियता आवश्‍यक है। लेकिन इनसे अलग लोग खुद को अलग कर लें। सीनियर सीटिजन आने वाले दिनों में घर से बाहर न निकलें। पहले दौर में युद्ध के हालातों में दूर दराज के इलाकों में भी ब्‍लैक आउट होता था। ऐसी कवायद युद्ध न होने पर भी ऐसी ड्रिल करवाती थी। आज हमें आपसे एक और समर्थन चाहिए। जनता के लिए जनता द्वारा जनता के लिए लगाया गया कर्फ्यू। 22 मार्च को सुबह इसका पालन करना है। इस दौरान कोई भी बिना जरूरत घर से बाहर न निकले। इसकी सफलता और अनुभव हमें आने वाली चुनौतियों को तैयार करें। देश के सभी राज्‍य सरकारें भी इसका पालन करें और करवाएं। दूसरे संगठन भी इसमें शामिल हों। इस जनता कर्फ्यू का संदेश लोगों तक पहुंचाए। जो नहीं जानते हैं उन्‍हें इसकी जानकारी दें। ये भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा। ये बताएगा कि कोरोना से निपटने के लिए हम कितने तैयार हैं।  22 मार्च को एक और सहयोग की आपसे उम्‍मीद है। ऐसे हजारों लाखों लोग है जो देशवासियों की सेवा में लगे हुए हैं। आज उन लोगों के भी संक्रमित होने का खतरा है इसके बाद भी ये अपना कर्तव्‍य निभा रहे हैं। ये राष्‍ट्र रक्षक के तौर पर कोरोना और हमारे बीच में मजबूत दीवार की तरह खड़े हैं। देश इनका कर्तज्ञय हैं। 22 मार्च को इन सभी को आप धन्‍यवाद अर्पित करें। ये देश को एक दूसरे से जोड़ने में सहायक होगा। शाम को 5 बजे अपने दरवाजे और खिड़कियों पर खड़े होकर ऐसे लोगों का आभार व्‍यक्‍त करें। ताली बजाकर, घंटी बजाकर ये कर सकते हैं। सभी राज्‍यों के प्रशासन सायरन की आवाजों से इसकी जानकारी भी दें। संकट के इस समय में ध्‍यान रखना होगा कि आवश्‍यक सेवाओं पर दबाव नहीं बढ़ना चाहिए ताकि व्‍यवस्‍थाएं सुचारू रूप से चलती रहें। ऐसा करके डॉक्‍टर उन लोगों को प्राथमिकता दे सकेंगे जो कोरोना से पीड़ित हैं। रूटिन चेकअप के लिए अभी अस्‍पताल न जाएं। सर्जरी वाले भी इसकी तारीख को आगे बढ़वा दें। इस वैश्विक महामारी का देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर व्‍यापक असर पड़ रहा है। कोविड 19 टास्‍क फोर्स के गठन का फैसला लिया गया है। ये फोर्स निकट भविष्‍य में फैसले लेगी। आर्थिक मुश्किलों को कम करने के सभी कदमों पर अमल हो इसको भी ये सुनिश्वित करेगी। इस महामारी से गरीबों के हितों को भी क्षति हुई है। सभी लोगों को एक दूसरे के आर्थिक हितों का ध्‍यान रखना होगा। कर्मियों का वेतन न काटा जाए। ध्‍यान रहे हर किसी को अपना परिवार चलाना है।  देश में दूध और खाने - पीने के सामान की कमी न हो इसके लिए सभी कदम उठाए गए हैं। ये बंद नहीं किए जाएंगे। बेवजह की चीजों को घरों में इकटठा न करें। देशवासियों ने इस कोरोना संकट को अपना संकट माना है। हर किसी ने वो किया जो उससे बन पड़ा। आगे भी आप ऐसा ही करते रहेंगे। कठिनाइयां आएंगी लेकिन हमें हर कठिनाई से उबर कर इनका मुकाबला करना होगा। अपनी सारी ताकत इससे बचने के लिए लगानी होगी। आपको भी इससे लड़ने में अपना पूरा योगदान देना है। मानवजाति विजयी होगी ये तय है। कुछ दिनों बाद नवरात्रि भी है। भारत पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़े आओ हम भी बचें और देश को भी बचाएं। धन्‍यवाद

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