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केमिस्ट एवं फार्मासिस्ट दवाई की उपलब्धता एवं तीन माह का स्टॉक रखना सुनिश्चित करेंगे।

केमिस्ट एवं फार्मासिस्ट दवाई की उपलब्धता एवं तीन माह का स्टॉक रखना सुनिश्चित करेंगे। बाड़मेर। कोविड-19 को महामारी घोषित किए जान...

केमिस्ट एवं फार्मासिस्ट दवाई की उपलब्धता एवं तीन माह का स्टॉक रखना सुनिश्चित करेंगे।

बाड़मेर। कोविड-19 को महामारी घोषित किए जाने की स्थिति को देखते हुए जनहित एवं मानव जीवन की सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार की ओर से 14 अप्रैल  तक लॉक डाउन घोषित किया गया है। इस दौरान दवाइयों की उपलब्धता सुनिष्चित करना बेहद जरूरी है।जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि चिकित्सा आपूर्ति एवं समस्त चिकित्सा सेवाओं को लॉक डाउन से मुक्त रखा गया है। नागरिकों को जीवन रक्षक, सामान्य रोगों के परामर्श एवं निदान के लिए निजी चिकित्सा सेवाएं, दवाई की नियमित उपलब्धता जरूरी है। रोगी को समय पर दवाइयां उपलब्ध कराना नितान्त आवश्यक है। इसके अभाव में रोगग्रस्त व्यक्ति की जान जा सकती है। रोगियों की जीवन रक्षा सुनिश्चित किए जाने के लिए जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट विश्राम मीणा ने राजस्थान ऐपिडेमिक डिजिजेज एक्ट 1957 की धारा (2) एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, की धारा 34(ई) व 34 (एम) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिए कि बाड़मेर जिले की राजस्व सीमा में स्थित केमिस्ट, फार्मासिस्ट अपनी दवाइयों की दुकानों को पूर्व की भांति खुला रखेंगे। साथ ही आमजन को चिकित्सकीय परामर्श के अनुरूप दवाइयां उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उनके मुताबिक आमजन की सुरक्षा के लिए यह भी आवश्यक है कि समस्त केमिस्ट, फार्मासिस्ट अपने स्टॉक में कम से कम तीन माह की सामान्य एवं अत्यावश्यक दवाइयां, अत्यावश्यक उपकरण, मास्क, सेनेटाइजर, हैण्ड ग्लब्ज इत्यादि सामग्री रखना सुनिश्चित करेंगे। आदेश की पालना नही करने पर संबंधित केमिस्ट,फार्मासिस्ट के विरूद्ध राजस्थान ऐपिडेमिक डिजिजेज एक्ट 1957 की धारा (3), भारतीय दण्डसंहिता की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम धारा 51 के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसके तहत दो वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान हैं।

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