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जोधपुर लैब तकनीशियन अखिलेश सैन कोविड-19 में डटे हैं।

जोधपुर लैब तकनीशियन अखिलेश सैन कोविड-19 में डटे हैं। जोधपुर। मित्रो जैसा कि आप सभी जानते होंगे की अस्पतालों में मरीजों की बीमार...

जोधपुर लैब तकनीशियन अखिलेश सैन कोविड-19 में डटे हैं।

जोधपुर। मित्रो जैसा कि आप सभी जानते होंगे की अस्पतालों में मरीजों की बीमारी का पता लैब में लिए नमूनों की जांच के बाद ही चलता हैं। मरीज की बीमारी का पता लगाने के लिए उसके नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजा जाता हैं। मित्रों आपको बता दें कि लैब तकनीशियन ही एक ऐसा योद्धा होता हैं जो मरीज के पास जाकर उसके सैंपल लेता है। लैब तकनीशियन ही चिकित्सा विभाग के रीढ़ की हड्डी हैं। लैब तकनीशियन के बिना जांच संभव नही हैं। जैसा कि आप जानते होंगे कि मरीज जब डॉक्टर के पास दिखाने जाता है तो उसका लाइन ऑफ ट्रीटमेंट में सब से पहले डॉक्टर उन मरीज को जांच करने के लिए कहता है, और जब वो जांच के लिए लैब में जाता हैं तो सबस पहले उस मरीज के नमूनों की जांच लैब तकनीशियन ही करता है। मरीजों के नमूनों को लैब के उस तकनीशियन की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर उस मरीज का इलाज करता हैं। ओर इन दिनों वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना संक्रमण के रोगियों की जांच भी ऐसे अनगिनत लैब तकनीशियन रोज करते हैं। ऐसे में इन कर्मवीरों का जीवन भी खतरे से खाली नहीं हैं। इस संकट में ड्यूटी करने वाला हर वो कर्मवीर जो अपनी ईमादारी से अपने घर परिवार से दूर रहता हैं ओर अपनी लग्न से आमजन को बचाने की जुगत में लगा हुआ रहता हैं। उनको पनावड़ा न्यूज़ नेटवर्क परिवार दिल से सलाम करता हैं।
आज हम बात कर रहे हैं अखिलेश सैन की जो जोधपुर जिले के सबसे बड़े जनाना अस्पताल में लैब तकनीशियन स्टोर ब्लड बैंक इंचार्ज बतौर जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अखिलेश ने बताया की बुधवार को मेरे द्वारा कोविड-19 के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के जनाना विंग में कंफर्म पॉज़िटिव केस के 8 सैंपल लिए गए। में बहुत खुश हूं कि मुझे इस संकट के समय मे देश की रक्षा ओर सेवा करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि मेरी ड्यूटी हैं और में 14 दिन बाद घर जाऊंगा। 
सैन ने 14 बार ब्लड भी डोनेट किया है और कैम्प लगवाकर के लोगों को जागरूक भी किया हैं। अखिलेश ने में सभी लोगो से निवेदन किया हैं की वे लॉक डाउन का पालन कर अपने घर मे रहे सुरक्षित रहे सतर्क रहें।

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