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बाड़मेर, 6007 प्रवासियों का आगमन, 2139 ने किया प्रस्थान।

बाड़मेर, 6007 प्रवासियों का आगमन, 2139 ने किया प्रस्थान। बाड़मेर। लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे राज्य के प्रवासियों की व...

बाड़मेर, 6007 प्रवासियों का आगमन, 2139 ने किया प्रस्थान।

बाड़मेर। लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे राज्य के प्रवासियों की वापसी जारी है। शनिवार को जिले में कुल 3242 श्रमिकों एवं प्रवासियों का आगमन हुआ।
जिला कलक्टर विश्राम मीणा ने बताया कि जिले में शनिवार को गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब एवं तेलंगाना से राज्य के प्रवासियों एवं श्रमिकों को जिले कि सीमा में प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में शनिवार को गुजरात से 3067, महाराष्ट्र से 92, मध्यप्रदेश से 33, कर्नाटक से 12, हरियाणा से 1, दिल्ली से 5, आंध्र प्रदेश से 16, तमिलनाडु से 7, पंजाब से 2 तथा तेलंगाना से 7 को मिलाकर कुल 3242 राज्य के प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहन से जिले में प्रवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 6007 प्रवासियों का आगमन हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिले में अन्य राज्यों के प्रवासियों को सरकारी एवं निजी वाहनों से भेजा भी जा रहा है। जिले से गुरुवार को मध्यप्रदेश के लिए 359, उत्तर प्रदेश के लिए 775 एवं महाराष्ट्र के लिए 2, पश्चिम बंगाल के लिए 1, हरियाणा के लिए 4, गुजरात के लिए 31, आंध्र प्रदेश के लिए 3, दिल्ली के लिए 26, हिमाचल प्रदेश के लिए 2, तथा उत्तराखंड के लिए 1 को मिलाकर कुल 1204 श्रमिकों को जिले की सीमा से प्रस्थान करवाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले से 2139 लोगों को अपने मूल राज्यों के लिए प्रस्थान हेतु अनुमति दी गई है।

स्वास्थ्य मानक हो पुरे
उन्होने बसों की रवानगी से पूर्व सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच कर केवल स्वस्थ यात्रियों को भेजने को कहा। वहीं जिले में आने वाले हर यात्री या प्रवासी की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए। चैक पोस्ट पर निजी वाहनों में आने वाले सभी यात्रियों के मोबाईल नम्बर अंकित करने को कहा, ताकि क्वारेंटाईन के दौरान ट्रेसिंग सुनिश्चित हो सके।

क्वारेंटाइन की कड़ाई पालन
जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले के बाहर से आने प्रवासी श्रमिकों को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरीयड का कड़ाई से पालन करना होगा। किसी भी कीमत पर क्वारेंटाइन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रहने वाले लगभग 10 लाख लोगों  क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था करने के बाद ही क्षेत्र में भेजेंगे। उन्होंने बताया कि जो गरीब और बेसहारा हैं उनके लिए भी सरकारी क्वारेंटाइन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने निगरानी दलों को सतर्क रहते हुए आने वाले प्रत्येक प्रवासी के 14 दिन के क्वॉरेंटाइन की निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

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