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चौबीस घंटे मोनेटरिंग के साथ पीएमओ डॉ. मंसूरिया रहते है तत्पर।

चौबीस घंटे मोनेटरिंग के साथ पीएमओ डॉ. मंसूरिया रहते है तत्पर। बाड़मेर। राजकीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी...

चौबीस घंटे मोनेटरिंग के साथ पीएमओ डॉ. मंसूरिया रहते है तत्पर।

बाड़मेर। राजकीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी.एल. मंसूरिया बाड़मेर जिले में कोरोना की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। संदिग्ध मरीजों को राजकीय चिकित्सालय में लाए जाने पर संक्रमण की आशंका रहती है। इसके अलावा अन्य मरीजों की लगातार आवक रहती है। इन सारे पहलूओं को मददेनजर रखते हुए पीएमओ डॉक्टर मंसूरिया ने अन्य चिकित्सकों के साथ बेस्ट मैनेजमेंट पालिसी को लागू किया। इसकी बदौलत आमजन को विशेषज्ञों की सेवाएं मिल रही है। वहीं कोरोना संक्रमण की आशंका काफी हद तक कम हो गई है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी.एल.मंसूरिया की आम दिनों की अपेक्षा दिनचर्या बदल गई है। वे 24 घंटे तत्पर रहने के साथ राजकीय चिकित्सालय में समस्त व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त समय दे रहे है। हालांकि टीम वर्क की बदौलत उनके लिए काफी सहुलियत तो हुई है। लेकिन आमजन को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए डॉक्टर मंसूरिया नियमित मोनिटरिंग करते है। लॉक डाउन के कारण इनका गांव ढूंढा बांदरा, महज 17 किमी दूर होने के बावजूद अपने परिजनों से मिलने नहीं जा पाए है। इसके अलावा दो माह से कोई अवकाश भी नहीं लिया है। डॉ. मंसूरिया बताते है कि प्रतिदिन सुबह राजकीय चिकित्सालय पहुंच कर आवश्यक रिपोर्टिंग के बाद आइसोलेशन वार्ड एवं आईसीयू में भर्ती मरीजों, उनकी रिपोर्ट एवं शिफ्ट करने के बारे में जानकारी लेते है। इस दौरान यह भी तय किया जाता है कि मरीजों को सोशियल क्वारांटाइन में या होम क्वारांटाइन में शिफ्ट करना है। इसके बाद दूसरे विभागों की जानकारी लेते है। कौन चिकित्सक कहां सेवाएं दे रहे है। उनके मुताबिक मौजूदा समय में ओपीडी और आईपीडी लगभग आधे से भी कम चल रही है। राजकीय चिकित्सालय में किसी तरह का संक्रमण नहीं फैले। साथ ही मरीजों को उपचार मिलता रहे, इसके लिए एक कॉमन ओपीडी की व्यवस्था की गई है। वे बताते है कि आइसोलेशन वार्ड में भी रोटेशन से ही ड्यूटी लगाई गई है। वे कोशिश करते है कि आइसोलेशन वार्ड में मरीज साथ नहीं रहे। इसके लिए 4 कॉटेज भी आरक्षित कर दिए गए है। ताकि कोई भी मरीज अगर पॉजिटिव आता है तो दूसरों में इंफेक्शन नहीं फैलाएं। जैसा कि बाड़मेर में पहला मरीज आया था, तो वो अलग कॉटेज में था। दूसरे मरीज अलग-अलग थे। इसकी वजह से कोई अन्य व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ। डॉक्टर मंसूरिया बताते है कि राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत समस्त चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ कोरोना से निपटने के लिए पूर्ण समर्पण भाव से सेवाएं दे रहे है। इसकी बदौलत आमजन को चिकित्सकीय सेवाएं मिलने के साथ कोरोना से जंग लड़ने में खासी सहुलियत हो गई है।

संक्रमण की रोकथाम के लिए कोमन ओपीडीः राजकीय चिकित्सालय में कोरोना की रोकथाम के लिए कोमन ओपीडी संचालित की जा रही है। इसमें ऐसी व्यवस्था की गई कि 4 चिकित्सक हमेशा रोटेशन से सेवाएं दें। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि अगर ओपीडी में पॉजिटिव मरीज आएगा तो उस ओपीडी के 4 चिकित्सक ही क्वारेंटाइन होगे। अन्य डॉक्टर अगले दिन ओपीडी चलाएगे। पीएमओ डॉक्टर मंसूरिया के मुताबिक इस तरह की व्यवस्था से ओपीडी सेवा परालाइज नहीं होगी। इसी तरह स्पेशियलिस्ट डॉक्टर भी सभी एक साथ नहीं बैठ कर रोटेशन से बैठेंगे। ताकि किसी भी ओपीडी में अगर पोजिटिव मरीज आता है तो सभी चिकित्सक एक साथ प्रभावित नहीं हो तथा स्पेशियलिस्ट ओपीडी की सेवा में भी कोई बाधा नहीं आए। यही व्यवस्था आईपीडी में की गई है, सभी विभागो के आधे-आधे चिकित्सक रोटेशन से अपनी-अपनी आईपीडी सेवा दे रहे है। इस व्यवस्था से आईपीडी में भी कोई पोजिटिव मरीज आएगा तो सभी चिकित्सक एक साथ प्रभावित नहीं होंगे।

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