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संक्रमण की आशंका के चलते लॉक डाउन की प्रभावी पालना पर जोर।

संक्रमण की आशंका के चलते लॉक डाउन की प्रभावी पालना पर जोर। बाड़मेर। पडौसी जिलों जैसलमेर तथा जोधपुर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्...

संक्रमण की आशंका के चलते लॉक डाउन की प्रभावी पालना पर जोर।

बाड़मेर। पडौसी जिलों जैसलमेर तथा जोधपुर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मददेनजर जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बाड़मेर जिले में लॉकडाउन की प्रभावी रूप से पालना करवाने के सख्त निर्देश दिए है। साथ ही उन्होने जैसलमेर तथा जोधपुर से लगती बाड़मेर जिले के सीमाओं को पूरी तरह से सील करने की हिदायत दी है। ताकि संक्रमण की आशंका को समूल नष्ट किया जा सके।
जिला कलक्टर मीणा ने जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की समीक्षा एवं लोक डाउन के दौरान सप्लाई चैन की सुनिश्चितता पर चर्चा के दौरान मंगलवार को उपखण्ड अधिकारियो, तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की आपदा में लॉक डाउन के 2 सप्ताह समाप्त हो चुके है एवं आने वाला शेष एक सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोगों को हर हाल में घर से बाहर निकलने से रोका जाए। 

बैंको पर नजर रखें
जिला कलक्टर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा की पेंशनों के खातों में भुगतान के साथ-साथ अब जिले में एक मुश्त अनुग्रह सहायता का भी वितरण किया जा चुका है। इसलिए बैंकों में लोग भुगतान के लिए आएंगे। इसलिए वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाए एवं आवश्यकता होने पर पुलिस बल तैनात करके हर हाल में सोशल डिस्टेंस कायम की जाए। 

होम डिलीवरी बढावे
उन्होने कहा कि लॉक डाउन के 14 दिन गुजर जाने के कारण आमजन को दैनिक उपभोग की वस्तुओं की आवश्यकता अब बढेगी, इसलिए आगामी दिनों में  उपभोक्ता वस्तुओं एवं खाद्य सामग्री की आपूर्ति शृंखला अबाध रहनी चाहिए। जिला कलक्टर ने जिला मुख्यालय तथा उपखण्ड मुख्यालयों एवं बडे कस्बों में होम डिलीवरी पर विशेष फोकस करते हुए व्यापारियों को ई-बाजार पर उपलब्धता बढाने एवं विभिन्न वॉट्सएप ग्रुपों के जरिए उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी करवाने को कहा। साथ ही मोबाईल वैन के जरिए डोर-टू-डोर डिलीवरी के निर्देश दिए। 

मीड-डे-मील का हो उपयोग
जिला कलक्टर ने जिले के विद्यालयों में रखे मिड-डे-मील खाद्यान के अन्तर्गत गेंहू तथा चावल को लेकर जरूरतमंदों में बांटने के लिए उपखण्ड अधिकारियों को कार्य योजना बनाने को कहा। साथ ही स्टॉक के भी अपडेट करने के निर्देश दिए ताकि उपलब्धता तथा आवश्यकता का सटीक आंकडा उनके पास उपलब्ध हो।

आश्रय स्थल हो चाक-चौबंद
जिला मुख्यालय तथा सभी तहसील मुख्यालयों में स्थापित 22 आश्रय स्थलों में जिला कलक्टर ने सभी बुनियादी सुविधाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रत्येक आश्रय स्थल का प्रभारी अधिकारी वहां पर 24 घण्टे चौकस एवं सतर्क रहे ताकि निराश्रित लोगों को उनकी आधारभूत जरूरतें समय पर पूरी हो सकें। साथ ही यहां रह रहे बाहरी लोगो में किसी प्रकार की बिमारी अथवा संक्रमण की तुरंत सूचना मिल सके। 
इससे पूर्व अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बिन्दुवार जानकारी ली। इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रतनू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकार डॉक्टर कमलेश चौधरी, उपखण्ड अधिकारी नीरज मिश्र, लोक सेवाएं के सहायक निदेशक के.के. गोयल, नगर विकास न्यास सचिव एस.एस.मीणा, जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर, तहसीलदार प्रेमसिंह चौधरी मौजूद रहे।

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