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प्रवासियों के लिए राजस्व मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।

प्रवासियों के लिए राजस्व मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र। लॉकडाउन बढ़ने से प्रवासी मजदूरों की बढ़ी चिंता के बीच राहत के ल...

प्रवासियों के लिए राजस्व मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।

  • लॉकडाउन बढ़ने से प्रवासी मजदूरों की बढ़ी चिंता के बीच राहत के लिए आगे आए मंत्री हरीश चौधरी

बाड़मेर। लॉक डाउन पार्ट- 2 लागू होने के बाद दक्षिण भारत के राज्यों में मारवाड़ समेत प्रदेश भर के हजारों मजदूर अलग अलग राज्यों में अटके हुए है। 14 अफ्रेल तक प्रथम लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे, इन श्रमिको की अब 19 दिन और लॉक डाउन बढ़ने से चिंता की लकीरें और बढ़ गई है, ऐसे में मजदूर व उनके परिजन भी चिंतित है। इन प्रवासी राजस्थानियों का दर्द समझते हुए राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने आमजन से कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिकाधिक सहयोग एवं लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि जो प्रवासी राजस्थानी अन्य राज्यों में फंसे हुए है, उनके गृह जिले तक पहुँचाने की व्यवस्था करवाई जाएं।
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रवासी लोगों को उनके गृह जिले तक आने की सुविधा उपलब्ध करवाने के बारे में विचार कर उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया है। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने पत्र में बताया कि 25 मार्च को पूरे देश मे अचानक लागू हुए लॉकडाउन से लाखों नागरिक गृह जिलों से दूर अन्य राज्यों में फंसे हुए है। इनमें दो तरह के लोग शामिल हैं। एक तो वे जो अन्य राज्य में जहां वे व्यापार या मजदूरी करते है, वहां से नही निकलने के कारण अपने कार्य स्थल पर ही है, वहीं दूसरी श्रेणी के वे लोग है जो लॉकडाउन अवधि में अपने कार्यस्थल से रवाना होकर बीच मे अन्य स्थान पर फंस गए है। जहां उनके रहने खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि बीच रास्ते में अन्य राज्यो में फंसे इन प्रवासी लोगों में से काफी लोगो ने क्वारंटाईन सेंटर पर क्वारंटाईन अवधि भी पूरी कर ली है। अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों की स्थिति बहुत खराब है। राज्यो में स्थित आपातकालीन कंट्रोल रूम एंव जनप्रतिनिधियों के पास इनके हजारो फोन मदद के लिए आ रहे है। मौजूदा हालात में अपील या निवेदन से ज्यादा असर नही होगा, क्योंकि इनको स्वयं की चिंता के साथ ही उनसे कई किलोमीटर दूर रह रहे परिवार की भी चिंता है। उन्होने पत्र में बताया कि लॉक डाउन अवधि समाप्त होने के बाद देश को पुनः पटरी पर लाने में इस मजदूर वर्ग की मुख्य भूमिका होगी, लेकिन अभी यह वर्ग बहुत ही हतोत्साहित व विपत्ति में है। इस वर्ग को विश्वास में लेना आवश्यक है। उन्होंने ऐसे लोगों को गृह जिले तक पहुचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

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