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व्यावसायिक शिक्षकों पर गहराया आर्थिक तंगी एवं बेरोजगारी का संकट।

व्यावसायिक शिक्षकों पर गहराया आर्थिक तंगी एवं बेरोजगारी का संकट। @मुकेश पाल सिंह सिरोही। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के ...

व्यावसायिक शिक्षकों पर गहराया आर्थिक तंगी एवं बेरोजगारी का संकट।

@मुकेश पाल सिंह
सिरोही। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सहमंत्री राव गोपालसिंह ने मुख्यमंत्री को व्यावसायिक शिक्षकों की सुध लेकर बकाया मानदेय देकर करार वापस रिन्यू करने की मांग की। मुख्यमंत्री को मेल व ज्ञापन से समस्या से अवगत कराया। कोरोना के चलते देश भर में लॉकडाउन के बीच सरकारी स्कूलों में नियुक्त व्यावासयिक शिक्षकों पर आर्थिक तंगी व बेरोजगारी के संकट गहरा गया है। प्रदेशभर में 905 स्कूलों में लगें हुई ये 1800 व्यावासयिक शिक्षकों को पिछले डेढ वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही समसा द्वारा इन कम्पनियों पर बकाया वेतन को लेकर आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। सरकार द्वारा बजट नहीं दिया गया इस संबंध में समसा द्वारा यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा इन व्यावसायिक शिक्षकों को मानदेय के लिए डेढ साल से बजट का आवंटन नहीं किया गया है जिसके कारण कम्पनियां को भुगतान नहीं हो पाया है। 
व्यावसायिक शिक्षकों का 30 अप्रेल 2020 को पूर्ण हो रहा कार्यकाल व्यावसायिक शिक्षकों का 30 अप्रेल को कार्यकाल भी पूर्ण हो रहा है जिस संबंध में सरकार मौन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉनडाउन के चलते यह आह्वान किया है कि किसी भी कार्मिको को बेरोजगार नहीं करें। इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा भी आदेश जारी किया गया है परन्तु राजस्थान सरकार द्वारा इन व्यावसायिक शिक्षकों को 30 अप्रेल के पश्चात् विद्यालय आने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। 

कम्पनी एवं रमसा के बीच फुटबॉल बने लॉकडाउन के साथ-साथ आर्थिक व मानसिक परेशानी के बीच व्यावसायिक शिक्षकों को रमसा एवं प्लेसमेन्ट एजेन्सी के बीच फुटबॉल बनाकर मानदेय के भुगतान की कार्यवाही को लम्बित किया जाता रहा है। विभाग कहता है कि आप कम्पनी के एम्पलोई है और कम्पनी कहती है कि आप रमसा को बजट के लिए लिखें। ऐसे में व्यावसायिक शिक्षकों की सुनने को कोई तैयार नहीं है। व्यावसायिक शिक्षक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सिरोही में कार्यरत कीर्तिकुमार सोलंकी एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरठवाड़ा में कार्यरत कैलाश कुमार ने बताया कि इनका वेतन क्रमशः 13 माह एवं 18 माह से बकाया है यह स्थिति राज्य के सभी व्यावसायिक प्रशिक्षकों की हैं। राव ने व्यावसायिक प्रशिक्षकों को बकाया मानदेय भुगतान कर करार आगे बढाने की पूरजोर मांग की। राज्य में 27623 पंचायत सहायकों के करार को भी रिन्यू करने की गुहार की।

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