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बाड़मेर जिले के करीब 55 हजार प्रवासी लौटेंगे घर। राजस्थान के प्रवासी यहां करें अपना रजिस्ट्रेशन।

बाड़मेर जिले के करीब 55 हजार प्रवासी लौटेंगे घर। राजस्थान के प्रवासी यहां करें अपना रजिस्ट्रेशन। - कोरोना से जिले को सुरक्षित कर...

बाड़मेर जिले के करीब 55 हजार प्रवासी लौटेंगे घर। राजस्थान के प्रवासी यहां करें अपना रजिस्ट्रेशन।

- कोरोना से जिले को सुरक्षित करने के पुख्ता प्रबंध
बाडमेर। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान से जाने एवं बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं प्रवासियों को उनके गन्तव्य स्थल तक पहुंचाने के पुख्ता प्रबंध किए गए है। देश के विभिन्न प्रदेशों से आने वाले प्रवासियों से जिले को कोरोना सक्रमण से बचाव को भी सभी जरूरी व्यवस्थाए की गई हैं।
इस सबन्ध में जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने सोमवार को उपखण्ड अधिकारियो से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर तैयारियो की समीक्षा की।
स्वास्थ्य मानक हो पुरे
इस मौके पर उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में स्थित श्रमिकों एवं प्रवासियों की समस्याओं के निवारण हेतु निरन्तर प्रयास कर रही है। राज्य के श्रमिकों एवं प्रवासियों को स्वास्थ्य मानकों की पालना सुनिश्चित करते हुए उनके गन्तव्य निवास स्थल तक पहुंचाने हेतु राज्य सरकार सतत् प्रयत्नशील है। इसी क्रम में जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अक्षरक्षः पालना सुनिश्चित करने को कहा।
पचपन हजार लौंटेगे
जिला कलक्टर ने बताया कि अन्य राज्यों में केम्पों में रह रहे राजस्थान के श्रमिकों एवं प्रवासियों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए लाया जाएगा। इनकी संख्या अनुमानित 56 हजार है, जो महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु एव पशिचम बंगाल समेत अन्य राज्यो से लौटेंगे।
उन्होने बताया कि अन्य राज्य राज्यों या जिलों से निजी वाहन या बसों से आने वाले श्रमिकों एवं प्रवासियों के जिले में प्रवेश से पूर्व सीमा पर चौक पोस्ट पर पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। उनकी पूरी विस्तृत जानकारी लेकर उनकी मेडिकल जांच के बाद उन्हें जिले में प्रवेश दिया जाएगा, जहा से उन्हें जिले में प्रशासन द्वारा उनके नियत स्थान पर भेजा जाएगा। उनके नियत स्थान पर पहुंचने के बाद उन्हें क्वारंटाइन किया जाए।
परदेशी भी लौटेंगे
इसी प्रकार राजस्थान से बाहर जाने वाले श्रमिकों एवं प्रवासियों जिनके पास अपने निजी वाहन है, उन्हें संबंधित इंसिडेन्ट कमाण्डर द्वारा चरणबद्ध तरीके से पास जारी किए जाए। वही अन्य को इसी प्रकार पब्लिक ट्रान्सपोर्ट एवं बसों से भेजा जाएगा। इच्छुक प्रवासियों के लिए एक एकीकृत कॉल सेन्टर नम्बर 1800-180-6127, 





इसके साथ ही वे ई मित्र कियोस्क की सेवाएं भी ले सकेंगे। पंजीकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित राज्य की सहमति प्राप्त की जाएगी तथा सहमति के बाद चरणबद्ध रूप से इन्हें ले जाने की व्यवस्था की जाएगी।
गुजरात सीमा पर चौक पोस्ट
जिला कलक्टर ने बताया जिले में अधिकांश प्रवासी गुजरात होते हुए लौटेंगे, इसलिए इस सीमा पर गांधव, खारा, काठाड़ी, मंडप एव मंजल में चौकिया स्थापित की गई है। सर्वाधिक भार गांधव पर रहेगा। यह पर ब्लॉकवार टेंट लगाकर काउंटर खोले जाएंगे। पहले आने वाले प्रवासी का पूरा ब्यौरा अंकित किया जाएगा एव बाद उसकी मेडिकल जांच की जाएगी। ताकि एक साथ ज्यादा भीड ना हो। गन्तव्य स्थल के लिए रवाना होने से पूर्व इनकी आईएलआई के लक्षणों की स्क्रीनिंग की जाएगी गन्तव्य स्थल पर पहुंचने के बाद इन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा। वही जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर उसे यही पर रोक कर सीधे यही से हॉस्पिटल भेजा जाएगा।
छाया पानी भोजन मिलेगा
जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए चौक पोस्ट पर भोजन, पेयजल, शौचालय एचं चिकित्सा जांच की सुचारू व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। यहीं पर उनका रजिस्टेªशन किया जाएगा। वही अन्य जिले के लोगो की  केवल  गन्तव्य जिले के प्रशासन को  सूचना दी जाएगी। चेक पोस्ट पर ट्रांजिट कैंप में पुलिस, पटवारी, ग्राम सेवक, शिक्षक, परिवहन विभाग और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।इसी प्रकार आने और जाने वाली बसों का सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए सर्वोत्तम प्रबन्ध किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा, उपखण्ड अधिकारी नीरज मिश्र, सहायक निदेशक लोकसेवाएं के.के. गोयल, एसीपी मोहनकुमार सिंह चौधरी, सीएमएचओ कमलेश चौधरी, जिला रशद अधिकारी अश्विनी गुर्जर, जिला शिक्षा अधिकारी डालूराम चौधरी एव तहसीलदार प्रेम सिंह चौधरी मौजूद थे।

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