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केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने दिए संसद में सवालों के जवाब।

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने दिए संसद में सवालों के जवाब। संसद में बोले कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी : राज्य सरकारो...

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने दिए संसद में सवालों के जवाब।

संसद में बोले कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी : राज्य सरकारों के ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों की गिरदावरी रिपोर्ट भेजते ही केंद्र सरकार तुरंत भेजेगी प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा राशि।
नई दिल्ली। दौसा सांसद जसकौर मीणा के सवाल : राजस्थाान में अभी हाल में ही हुई तेज बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण कई इलाकों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ, इसको लेकर केंद्र सरकार किसानों को राहत प्रदान करने के लिए क्या कदम उठा रही है। इसके जवाब में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसको लेकर राज्य सरकार से फसलों के नुकसान को लेकर गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करवाकर भिजवाने को कहा है। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि जैसे ही राज्य सरकार से फसल खराबे की रिपोर्ट मिलेगी, केंद्र सरकार तत्काल अपनी ओर से सहायता राशि पीड़ित किसानों के बैंक खातों में भेज देगी।

सांसद पंकज चौधरी के सवाल : धान पराली के जलाने के नियंत्रण के लिए भविष्य में क्या रणनीति बनाई। इसके जवाब में कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाली उपजाऊ मिट्टी के फायदेमंद जीवाणुओं को नष्ट कर देती है और मिट्टी की जैविक गुणवत्ता को भारी नुकसान होता है। कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए कृषि मंत्रालय की ओर से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली एनसीआर में फसल अवशिष्ट संस्था ने प्रबंधन स्कीम की शुरूआत की है। इसके लिए 594 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है।

वहीं सांसद दुलालचंद्र गोस्वामी के सवाल पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के पीएम किसान योजना के क्रियान्वयन नहीं करने के जवाब में कृषि राज्यमंत्री कैलाश ने कहा कि पीएम किसान योजना का देशभर में सफल क्रियान्वयन किया गया है। 11 मार्च 2020 तक लगभग साढे 8 करोड़ किसानों को वित्तीय लाभ जारी किया जा चुका है। परंतु पश्चिम बंगाल के लगभग 69 लाख किसान इसमें शामिल नहीं है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की सरकार ने इसमें जुड़ने से मना ​कर दिया है और इससे संबधित कोई ​रिपोर्ट केंद्र सरकार को उपलब्ध नहीं करवाई।

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