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बाड़मेर के लिए चुनौती से कम नहीं थी 1200 यात्रियों की रवानगी।

बाड़मेर के लिए चुनौती से कम नहीं थी 1200 यात्रियों की रवानगी। -प्रभावी मोनिटरिंग एवं साझा प्रयासों की बदौलत नहीं आई कोई दिक्कत। ...

बाड़मेर के लिए चुनौती से कम नहीं थी 1200 यात्रियों की रवानगी।

-प्रभावी मोनिटरिंग एवं साझा प्रयासों की बदौलत नहीं आई कोई दिक्कत।
बाड़मेर। कोरोना जैसी आपदा में 1200 यात्रियों को विशेष रेलगाड़ी के जरिए रवाना करना जिला एवं पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। पिछले काफी दिनों से चल रही कवायद रविवार को विशेष रेलगाड़ी की रवानगी के साथ थम गई। यह कवायद संदेश दे गई कि अगर पूरे मनोयोग से साझा प्रयास किए जाए तो कुछ भी असंभव नहीं।
बाड़मेर जिले में पिछले दिनों में कोरोना पोजिटिव सामने आने के बाद जिला प्रशासन के सामने सोशल डिस्टेंस एवं अन्य एडवायजरी की पालना करते हुए श्रमिकों को भिजवाने का जिम्मा था। बाड़मेर जिले में बिहार के श्रमिकों की तादाद 1675 थी। जबकि एक ट्रेन में अधिकतम 1200 श्रमिकों को भेजा जा सकता है। ऐसे में विशेष रेलगाड़ी में भेजे जाने वाले श्रमिकों को चिन्हित किया गया। इसके अलावा अन्य लोगों को चिन्हित किया, जिनको आगामी दिनों में बिहार भेजा जा सके। इसके लिए पिछले 15 दिनों से जिला कलक्टर विश्राम मीणा की ओर से नियमित वीडियो कांफ्रेसिंग, व्हाटसअप के जरिए उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों, विकास अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया। तहसील स्तर पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को चिन्हित करते हुए उनकी सूचियां तैयार की गई। जिला स्तर पर डाटा संग्रहण के साथ नोडल अधिकारी एवं संबंधित राज्य को भिजवाया गया। विशेष रेलगाड़ी की स्वीकृति मिलने के साथ जिला मुख्यालय पर रोड़वेज बसों में श्रमिकों को लाने की व्यवस्था, उपखंड स्तर पर स्क्रीनिंग, भोजन एवं पानी की व्यवस्था, यात्रियों का पंजीकरण, कोच आवंटन एवं टिकट वितरण, रेलवे स्टेशन के सेनेटाइजेशन, स्क्रीनिंग एवं चिकित्सकीय परीक्षण, हेल्प डेस्क, सुरक्षा व्यवस्था संबंधित समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इसके लिए जिला कलक्टर विश्राम मीणा एवं पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह भाटी, जिला रसद अधिकारी अष्विनी गुर्जर, आयुक्त प्रमोद जांगिड़, वेदांता केयर्न ऑयल गैस की सीएसआर हेड हरमीत सेहरा एवं धारा संस्थान के सोनाराम की अगुवाई में समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दौर चला। रेलवे की ओर से भी समुचित इंतजाम किए गए। इस दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए जारी की गई एडवायजरी के प्रावधानों की पालना का विशेष ध्यान रखा गया। रेलवे स्टेशन पर भारी तादाद में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। सबके साझा प्रयासों का नतीजा यह रहा है कि विशेष रेलगाड़ी से जाने वाला हर यात्री संतुष्ट नजर आया। उनके चेहरे पर उल्लास एवं खुशी थी। उनका कहना था कि ऐसे विपदा की घड़ी में उनकी घर वापसी के लिए ऐसे इंतजाम करना बेहद मुश्किल थे। लेकिन बाड़मेर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने यह कर दिखाया। उनकी घर वापसी हो रही है, इसके लिए वे जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के विशेष आभारी रहेंगे।

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