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काली मिट्टी (पीळी) को भिगोकर तीन दिन अंगूठे पर लगाकर रखा, आधार मैच होने पर उठाया पैसा।

काली मिट्टी (पीळी) को भिगोकर तीन दिन अंगूठे पर लगाकर रखा, आधार मैच होने पर उठाया पैसा। @अमेश बैरड़   जोधपुर/ओसियां। कहते है ...

काली मिट्टी (पीळी) को भिगोकर तीन दिन अंगूठे पर लगाकर रखा, आधार मैच होने पर उठाया पैसा।

@अमेश बैरड़ 
जोधपुर/ओसियां। कहते है भाग्य की लकीर के बिना व्यक्ति को कुछ नहीं मिलता लेकिन अगर आपके अंगुलियों के फिंगर प्रिंट की लकीरें भी घिस जाये तो आप अपने खाते का पैसा भी नहीं निकाल सकते। ऐसा ही कुछ हरलाया के बुजुर्ग बुधाराम मेघवाल के साथ हुआ। हरलाया कस्बे के श्री तनोटराय ई-मित्र एवं फिनो बैकिंग सेवा केन्द्र पर पिछले दस दिन से अपने खाते में आ रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पैसे निकालने के लिए आ रहा था। लेकिन उम्रदराज होने के कारण उसका आधार नम्बर से बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट मैच नहीं होने से पैसा नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने जुगाड़ी दिमाग लगाया और घर जाकर काली मिट्टी को सुती कपङे में लपेटा व भिगोकर अपने दोनों हाथों के अंगूठों पर लपेट दिया ताकि अंगूठे की चमड़ी नरम पड़ जाये व आधार से बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट मैच हो जाये ताकि पैसा निकाल सके। यह जुगाड़ उसके काम आया और उसने दो दिन तक काली मिट्टी को लपेटकर रखा। और सोमवार को वापस श्री तनोटराय ई-मित्र व फिनो बैकिंग सेवा केन्द्र पर पहुंचा तो संचालक श्रवण चौधरी व हरिश चौधरी ने बैकिंग सिस्टम से पैसा विड्रोल करने के लिए बुधाराम का आधार नम्बर लगाकर पैसा विड्रोल किया तो आधार बायोमेट्रिक फिंगर प्रिंट मैच हो गया और उसके खाते से 4000 रूपये विड्रोल हो सका। बुजुर्ग बुधाराम मेघवाल ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग से वृद्धावस्था पेंशन मिलती है लेकिन जब भी बैकिंग बीसी पर पैसा लेने आता हूँ तो फिंगर प्रिंट नहीं आता है। ऐसे में अब पैसे की जरूरत थी और लाॅकडाउन की वजह से ओसियां जाकर बैंक से पैसे भी नहीं निकाल सकता। तो घर पर ही पीली मिट्टी से देशी जुगाड़ कर सुती कपड़े में पीली बांधकर भिगोकर रखा जिससे अब अंगूठे का फिंगर प्रिंट मैच होेने से पैसे मिले है। बीसी संचालन श्रवण चौधरी व हरीश चौधरी ने बताया कि बुजुर्ग के फिंगर प्रिंट घिस जाने से उनको बैंक से आधार बायोमेट्रिक से पैसे निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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