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बाड़मेर, टिडडी प्रभावित इलाकों में खुलेंगे चारा डिपो एवं पशु शिविर।

बाड़मेर, टिडडी प्रभावित इलाकों में खुलेंगे चारा डिपो एवं पशु शिविर। - 33 फीसदी से अधिक फसल खराबे वाले गांवों को चिन्हित करने के ...

बाड़मेर, टिडडी प्रभावित इलाकों में खुलेंगे चारा डिपो एवं पशु शिविर।

- 33 फीसदी से अधिक फसल खराबे वाले गांवों को चिन्हित करने के निर्देश।
बाड़मेर। राज्य सरकार ने बाड़मेर समेत अन्य टिडडी प्रभावित जिलों में चारा डिपो एवं पशु शिविर संचालित करने के निर्देश दिए है। जिले के समस्त तहसीलदारों को 33 फीसदी से अधिक फसल खराबे वाले गांवों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए है। 
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने टिडडी प्रभावित जिलों बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, पाली एवं सिरोही जिले के अभावग्रस्त इलाकों में अनुदानित दरों पर चारा वितरण के लिए चारा डिपो स्वीकृत करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके अलावा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व में जारी अधिसूचना की अवधि 30 जून तक बढ़ाते हुए टिडडी प्रभावित इलाकों में आवश्यकतानुसार 60 दिवस पशु संरक्षण गतिविधियां संचालित करने का निर्णय लिया गया है। जिला कलक्टर मीणा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पशु शिविर एचं चारा डिपो केवल, उन्हीं गांवों में संचालित किए जा सकेंगे। जिन गांवों में टिडडी दल के आक्रमण से फसलों में 33 फीसदी एवं इससे अधिक फसल खराबा हुआ है तथा खरीफ फसल संवत 2076 में सूखे से अभावग्रस्त गांवों में पशु शिविर एवं चारा डिपो संचालित नहीं किए जा रहे हो। उनके मुताबिक टिडडी प्रभावित इलाकों में चारे की कमी होने जाने के फलस्वरूप जिला कलक्टर के प्रमाणीकरण एवं औचित्य के आधार पर विभाग से अनुमोदित प्रस्तावानुसार लघु एवं सीमांत कृषकों की ओर से अभाव अवधि के दौरान छोड़े गए पशुओं के संरक्षण के लिए पशु शिविर स्वीकृत किए जाएंगे। चारा डिपो पर केवल लघु एवं सीमांत कृषकों को उनकी ओर से संधारित पशुओं के अनुपात में चारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा जिन लघु एवं सीमांत कृषकों की ओर से पशुओं को पशु शिविर में छोड़ दिया जाएगा। उनको चारा अनुदान देय नहीं होगा। इन चारा डिपो का जिला कलक्टर के अलाव अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से राज्य सरकार के निर्धारित मापदंड के अनुसार निरीक्षण भी किया जाएगा।

ग्राम पंचायतवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश: 
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने तहसीलदारों को पशु शिविर एवं चारा डिपो खोलने के लिए ग्राम पंचायतवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए है। जिला कलक्टर एसडीआरएफ नार्म्स के अनुसार चारा डिपो खोलने के लिए ग्राम पंचायतों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर पशु शिविर एवं चारा डिपो की ऑनलाइन स्वीकृति जारी करेंगे। ऑफ लाइन प्रस्तावों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन करना होगाः 
चारा डिपो एवं पशु शिविर खोलने के लिए ग्राम पंचायतों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को चारा डिपो अथवा पशु शिविर खोलने के लिए www.sso.rajasthan.gov.in पर रजिस्टेशन करने के बाद विभागीय एप्लीकेशन Dmis के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

पशुओं को उपलब्ध कराया जाएगा आहारः 
पशु शिविरों में संधारित किए जाने वाले पशुओं को एसडीआरएफ नार्म्स के अनुसार बड़े एवं छोटे पशु के लिए क्रमश: 70 एवं 35 रूपए की राशि प्रति दिन चारा एवं पशु आहार देने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। संबंधित संस्था को बड़े पशु को 1 किलो एवं छोटे पशु को आधा किलोग्राम पशु आहार उपलब्ध कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर अनुदान बिलों में से राजफेड की प्रचलित बाजार दर के हिसाब से पशु आहार की राशि की कटौती करते हुए संबंधित संस्था को भुगतान नहीं किया जाएगा।

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