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शिक्षकों के हित में शिक्षक संघ युवा प्रदेश ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

शिक्षकों के हित में शिक्षक संघ युवा प्रदेश ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र। @निर्मल मेहता   जोधपुर/भोपालगढ राजस्थान शिक्षक संघ ...

शिक्षकों के हित में शिक्षक संघ युवा प्रदेश ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

@निर्मल मेहता  
जोधपुर/भोपालगढ राजस्थान शिक्षक संघ युवा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अप्रेल माह के वेतन भुगतान और विभिन्न मांगों की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र मोबारसा ने बताया कि कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा के दौरान राजस्थान का शिक्षक वर्ग अपने पूर्ण मनोयोग के साथ राज्य सरकार का आर्थिक, प्रशासनिक, योजनागत सहयोग कर रहा है। विगत दिनों में आगामी माह में वेतन स्थगित करने, डीए फ्रीज करने इत्यादि संबंधी समाचार प्रिंट मीडिया में प्रकाशित हो रहे हैं, इससे राज्य का तमाम शिक्षक वर्ग दुविधा में है, जबकि इस राष्ट्रीय आपदा में कई शिक्षकों ने कोविड-19 की वैक्सीन के परीक्षण के लिए अपना शरीर सहर्ष समर्पित करने के लिए तैयार है। राजस्थान शिक्षक संघ युवा जोधपुर के जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की सर्वे, क्वॉरेंटाइन सेंटर, आइसोलेशन सेंटर, रसद सामग्री वितरण, चेक पोस्ट, पेंशन वितरण आदि ड्यूटी मौसम की बदलती हुई परिस्थितियों में भी राजस्थान जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे प्रदेश में पूरे मनोयोग के साथ कर रहे हैं, दूसरी तरफ मार्च में वेतन स्थगन किया गया जो उनके लिए निराशाजनक है। हम राष्ट्रीय कार्यों के दायित्व के निर्वहन के लिए सदैव तैयार हैं। जिला संगठन महामंत्री हनुमान पटेल और राजेंद्र जांगू ने अपने संयुक्त बयान में बताया कि शिक्षक 5, 3, 2 दिन का वेतन सीएम सहायता कोष में दे चुके हैं, मार्च माह का वेतन 50% या 30% स्थगन किया गया है, इस संबंध में उपजी विसंगतियों की दुविधा को सरकार दूर करे। अप्रैल माह का वेतन बिल पूरे महीने का जनरेट हो रहा है इन्हें पारित करवाने के निर्देश राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएं। शिक्षक वर्ग लगातार कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा रोकथाम में अपनी सेवाएं दे रहा है। राष्ट्रीय आपदा रोकथाम में प्रत्येक मोर्चे पर शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहा है, इसके लिए उनको अतिरिक्त भत्ता या क्षतिपूर्ति अवकाश या प्रोत्साहन राशि देय होनी चाहिए। तथा
प्रोबेशनर कार्मिकों के मानदेय से 50% और 30% स्थगित वेतन वापस लिया जाए.. क्योंकि वेतन स्थगन के पश्चात परि
प्रोबेशनर कार्मिकों का वेतन वर्तमान विकट परिस्थितियों में उचित जीवन निर्वाह के अनुकूल नहीं है। कोविड-19 राष्ट्रीय आपदा में शिक्षकों की ड्यूटी रोटेशन पॉलिसी में लगाई जाए जिससे लगातार सेवाएं दे रहे, शिक्षक मानसिक, शारीरिक, अत्यधिक कार्य भार के दबाव से मुक्त हो सकें। लॉक डाउन शुरू होने से लेकर अब तक लगातार ड्यूटी दे रहे शिक्षकों को तनाव से मुक्त किया जाए उन्हें थोड़ी राहत प्रदान की जाए।
फ्रंटलाइनर के तौर पर राष्ट्रीय आपदा में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से अमल में लाकर त्वरित कार्रवाई की जाए।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश विश्नोई और मुकेश सैन ने संयुक्त रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते एवम् डी ए रोकने को अमानवीय व अव्यवहारिक मानकर कड़ा विरोध जताया है। इसलिए   राजस्थान शिक्षक संघ युवा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री से  कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए वेतन का भुगतान निरन्तर करने तथा डी ए की राशि का भी भुगतान करवाने की मांग की है।

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